केंद्र ने जम्मू-कश्मीर के 10 आईटीआई अपग्रेड करने को ₹475.41 करोड़ मंजूर किए
जम्मू, 2026: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने केंद्र सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर में 10 सरकारी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट यानी ITI को अपग्रेड करने के लिए ₹475.41 करोड़ की
जम्मू, 2026: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने केंद्र सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर में 10 सरकारी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट यानी ITI को अपग्रेड करने के लिए ₹475.41 करोड़ की निवेश योजना को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने इस मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी का आभार जताया।
यह मंजूरी PM-SETU योजना के तहत नेशनल स्टीयरिंग कमेटी ने दी है। इस फैसले को जम्मू-कश्मीर में स्किल डेवलपमेंट सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे वोकेशनल ट्रेनिंग के लिए उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
मंजूर की गई योजना के तहत जम्मू क्लस्टर को ₹240 करोड़ का निवेश मिलेगा। ITI जम्मू को इस क्लस्टर का हब इंस्टीट्यूट बनाया गया है। इसके साथ ITI R.S. Pura, Nowshera, Samba और Kathua को लिंक्ड इंस्टीट्यूट के तौर पर शामिल किया गया है।
वहीं, श्रीनगर क्लस्टर के लिए ₹235.41 करोड़ का निवेश तय किया गया है। ITI Srinagar इस क्लस्टर का हब इंस्टीट्यूट होगा। ITI Ganderbal, Kangan, Budgam और Charar-i-Sharief को इसके लिंक्ड इंस्टीट्यूट के रूप में जोड़ा गया है।
प्रस्तावित अपग्रेडेशन के तहत ITI में आधुनिक वर्कशॉप, एडवांस मशीनरी और उपकरण उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग को बेहतर बनाने और इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से कोर्स तैयार करने की योजना है। इसका मकसद युवाओं को बदलते जॉब मार्केट के लिए जरूरी स्किल देना है।
सुनील शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा, “I sincerely thank Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi and Union Minister Shri Jayant Chaudhary for this landmark approval. The investment of ₹475.41 crore will give a major boost to skill development in Jammu and Kashmir and open new avenues of opportunity for our youth. By strengthening our ITIs and aligning vocational training with industry requirements, this initiative will help our young people become more skilled, employable and self-reliant.”
उन्होंने कहा कि ITI को मजबूत करने और वोकेशनल ट्रेनिंग को इंडस्ट्री की जरूरतों से जोड़ने से जम्मू-कश्मीर के युवाओं को बेहतर कौशल मिल सकेगा। इससे उनकी रोजगार पाने की क्षमता बढ़ेगी और वे अपने पैरों पर खड़े होने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
सुनील शर्मा ने क्लस्टर के स्तर पर जम्मू और श्रीनगर, दोनों क्षेत्रों पर बराबर ध्यान दिए जाने को भी अहम बताया। उन्होंने कहा, “The equal focus on the Jammu and Srinagar clusters reflects a commitment to ensuring balanced development across the Union Territory. Whether it is a young people from R.S. Pura or a young people from Budgam, our youth must have access to quality vocational education and skills that can translate into meaningful employment and entrepreneurship.”
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हर हिस्से के युवाओं को क्वालिटी वोकेशनल एजुकेशन और ऐसी स्किल मिलनी चाहिए, जिनका इस्तेमाल रोजगार और उद्यमिता के लिए किया जा सके। उनके मुताबिक, R.S. Pura से लेकर Budgam तक युवाओं के लिए ट्रेनिंग के अवसरों में संतुलन जरूरी है।
स्किल डेवलपमेंट से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का जिक्र करते हुए सुनील शर्मा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में ITI की संख्या 2014 में 35 थी, जो अब बढ़कर 56 हो गई है। इसी अवधि में सीटिंग कैपेसिटी भी लगभग 3,800 से बढ़कर 12,400 से ज्यादा हो गई है।
उन्होंने कहा, “The expansion of ITIs and the substantial increase in training capacity reflect the growing emphasis on skill development under the leadership of Prime Minister Narendra Modi. The focus must now remain on quality training, industry participation and ensuring that these institutions become effective gateways to employment and economic empowerment,”
सुनील शर्मा ने कहा कि ITI की संख्या और ट्रेनिंग कैपेसिटी में बढ़ोतरी से स्किल डेवलपमेंट पर बढ़ते जोर का पता चलता है। अब ध्यान क्वालिटी ट्रेनिंग, इंडस्ट्री की भागीदारी और इन संस्थानों को रोजगार और आर्थिक मजबूती तक पहुंचने का असरदार जरिया बनाने पर रहना चाहिए।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का भी आभार जताया। सुनील शर्मा ने कहा कि उपराज्यपाल का स्किल डेवलपमेंट और वोकेशनल एजुकेशन को मजबूत करने में लगातार समर्थन और प्रयास रहा है।
इसके साथ ही विधानसभा में विपक्ष के नेता ने उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार से UT का matching share, जहां भी लागू हो, समय पर जारी करने की अपील की। उन्होंने सरकार से सभी जरूरी प्रशासनिक और प्रक्रियागत औपचारिकताएं बिना देरी पूरी करने को कहा।
सुनील शर्मा ने कहा, “The Centre has taken an important step by approving this major investment. The UT administration must now act with urgency and ensure that no young person is deprived of these opportunities because of administrative delays. Timely implementation is essential to translate this approval into modern training facilities, industry-ready skills and sustainable employment for the youth of Jammu and Kashmir,” Sunil Sharma said.
उन्होंने कहा कि केंद्र की मंजूरी के बाद अब UT प्रशासन की जिम्मेदारी है कि योजना को समय पर लागू किया जाए। प्रशासनिक देरी की वजह से किसी भी युवा को इन अवसरों से वंचित नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, समय पर अमल होने से यह मंजूरी आधुनिक ट्रेनिंग सुविधाओं, इंडस्ट्री के लिए तैयार स्किल और जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए टिकाऊ रोजगार में बदल सकेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जम्मू-कश्मीर के कितने ITI को अपग्रेड किया जाएगा?
केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर के 10 सरकारी ITI को अपग्रेड करेगी।
ITI अपग्रेड करने के लिए कितनी राशि मंजूर हुई है?
PM-SETU योजना के तहत ₹475.41 करोड़ की निवेश योजना मंजूर हुई है।
जम्मू और श्रीनगर क्लस्टर को कितना निवेश मिलेगा?
जम्मू क्लस्टर को ₹240 करोड़ और श्रीनगर क्लस्टर को ₹235.41 करोड़ मिलेंगे।
ITI अपग्रेडेशन के तहत क्या सुविधाएं दी जाएंगी?
ITI में आधुनिक वर्कशॉप, एडवांस मशीनरी और उपकरण दिए जाएंगे। इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग बेहतर होगी और इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से कोर्स तैयार किए जाएंगे।
इस योजना से युवाओं को क्या फायदा होगा?
युवाओं को बदलते जॉब मार्केट के लिए जरूरी स्किल मिलेंगी, जिससे उनकी रोजगार पाने की क्षमता बढ़ेगी और उद्यमिता के नए मौके मिलेंगे।
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