आईआईटी-तिरुपति में शुरू हुई ब्रिक्स वर्किंग ग्रुप की मीटिंग
आईआईटी-तिरुपति में जियोस्पेशल टेक्नोलॉजीज पर पांचवीं ब्रिक्स वर्किंग ग्रुप मीटिंग आईआईटी-तिरुपति ने सोमवार को अपने येरपेडु कैंपस में जियोस्पेशल टेक्नोलॉजीज पर पांचवीं ब्रिक्स वर्किंग ग्रुप मीटिंग
आईआईटी-तिरुपति ने सोमवार को अपने येरपेडु कैंपस में जियोस्पेशल टेक्नोलॉजीज पर पांचवीं ब्रिक्स वर्किंग ग्रुप मीटिंग शुरू की। तीन दिन तक चलने वाला यह इवेंट भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत आयोजित किया गया है। इस बार की थीम है "रिज़िलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण।"
जियोस्पेशल समाधान पर ग्लोबल सहयोग
इस मीटिंग में ब्रिक्स देशों और पार्टनर देशों के नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, इंडस्ट्री लीडर्स, स्टार्टअप्स और रिसर्च संगठनों का एक विविध समूह हिस्सा ले रहा है। ब्राज़ील, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका और भारत के प्रतिनिधि, साथ ही मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और यूएई के प्रतिनिधि वर्चुअली शामिल हो रहे हैं। चर्चा का मुख्य फोकस है जियोस्पेशल टेक्नोलॉजीज का इस्तेमाल करके ग्लोबल चुनौतियों का समाधान और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को आगे बढ़ाना।
उद्घाटन सत्र में प्रमुख हस्तियां
इवेंट के उद्घाटन सत्र में कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। इनमें आईआईटी-तिरुपति के डायरेक्टर के. एन. सत्यनारायण, DST के अंडर सेक्रेटरी गौतम गोविंद और DST नेशनल जियोस्पेशल प्रोग्राम डिवीजन के प्रमुख मनोरंजन मोहंती शामिल थे। वैज्ञानिक शुभा पांडे और अरिंदम भट्टाचार्य ने भी चर्चा में योगदान दिया। वक्ताओं ने ब्रिक्स देशों में जियोस्पेशल इकोसिस्टम को बेहतर बनाने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी इनोवेशन की अहमियत पर जोर दिया।
समाज की चुनौतियों पर ध्यान
आईआईटी-तिरुपति के निदेशक रोशन श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए जियोस्पेशल टेक्नोलॉजीज की समाज की बड़ी समस्याओं को हल करने की क्षमता पर जोर दिया। इस इवेंट का मकसद है सहयोग और इनोवेशन को बढ़ावा देना, जिससे ग्लोबल स्तर पर सस्टेनेबल समाधान तैयार किए जा सकें।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आईआईटी-तिरुपति में ब्रिक्स वर्किंग ग्रुप की मीटिंग किस विषय पर हो रही है?
यह मीटिंग जियोस्पेशल टेक्नोलॉजीज पर हो रही है। इसका थीम है रिज़िलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण।
यह ब्रिक्स वर्किंग ग्रुप मीटिंग कितने दिन तक चलेगी?
यह मीटिंग तीन दिन तक चलने वाली है और भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा आयोजित की गई है।
इस मीटिंग में कौन-कौन से देश हिस्सा ले रहे हैं?
ब्रिक्स के सभी पांचों देश - ब्राज़ील, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका और भारत शामिल हैं। साथ ही मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और यूएई के प्रतिनिधि भी वर्चुअली हिस्सा ले रहे हैं।
इस मीटिंग में किस तरह के प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं?
इसमें ब्रिक्स और पार्टनर देशों के नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, इंडस्ट्री लीडर्स, स्टार्टअप्स और रिसर्च संगठनों का विविध समूह हिस्सा ले रहा है।
इस इवेंट का मुख्य मकसद क्या है?
इसका मकसद जियोस्पेशल टेक्नोलॉजीज का इस्तेमाल करके ग्लोबल चुनौतियों का समाधान करना और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को आगे बढ़ाना है। साथ ही सहयोग और इनोवेशन को बढ़ावा देना भी है।
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