हांगकांग पोस्ट कर्मचारियों ने कहा, ट्रांसफर स्कीम में विकल्प बहुत कम
हांगकांग पोस्ट के कर्मचारियों ने कहा कि सरकारी ट्रांसफर स्कीम में उनके अनुभव से मेल खाने वाले पद कम हैं। उन्होंने वर्कमैन और आर्टिजन पद जोड़ने की मांग की।
‘हमारे हिसाब से तैयार नहीं’: हांगकांग पोस्ट के कर्मचारियों का कहना है कि ट्रांसफर स्कीम बहुत सीमित है
जिन डाक कर्मचारियों को स्थायी कॉन्ट्रैक्ट नहीं दिए गए हैं, उनका कहना है कि सरकार की खास ट्रांसफर स्कीम में उनके करियर को आगे जारी रखने के लिए पर्याप्त और सही विकल्प नहीं हैं।
प्रभावित कर्मचारियों ने इस स्कीम को बहुत सीमित बताया है। उन्होंने ऐसे पदों तक पहुंच के लिए और रास्ते देने की मांग की है, जो उनके अनुभव से मेल खाते हों। इनमें वर्कमैन और आर्टिजन के पद भी शामिल हैं।
उपलब्ध पदों की उपयुक्तता पर कर्मचारियों के सवाल
प्रभावित कई कर्मचारियों ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट को बताया कि दी गई रियायतों से पर्याप्त मदद नहीं मिली और उनमें कर्मचारियों के कौशल या हालात का ध्यान नहीं रखा गया।
उन्होंने कहा कि ट्रांसफर की यह व्यवस्था ज्यादातर क्लेरिकल पदों पर केंद्रित थी। वहीं, उनकी उम्र, अनुभव और करियर से जुड़ी जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
डाक विभाग के एक कर्मचारी ने अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि सरकार ने दूसरी सिविल सर्विस नौकरियों में प्राथमिकता के आधार पर भर्ती की पेशकश की थी, लेकिन उनके लिए सही खाली पद बहुत कम थे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकार का वैकेंसी सिस्टम चेक किया और पाया कि ज्यादातर पद डॉक्टरों, नर्सों, एयरक्राफ्ट इंजीनियरों और मरीन ऑफिसरों के लिए थे।
उन्होंने कहा, “जो डाक कर्मचारियों के लिए उपयुक्त नहीं हैं।”
ट्रांसफर के ज्यादा विकल्प देने की मांग
कर्मचारी ने आगे कहा, “हमें कोई ऑफर नहीं मिल सकता।”
यह आलोचना ट्रांसफर स्कीम के तहत बताए गए पदों और उन डाक कर्मचारियों के कौशल के बीच के अंतर को लेकर है, जिन्हें स्थायी कॉन्ट्रैक्ट नहीं दिए गए।
कर्मचारियों की मांग है कि सरकार अभी दिए जा रहे सीमित खाली पदों से आगे बढ़कर उपलब्ध रास्तों को बढ़ाए। इसमें वर्कमैन और आर्टिजन जैसे पदों को भी शामिल किया जाए।
उनका कहना है कि इससे ऐसे विकल्प मिलेंगे, जो उनके अनुभव और हालात से ज्यादा अच्छी तरह मेल खाते हों।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हांगकांग पोस्ट के कर्मचारियों ने ट्रांसफर स्कीम को कैसा बताया?
कर्मचारियों ने इसे बहुत सीमित बताया और कहा कि इसमें उनके करियर को जारी रखने के लिए सही विकल्प कम हैं।
कर्मचारियों ने सरकार से क्या मांग की है?
उन्होंने अपने अनुभव और कौशल से मेल खाने वाले ज्यादा पद और रास्ते देने की मांग की है।
ट्रांसफर स्कीम में किन पदों पर ज्यादा ध्यान दिया गया था?
कर्मचारियों के मुताबिक, स्कीम ज्यादातर क्लेरिकल पदों पर केंद्रित थी।
सरकार के वैकेंसी सिस्टम में ज्यादातर पद किन लोगों के लिए थे?
ज्यादातर पद डॉक्टरों, नर्सों, एयरक्राफ्ट इंजीनियरों और मरीन ऑफिसरों के लिए थे।
कर्मचारी किन पदों को शामिल करने की मांग कर रहे हैं?
कर्मचारी वर्कमैन और आर्टिजन जैसे पदों को भी शामिल करने की मांग कर रहे हैं।
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