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भारत की स्पेस इकॉनमी 2036 तक $45 बिलियन तक पहुंचेगी

भारत की स्पेस इकॉनमी 2036 तक $45 बिलियन तक बढ़ने की उम्मीद है, 400+ स्टार्टअप्स और पॉलिसी सुधारों के चलते।

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भारत की स्पेस इकॉनमी 2036 तक $8-9 बिलियन से बढ़कर $45 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने RISE कॉन्क्लेव 2026 में बताया कि 400 से ज्यादा स्पेस्टार्टअप्स और पॉलिसी सुधार इस ग्रोथ को आगे बढ़ा रहे हैं।

डॉ. सिंह ने बताया कि चंद्रयान-3 जैसी मिशन ने भारत को अग्रणी स्पेस देशों में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल गवर्नेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में हो रहा है, जैसे पीएम गति शक्ति और शहरी विकास प्रोग्राम्स।

मंत्री ने कहा कि भारत में विज्ञान और टेक्नोलॉजी अब लैब्से बाहर आकर आम जनता के जीवन का हिस्सा बन गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज्ञान-आधारित प्रोग्राम्स जैसे डिजिटल इंडिया और गगनयान को इसका श्रेय दिया।

भारत के स्पेस्टार्टअप्स, जो कुछ साल पहले तक गिने-चुने थे, अब 400 से ज्यादा हो गए हैं। ये स्टार्टअप्स देश की इकॉनमी और टेक्नोलॉजिकल आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रहे हैं, जो 'विकसित भारत 2047' के विजन से मेल खाता है।

डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि हालिया PSLV मिशन में आई समस्या से सीखे गए सबक भविष्य की परियोजनाओं को और मजबूत करेंगे। उन्होंने भारत की इनोवेशन और ग्लोबल टेक्नोलॉजी पार्टनर के रूप में बढ़ती साख पर जोर दिया।

मुख्य बातें
- भारत की स्पेस इकॉनमी 2036 तक $45 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद।
- 400 से ज्यादा स्पेस्टार्टअप्स इस ग्रोथ को आगे बढ़ा रहे हैं।
- चंद्रयान-3 जैसे मिशन ने भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत की।
- स्पेस टेक्नोलॉजी से गवर्नेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर में मदद हो रही है।
- 'विकसित भारत 2047' के तहत इनोवेशन पर जोर दिया जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2036 तक भारत की स्पेस इकॉनमी कितनी बड़ी हो सकती है?
भारत की स्पेस इकॉनमी 2036 तक $45 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है।

भारत में कितने स्पेस्टार्टअप्स सक्रिय हैं?
भारत में 400 से ज्यादा स्पेस्टार्टअप्स काम कर रहे हैं।

भारत के विकास में स्पेस टेक्नोलॉजी का क्या योगदान है?
स्पेस टेक्नोलॉजी गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग में मदद करती है।

स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, 14 JUN 2026. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2272658

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की स्पेस इकॉनमी 2036 तक कितनी बड़ी हो जाएगी?

भारत की स्पेस इकॉनमी 2036 तक $45 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। यह अभी $8-9 बिलियन से बढ़ कर पाँच गुना से ज्यादा हो जाएगी।

भारत में कितने स्पेस्टार्टअप्स काम कर रहे हैं?

भारत में अभी 400 से ज्यादा स्पेस्टार्टअप्स सक्रिय हैं। ये स्टार्टअप्स देश की इकॉनमी और टेक्नोलॉजिकल आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ा रहे हैं।

स्पेस टेक्नोलॉजी से भारत के विकास में क्या मदद हो रही है?

स्पेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल गवर्नेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में हो रहा है, जैसे PM गति शक्ति और शहरी विकास प्रोग्राम्स में।

चंद्रयान-3 मिशन का भारत के स्पेस सेक्टर में क्या महत्व है?

चंद्रयान-3 जैसे मिशन ने भारत को अग्रणी स्पेस देशों में शामिल किया है और भारत की वैश्विक साख को मजबूत किया है।

#chandrayaan-3#india#science and technology#space economy#startups

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