1 नवंबर को सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर 20 दलों की महारैली
SIR विवाद मामले में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस पार्टी और अन्य 19 दलों की ओर से महारैली आयोजित की जाएगी।
SIR विवाद मामले में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस पार्टी और अन्य 19 दलों की ओर से महारैली आयोजित की जाएगी। इस महारैली में हिमाचल प्रदेश भी अहम भूमिका निभाएगा। कांग्रेस ऑब्जर्वर कमलकांत ने बिलासपुर में प्रेसवार्ता कर दिल्ली चलो अभियान से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी।
कमलकांत ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र से करीब 200 कांग्रेस कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचेंगे। कार्यकर्ताओं के दिल्ली जाने के लिए बसों की व्यवस्था की जाएगी। उनके खाने-पीने समेत दूसरी सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के विधायक, मंत्री और पूर्व मंत्री संभालेंगे।
दिल्ली में होने वाली महारैली को लेकर कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन्हीं तैयारियों का जायजा लेने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य और पांच जिलों के ऑब्जर्वर कमलकांत बिलासपुर पहुंचे। उन्होंने यहां प्रेसवार्ता के दौरान पार्टी के कार्यक्रम और कार्यकर्ताओं की भागीदारी को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष बंबर ठाकुर, जिलाध्यक्ष अंजना धीमान और पूर्व विधायक तिलकराज शर्मा सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
कमलकांत ने आरोप लगाया कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने CEC ज्ञानेश कुमार से मिलकर देश में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से काटने का काम किया। उनके मुताबिक, इसका नतीजा यह रहा कि हरियाणा, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की सरकार नहीं बन पाई।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने को लेकर भी कमलकांत ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में सरकार बनने का मुख्य कारण जनता के बीच पूर्व भाजपा सरकार के प्रति गहरा रोष था। कमलकांत ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार बेहतरीन काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में किसी भी मतदाता का नाम कटने नहीं दिया जाएगा। कमलकांत ने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग ने प्रजातंत्र की हत्या का काम किया है।
कमलकांत ने कहा कि इसी वजह से CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हर हाल में लिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस इस मांग को लेकर पीछे नहीं हटेगी और 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महारैली में हिमाचल प्रदेश की भागीदारी अहम रहेगी।
पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस पार्टी और अन्य दलों की ओर से आयोजित विशाल प्रदर्शन में हिमाचल प्रदेश से भी कांग्रेस कार्यकर्ता बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता प्रजातंत्र और संविधान की रक्षा के लिए राहुल गांधी सहित कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का पूर्ण सहयोग करेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महारैली कब और कहां आयोजित की जाएगी?
महारैली 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित की जाएगी।
महारैली किस मांग को लेकर हो रही है?
महारैली CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और 19 अन्य दलों की ओर से आयोजित की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश से कितने कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली जाएंगे?
हिमाचल प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र से करीब 200 कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली जाएंगे।
दिल्ली जाने वाले कार्यकर्ताओं के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
कार्यकर्ताओं के लिए बसों की व्यवस्था की जाएगी। उनके खाने-पीने और दूसरी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित विधायक, मंत्री और पूर्व मंत्री संभालेंगे।
कमलकांत ने CEC और चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
कमलकांत ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए और चुनाव आयोग ने प्रजातंत्र की हत्या की।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
शामली में परिवार पर जानलेवा हमले का आरोप, दो महिलाएं गंभीर
- 2
54वें विशाल कुश्ती दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम, काजल बनीं महिला केसरी और …
- 3
श्रावस्ती में बड़ा फेरबदल, कई अफसरों के बदले प्रभार
- 4
हाथरस के ऐहन गांव में ठाकुर जी मेले पर सजा कुश्ती दंगल
- 5
महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है शहडोल का शमी वृक्ष
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।