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किसान की बेटी इल्मा अफरोज बनीं आईपीएस, यूपीएससी में 217वीं रैंक

यूपी के मुरादाबाद जिले के कुंदरकी से निकलीं इल्मा अफरोज की कहानी मेहनत, हौसले और परिवार के भरोसे की कहानी है।

किसान की बेटी इल्मा अफरोज बनीं आईपीएस, यूपीएससी में 217वीं रैंक
Image credit: News Darpan Team

यूपी के मुरादाबाद जिले के कुंदरकी से निकलीं इल्मा अफरोज की कहानी मेहनत, हौसले और परिवार के भरोसे की कहानी है। एक छोटे किसान परिवार की बेटी इल्मा ने UPSC 2017 की परीक्षा में 217वीं रैंक हासिल की और 2018 बैच की IPS अधिकारी बनीं। आज वह हिमाचल प्रदेश कैडर की अधिकारी हैं और खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा मानी जाती हैं।

रिपोर्ट, रजत मल्होत्रा

मुरादाबाद के छोटे से गांव कुंदरकी में जन्मीं इल्मा अफरोज का बचपन आसान नहीं था। वह एक छोटे किसान परिवार से आती हैं। जब वह महज 14 साल की थीं, तब उनके किसान पिता का निधन हो गया था। source material के मुताबिक, उनके पिता की मौत कैंसर से हुई थी। पिता के जाने के बाद घर की आर्थिक हालत बेहद कमजोर हो गई।

उस समय इल्मा के छोटे भाई की उम्र 12 साल थी। पिता की मौत के बाद उनकी मां ने अकेले ही इल्मा और उनके 12 साल के छोटे भाई की परवरिश की। घर में मुश्किलें थीं, पैसे की तंगी थी और आगे की राह आसान नहीं दिख रही थी। इसी दौरान रिश्तेदारों ने इल्मा की शादी का दबाव बनाया।

लेकिन इल्मा की मां और भाई उनके साथ मजबूती से खड़े रहे। परिवार ने दहेज के लिए पैसे जोड़ने की बजाय बेटी की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। source material में बताया गया है कि उनके भाई ने दहेज के लिए पैसे जोड़ने की बजाय अपनी बहन की पढ़ाई पर हर पैसा खर्च करने का फैसला लिया। उनकी मां ने भी बेटी की शिक्षा पर पैसा लगाने का फैसला किया।

इल्मा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई कुंदरकी में ही की। छोटे कस्बे से पढ़ाई शुरू करने के बाद वह दिल्ली पहुंचीं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। यहां उन्होंने फिलॉसफी में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई में अपनी काबिलियत के दम पर उन्हें आगे का रास्ता मिला।

सेंट स्टीफेंस कॉलेज के बाद इल्मा अफरोज ने स्कॉलरशिप हासिल की और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी तक का सफर तय किया। उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वुल्फसन कॉलेज में स्कॉलरशिप मिली। कुंदरकी से दिल्ली और फिर ऑक्सफोर्ड तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने पढ़ाई जारी रखी।

विदेश में पढ़ाई के दौरान भी संघर्ष कम नहीं हुआ। पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए उन्होंने पार्ट-टाइम नौकरियां कीं। इनमें इंग्लैंड में बर्तन धोने तक का काम शामिल था। परिवार ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वह कई बार घर भी नहीं आ पाती थीं।

ऑक्सफोर्ड के बाद इल्मा अफरोज एक्सचेंज स्टूडेंट के तौर पर पेरिस के Sciences Po में भी पढ़ीं। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के मैनहट्टन में वॉलंटरी सर्विस प्रोग्राम में हिस्सा लिया। source material में यह भी बताया गया है कि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (इंडोनेशिया) में भी काम किया है। इसके अलावा उन्होंने फ्रांस और अमेरिका में भी काम किया।

विदेश में पढ़ाई, काम और बेहतर जिंदगी के रास्ते उनके सामने थे। अच्छी नौकरी और बेहतर जिंदगी छोड़कर देश सेवा की चाह उन्हें वापस भारत ले आई। भारत लौटकर उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्होंने UPSC की परीक्षा पहले ही प्रयास में पास की।

2017 में इल्मा अफरोज ने UPSC में 217वीं रैंक हासिल की। इसके बाद वह 2018 बैच में IPS बनीं और उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर मिला। इस सफलता से उन्होंने यह साबित किया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती।

IPS करियर की शुरुआत में प्रोबेशन के दौरान वह मंडी और ऊना में SDPO रहीं। इसके बाद वह स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स में SP बनीं। बद्दी जिले में उनकी पहली पोस्टिंग SP के रूप में रही।

बद्दी में SP रहते हुए इल्मा अफरोज ने एक और काम के लिए चर्चा बटोरी। उन्होंने अपने ऑफिस में गरीब बच्चों के लिए शाम को स्कूल शुरू किया। यह स्कूल 20 बच्चों से शुरू हुआ था और बाद में 450 से ज्यादा बच्चों तक पहुंच गया।

इल्मा अफरोज की कहानी में पिता की मौत के बाद आया संघर्ष है, मां और भाई का साथ है, दहेज के दबाव के बीच पढ़ाई को चुनने का फैसला है, इंग्लैंड में बर्तन धोकर पढ़ाई जारी रखने की जिद है और फिर पहले ही प्रयास में UPSC पास कर IPS बनने की सफलता है। मुरादाबाद के कुंदरकी की यह बेटी आज युवाओं और खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इल्मा अफरोज कौन हैं और उन्होंने यूपीएससी में कौन सी रैंक हासिल की?

इल्मा अफरोज एक छोटे किसान परिवार की बेटी हैं जिन्होंने UPSC 2017 की परीक्षा में 217वीं रैंक हासिल की और 2018 बैच की IPS अधिकारी बनीं।

इल्मा अफरोज का संबंध किस राज्य और जिले से है?

इल्मा अफरोज उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के कुंदरकी गांव की रहने वाली हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश कैडर की IPS अधिकारी हैं।

इल्मा अफरोज ने अपनी कॉलेज की पढ़ाई कहां से पूरी की?

इल्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से फिलॉसफी में ग्रेजुएशन किया और उसके बाद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की।

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