हैदराबाद में विप्रो सर्कल का नाम बदलकर डॉ. मनमोहन सिंह सर्कल होगा
हैदराबाद में विप्रो सर्कल और पास के पार्क का नाम डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर रखा जाएगा। सीएमसी ने प्रस्ताव को मंजूरी दी।
हैदराबाद के फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट में मौजूद विप्रो सर्कल का नाम अब ‘डॉ. मनमोहन सिंह सर्कल’ किया जाएगा। साइबराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन यानी सीएमसी ने इससे जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
यह फैसला सीएमसी की 8वीं साधारण बैठक में लिया गया। यह बैठक सोमवार, 5 अक्टूबर को हुई थी।
इस प्रस्ताव कोर अर्बन रीजन (इंटीग्रेटेड गवर्नेंस) एक्ट, 2026 की धारा 137 के तहत मंजूरी दी गई है।
सर्कल के पास बने पार्क का भी नाम बदलेगा
नगर निकाय ने सर्कल के पास मौजूद 2.97 एकड़ के पार्क का नाम बदलने को भी मंजूरी दी है। इस पार्क को हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी एचएमडीए ने विकसित किया है। अब इस पार्क का नाम ‘डॉ. मनमोहन सिंह मेमोरियल पार्क’ रखा जाएगा।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हाल ही में इस पार्क में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया था।
नाम बदलने का यह प्रस्ताव उन कई मुद्दों में शामिल था, जिन पर नगर निकाय की बैठक के दौरान विचार किया गया।
यह फैसला अरामघर-जू पार्क फ्लाईओवर का नाम मनमोहन सिंह के नाम पर रखे जाने के बाद आया है। इसके साथ ही हैदराबाद के एक और प्रमुख लैंडमार्क का नाम मनमोहन सिंह के नाम से जुड़ जाएगा।
लेकफ्रंट डेवलपमेंट का प्रस्ताव
सीएमसी ने दुर्गम चेरुवु के लेकफ्रंट के एकीकृत विकास और कायाकल्प के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल यानी एसपीवी बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस एसपीवी का नाम दुर्गम चेरुवु लेकफ्रंट डेवलपमेंट कंपनी यानी डीसीडीसी होगा।
प्रस्तावित विकास के लिए दुर्गम चेरुवु झील के आसपास करीब 140 एकड़ जमीन की पहचान की गई है।
इस प्रस्ताव की सरकार से सिफारिश की जानी है।
लेकफ्रंट का यह प्रस्ताव उन नागरिक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मामलों में शामिल था, जिन्हें बैठक के दौरान कॉरपोरेशन के सामने रखा गया।
ड्रेनेज और नागरिक सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट
सीएमसी ने जिन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्तावों को मंजूरी दी, उनमें 5.95 करोड़ रुपये का स्ट्रैटेजिक नाला डेवलपमेंट प्रोग्राम यानी एसएनडीपी प्रोजेक्ट भी शामिल है।
इस प्रोजेक्ट के तहत ट्रेंड्ज जूनियर से वाशिनीवी प्राइड अपार्टमेंट तक बॉक्स ड्रेन के बचे हुए हिस्से का निर्माण किया जाएगा।
बॉक्स ड्रेन के इस नए हिस्से को पहले से बने उस बॉक्स ड्रेन से जोड़ा जाएगा, जो गफ्फोर नगर जंक्शन से दुर्गम चेरुवु एंट्री प्लाजा प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
नगर निकाय ने लालसाबगुडा रोड पर ऑक्सीजन पार्क के पास गजुलारामाराम सर्कल ऑफिस बिल्डिंग बनाने को भी मंजूरी दी है।
इस ऑफिस बिल्डिंग प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 5.18 करोड़ रुपये है।
एक अन्य प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत ऑल्विन कॉलोनी में हिंदू-मुस्लिम कब्रिस्तान से ऑल्विन कॉलोनी सर्कल बॉर्डर तक एक मॉडल रोड विकसित की जाएगी।
इस मॉडल रोड प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 2.95 करोड़ रुपये है।
चिंतल कुंटा झील का कायाकल्प
एक और बड़े प्रस्ताव के तहत सीएमसी ने चिंतल कुंटा झील के कायाकल्प और विकास को मंजूरी दी है।
इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 21.59 करोड़ रुपये है।
इसमें झील से गाद निकालना, किनारों की सुरक्षा करना और पानी की गुणवत्ता बहाल करना शामिल है।
इस प्रस्ताव में बहादुरपल्ली की शुरक्षा मीडोज कॉलोनी से होकर नरलाकुंटा झील तक बॉक्स ड्रेन बनाने का काम भी शामिल है।
ये सभी काम नगर निकाय की ओर से मंजूर किए गए विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्तावों के बड़े पैकेज का हिस्सा हैं।
स्पोर्ट्स एरिना और सड़क का प्रस्ताव
चेयर की अनुमति से बैठक में रखे गए अतिरिक्त मुद्दों में सीएमसी ने गाचीबोवली जंक्शन में पीजेआर फ्लाईओवर के पास बॉक्स क्रिकेट स्पोर्ट्स एरिना विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इस एरिना को आर्सेसियम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी सीएसआर के तहत विकसित किया जाएगा।
प्रस्ताव में फ्लाईओवर के पास दिशासूचक साइन बोर्ड लगाने का काम भी शामिल है। इसके अलावा स्पोर्ट्स एरिना में सीएसआर लोगो वाले ब्रांडिंग साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।
सीएमसी ने अमीनपुर म्युनिसिपैलिटी में बांदमकोम्मु से लालाबाई कॉलोनी तक बीटी रोड बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
इस सड़क प्रोजेक्ट को टीयूएफआईडीसी की लोन सहायता के तहत शुरू किया जा रहा है।
यह प्रोजेक्ट पहले की अमीनपुर और बोल्लाराम म्युनिसिपैलिटीज से जुड़ा है। इन दोनों म्युनिसिपैलिटीज को सीएमसी में मिला दिया गया है।
इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत दो हिस्सों में 5 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
प्रोजेक्ट को लागू करने का काम फंड उपलब्ध होने और लागू नियमों, रेगुलेशन और वित्तीय प्रक्रियाओं का पालन किए जाने पर निर्भर करेगा।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हैदराबाद में विप्रो सर्कल का नया नाम क्या होगा?
विप्रो सर्कल का नाम बदलकर डॉ. मनमोहन सिंह सर्कल किया जाएगा।
सर्कल के पास बने पार्क का नाम क्या रखा जाएगा?
2.97 एकड़ के पार्क का नाम डॉ. मनमोहन सिंह मेमोरियल पार्क रखा जाएगा।
विप्रो सर्कल का नाम बदलने का फैसला किसने लिया?
साइबराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन यानी सीएमसी ने अपनी 8वीं साधारण बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।
सीएमसी ने दुर्गम चेरुवु लेकफ्रंट के लिए क्या मंजूर किया है?
सीएमसी ने लेकफ्रंट के एकीकृत विकास और कायाकल्प के लिए दुर्गम चेरुवु लेकफ्रंट डेवलपमेंट कंपनी यानी डीसीडीसी नाम की एसपीवी बनाने का प्रस्ताव मंजूर किया है।
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