जम्मू-कश्मीर के 25 शहरों के लिए जीआईएस मास्टर प्लान बन रहे हैं
मुख्यमंत्री ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के मंत्री-इन-चार्ज के तौर पर विधानसभा को जम्मू-कश्मीर में शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, सिविक सर्विसेज को बेहतर बनाने और रोजी-रोटी से
मुख्यमंत्री ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के मंत्री-इन-चार्ज के तौर पर विधानसभा को जम्मू-कश्मीर में शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, सिविक सर्विसेज को बेहतर बनाने और रोजी-रोटी से जुड़े सपोर्ट के लिए चल रही अहम पहलों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरों और कस्बों के योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देने के लिए मास्टर प्लान के आधार पर काम किया जा रहा है। इन मास्टर प्लान के जरिए श्रीनगर, जम्मू, उधमपुर और कटरा सहित शहरों और कस्बों के विकास को गाइड किया जा रहा है। इसके साथ ही AMRUT 2.0 के तहत 25 शहरों और कस्बों के लिए GIS-based मास्टर प्लान भी तैयार किए जा रहे हैं।
स्ट्रीट वेंडर्स की मदद के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं। सोपोर जैसे म्युनिसिपल काउंसिल क्षेत्रों में सर्वे, पहचान पत्र जारी करने, अलग से वेंडिंग जोन विकसित करने और फाइनेंशियल लिटरेसी कैंप लगाने जैसे उपाय शामिल हैं। PM SVANidhi के तहत योग्य वेंडर्स को बिना कोलेटरल के वर्किंग कैपिटल लोन मिल सकता है, जो अलग-अलग किस्तों में मिलाकर ₹90,000 तक होता है।
श्रीनगर के सेंट्रल शाल्टेंग और आसपास के इलाकों में पानी की सप्लाई बेहतर करने के लिए रंगिल और अलुस्तेंग में फिल्ट्रेशन प्लांट बनाए जा रहे हैं। इनकी क्षमता क्रमश: 5 MGD और 5.5 MGD है। इन प्रोजेक्ट्स को जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में सुधार का काम भी किया जा रहा है।
जम्मू ईस्ट में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जम्मू यूनिवर्सिटी नाला और राजिंदर नगर डीप ड्रेन को अपग्रेड करने का काम चल रहा है। इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। जम्मू म्युनिसिपल कॉरपोरेशन लागू solid waste management rules के मुताबिक घर-घर से कचरा इकट्ठा करने और municipal solid waste की scientific processing का काम भी कर रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जम्मू-कश्मीर में किन शहरों के लिए GIS-based मास्टर प्लान बन रहे हैं?
AMRUT 2.0 के तहत जम्मू-कश्मीर के 25 शहरों और कस्बों के लिए GIS-based मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं।
इन मास्टर प्लान का मकसद क्या है?
इनका मकसद शहरों और कस्बों का योजनाबद्ध विकास करना है। श्रीनगर, जम्मू, उधमपुर और कटरा जैसे शहरों के विकास को मास्टर प्लान के आधार पर गाइड किया जा रहा है।
स्ट्रीट वेंडर्स के लिए क्या मदद दी जा रही है?
सोपोर जैसे इलाकों में वेंडर्स का सर्वे, पहचान पत्र, अलग वेंडिंग जोन और फाइनेंशियल लिटरेसी कैंप जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। PM SVANidhi के तहत योग्य वेंडर्स को बिना कोलेटरल के ₹90,000 तक वर्किंग कैपिटल लोन मिल सकता है।
श्रीनगर में पानी की सप्लाई बेहतर करने के लिए क्या काम हो रहा है?
सेंट्रल शाल्टेंग और आसपास के इलाकों के लिए रंगिल और अलुस्तेंग में फिल्ट्रेशन प्लांट बनाए जा रहे हैं। इनकी क्षमता 5 MGD और 5.5 MGD है।
जम्मू ईस्ट में जलभराव से निपटने के लिए क्या योजना है?
जम्मू यूनिवर्सिटी नाला और राजिंदर नगर डीप ड्रेन को अपग्रेड किया जा रहा है। यह काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
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