केरल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी ने स्टार्टअप्स के लिए ग्रांट शुरू की
केरल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी ने शुरू किया एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम, स्टार्टअप्स को दिए ग्रांट केरल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (KAU) ने एग्रीबिजनेस में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
केरल एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (KAU) ने एग्रीबिजनेस में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री आरकेवीवाई-रफ्तार स्कीम के तहत चुने गए स्टार्टअप्स को आर्थिक मदद की पहली किश्त जारी की गई है। इस पहल की शुरुआत शनिवार, 25 जुलाई 2026 को कृषि मंत्री टी. सिद्दीक ने की। उन्होंने उभरते एग्रीप्रेन्योर्स के लिए एक महीने के एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम का भी उद्घाटन किया।
एग्री स्टार्टअप्स के लिए ₹2 करोड़ का ग्रांट
इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने कृषि इनोवेशन पर काम करने वाले 19 स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने के लिए ₹2 करोड़ मंजूर किए हैं। पहले चरण में 10 योग्य स्टार्टअप्स को यह आर्थिक मदद दी गई है। यह कदम कृषि क्षेत्र में एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंत्री सिद्दीक ने केरल के ग्लोबल एग्रीकल्चरल मार्केट में छिपे हुए अवसरों पर जोर दिया। उन्होंने वैल्यू एडिशन, वैज्ञानिक प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और क्वालिटी एश्योरेंस की अहमियत बताई। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और केरल के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड एग्रीबिजनेस वेंचर्स की जरूरत पर भी जोर दिया।
KAU का एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने का विजन
केएयू की वाइस-चांसलर डॉ. सजीथा रानी ने यूनिवर्सिटी की शिक्षा के साथ-साथ एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि केएयू एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जहां छात्रों को इनोवेटिव आइडियाज और रिसर्च को वायबल एंटरप्राइजेज में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी छात्रों को इन्क्यूबेशन सपोर्ट, मेंटरिंग और फाइनेंशियल मदद भी दे रही है ताकि वे एग्रीबिजनेस में सफल हो सकें।
ट्रेनिंग प्रोग्राम के उद्देश्य
ग्रांट वितरण के साथ शुरू किए गए एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम का मकसद प्रतिभागियों को एंटरप्राइज क्रिएशन, बिजनेस प्लानिंग, फाइनेंशियल मैनेजमेंट, ब्रांडिंग और मार्केट एक्सेस जैसी प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाना है। यह प्रोग्राम एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजीज को कमर्शियलाइज करने पर भी फोकस करता है।
केएयू के एग्री बिजनेस इन्क्यूबेटर के प्रमुख डॉ. के.पी. सुधीर ने कहा कि यह प्रोग्राम इनोवेशन-ड्रिवन एंटरप्रेन्योर्स की एक नई पीढ़ी तैयार करने की कोशिश है, जो सस्टेनेबल, स्केलेबल और ग्लोबली कॉम्पिटिटिव एग्रीबिजनेस वेंचर्स बना सकें।
यह पहल केरल के कृषि क्षेत्र को बदलने और इनोवेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक अहम कदम है।
स्रोत: The Hindu
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