कलबुर्गी में 10-11 अगस्त को नाटक 'सन्नगौड़सानी' का मंचन
कलबुर्गी रंगायन 10 और 11 अगस्त को पेश करेगा शांतारस का उपन्यास आधारित नाटक 'सन्नगौड़सानी' कलबुर्गी के रंगायन ने 10 और 11 अगस्त को डॉ. एस.एम.
कलबुर्गी के रंगायन ने 10 और 11 अगस्त को डॉ. एस.एम. पंडित रंगमंदिर में नाटक सन्नगौड़सानी मंचित करने की घोषणा की है। यह नाटक नाडोजा शांतारस के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित है। दोनों दिन का शो शाम 6 बजे शुरू होगा। इस कार्यक्रम का आयोजन कन्नड़ और संस्कृति विभाग और कलबुर्गी रंगायन ने मिलकर किया है। यह जानकारी शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में रंगायन की डायरेक्टर सुजाता जंगमशेट्टी ने दी।
गांव की जिंदगी और इंसानी जटिलताओं पर आधारित नाटक
इस नाटक को महांतेश नवलकाल ने लिखा है और इसका निर्देशन प्रवीन रेड्डी गुंजनहल्ली ने किया है। सन्नगौड़सानी हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के गांवों की सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और धार्मिक स्थितियों को दिखाता है। कहानी मेहबूब जान के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें गांव के मुखियाओं की आपसी दुश्मनी, एक महिला का दिल जीतने की उनकी कोशिशें, और इसके चलते निर्दोष ग्रामीणों की जिंदगी में आई उथल-पुथल को दिखाया गया है। सुजाता जंगमशेट्टी ने कहा, "यह उपन्यास इंसानी अच्छाई और कमजोरियों को सच्चाई से दिखाता है और ग्रामीण कर्नाटक की पूरी जिंदगी को सामने लाता है।"
सांस्कृतिक और कलात्मक योगदान
नाटक में शांतारस की ग़ज़लों को शामिल किया गया है, जो लेखक को श्रद्धांजलि है। संगीत राघव कम्मार (धारवाड़) ने तैयार किया है और उनके साथ उनकी टीम ने भी मंच के गाने गाए हैं। मंच की सजावट और प्रॉप्स का काम राजकुमार एस.के. ने संभाला है, जबकि लाइटिंग और सह-निर्देशन की जिम्मेदारी श्रीनिवास दोरणहल्ली ने ली है।
उद्घाटन और खास मेहमान
कर्नाटक सूचना आयोग के चेयरमैन बी. वेंकट सिंह इस नाटक का उद्घाटन करेंगे। अन्य खास मेहमानों में कन्नड़ और संस्कृति विभाग के जॉइंट डायरेक्टर बसवराज हुगर, रंगायन के प्रशासनिक अधिकारी सिद्राम सिंधे, बागलकोट रंगसमाज के सदस्य महांतेश एम. गजेंद्रगड और पत्रकार शेषमूर्ति अवधानी शामिल होंगे।
क्षेत्रीय थिएटर को बढ़ावा
कलबुर्गी रंगायन की स्थापना हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र में थिएटर को बढ़ावा देने और स्थानीय परंपराओं पर आधारित सांस्कृतिक आंदोलन को मजबूत करने के लिए की गई थी। सिद्राम सिंधे ने कहा, "थिएटर एक अनोखा और जीवंत माध्यम है, और कलबुर्गी में इसे फलते-फूलते देखना खुशी की बात है।"
नाटक के पोस्टर का अनावरण वरिष्ठ नाटककार शंकरय्या घंती ने किया। इसके बाद पत्रकारों के लिए एक विशेष प्रस्तुति दी गई।
सन्नगौड़सानी का यह मंचन एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम होने का वादा करता है, जो दर्शकों को शांतारस की साहित्यिक कृति के जरिए ग्रामीण जीवन और इंसानी स्वभाव की गहरी झलक देगा।
स्रोत: The Hindu
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