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स्विस बैंकों में भारतीय फंड 2025 में 8% घटकर ₹36,793 करोड़ हुए

स्विस बैंकों में भारतीय फंड 2025 में 8% घटकर ₹36,793 करोड़ पर पहुंचे, लेकिन कस्टमर डिपॉजिट में 50% की बढ़ोतरी स्विस नेशनल बैंक (SNB) के सालाना डेटा के मुताबिक, 2025 में स्विस बैंकों में भारतीय

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स्विस नेशनल बैंक (SNB) के सालाना डेटा के मुताबिक, 2025 में स्विस बैंकों में भारतीय क्लाइंट्से जुड़े फंड 8% से ज्यादा गिरकर 3.25 बिलियन स्विस फ्रैंक (करीब ₹36,793 करोड़) रह गए। ये कमी मुख्य रूप से अन्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों के जरिए रखे गए फंड में आई गिरावट की वजह से हुई, जो स्विट्जरलैंड में भारतीय फंड का सबसे बड़ा हिस्सा बने हुए हैं।

हालांकि, कुल गिरावट के बावजूद, सीधे कस्टमर अकाउंट्स में रखे गए डिपॉजिट्स में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई। इंडिविजुअल और इंस्टीट्यूशनल क्लाइंट्स के फंड 50% से ज्यादा बढ़कर 524 मिलियन स्विस फ्रैंक (करीब ₹6,000 करोड़) पर पहुंच गए। लेकिन ये सीधे डिपॉजिट्स कुल भारतीय फंड का सिर्फ 16% हिस्सा हैं।

SNB के डेटा में दिखाया गया कि बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के जरिए रखे गए फंड पिछले साल के मुकाबले करीब 15% घटकर 2025 के अंत तक लगभग 2.6 बिलियन स्विस फ्रैंक पर आ गए। फिडूशियरी और ट्रस्ट्स के जरिए रखे गए एसेट्स में और भी तेज गिरावट आई, जो 55% घटकर 18.6 मिलियन स्विस फ्रैंक पर पहुंच गए। अन्य देनदारियां, जैसे बॉन्ड, सिक्योरिटीज और फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स, भी घटकर 105.7 मिलियन स्विस फ्रैंक पर आ गईं।

ये गिरावट 2024 में आए तेज उछाल के बाद हुई है, जब भारतीय फंड तीन गुना बढ़कर 3.5 बिलियन स्विस फ्रैंक पर पहुंच गए थे—2021 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर। 2024 की बढ़ोतरी मुख्य रूप से स्थानीय ब्रांचेज और अन्य वित्तीय संस्थानों के जरिए रखे गए फंड में बढ़ोतरी की वजह से हुई थी। SNB ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े स्विस बैंकों की भारतीय क्लाइंट्स के प्रति कुल देनदारियां दिखाते हैं, जिसमें इंडिविजुअल्स, कंपनियों और बैंकों के डिपॉजिट्स और नॉन-डिपॉजिट देनदारियां शामिल हैं।

डेटा में स्विट्जरलैंड में काम कर रही स्विस बैंक ब्रांचेज के जरिए रखे गए फंड भी शामिल हैं। हालांकि, स्विसेंट्रल बैंक ने जोर देकर कहा कि इन आंकड़ों को स्विट्जरलैंड में भारतीयों द्वारा रखे गए कथित ब्लैक मनी का मापदंड नहीं माना जाना चाहिए। इसके अलावा, ये डेटा तीसरे देशों में रजिस्टर्ड संस्थाओं के जरिए रखे गए एसेट्स को शामिल नहीं करता।

इतिहास में, स्विस बैंकों में भारतीय फंड 2006 में लगभग 6.5 बिलियन स्विस फ्रैंके उच्चतम स्तर पर पहुंचे थे, लेकिन इसके बाद से ज्यादातर समय गिरावट में रहे हैं, बीच-बीच में कुछ बढ़ोतरी के साथ। बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) के अलग आंकड़ों के मुताबिक, जो स्विस बैंकों में भारतीयों द्वारा रखे गए डिपॉजिट्स का ज्यादा सटीक मापदंड माना जाता है, ऐसे डिपॉजिट्स 2025 में 20% बढ़कर 89.73 मिलियन डॉलर (करीब ₹780 करोड़) पर पहुंच गए, जो पिछले दो सालों में देखी गई रिकवरी को जारी रखते हैं।

स्विस अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि स्विस बैंकों में भारतीय निवासियों द्वारा रखे गए पैसे को ऑटोमैटिकली अवैध संपत्ति नहीं माना जा सकता। 2018 से, स्विट्जरलैंड और भारत टैक्स ट्रांसपेरेंसी फ्रेमवर्के तहत वित्तीय अकाउंट्स की जानकारी साझा कर रहे हैं, और 2019 से ये डेटा हर साल साझा किया जा रहा है।

अगर व्यापक स्तर पर देखा जाए, तो 2025 में स्विस बैंकों में विदेशी क्लाइंट्स के कुल फंड लगभग 8% घटकर 1.05 ट्रिलियन स्विस फ्रैंक पर पहुंच गए। स्विस बैंकों में सबसे ज्यादा फंड रखने वाले देशों में यूनाइटेड किंगडम 192 बिलियन स्विस फ्रैंके साथ पहले स्थान पर रहा, इसके बाद अमेरिका और फ्रांस का नंबर आता है। भारत ने अपनी रैंकिंग सुधारते हुए 48वें स्थान से 46वें स्थान पर जगह बनाई।

दक्षिण एशिया में, पाकिस्तान के स्विस बैंकों में फंड 272 मिलियन स्विस फ्रैंक से घटकर 257 मिलियन पर आ गए, जबकि बांग्लादेश ने 43% की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 842 मिलियन स्विस फ्रैंक पर पहुंच गए।

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