हॉन्ग कॉन्ग में पहली बार रोबोट की मदद से पेल्विस की सर्जरी सफल
चीनी यूनिवर्सिटी ऑफ हॉन्ग कॉन्ग की टीम ने शहर की पहली रोबोट-असिस्टेड पेल्विक फ्रैक्चर सर्जरी पूरी की।
चीनी यूनिवर्सिटी ऑफ हॉन्ग कॉन्ग के रिसर्चरों ने हॉन्ग कॉन्ग की पहली रोबोट-असिस्टेड पेल्विक फ्रैक्चर सर्जरी की
चीनी यूनिवर्सिटी ऑफ हॉन्ग कॉन्ग की एक सर्जिकल टीम ने शहर की पहली रोबोट-असिस्टेड ऑपरेशन पूरी कर ली है जिसमें टूटी हुई पेल्विस को ठीक किया गया। रिसर्चरों का कहना है कि इस टेक्नोलॉजी से ऑर्थोपेडिक मेडिसिन की सबसे मुश्किल प्रोसीजर में खून की कमी और टिशू डैमेज कम होगा।
डॉ रोनाल्ड वोंग मैन-येउंग के मुताबिक यह नया रोबोटिक सिस्टम पेल्विक फ्रैक्चर को ठीक करने का एक "सुरक्षित, सटीक और कम इनवेसिव" तरीका देता है। डॉ वोंग CUHK के ऑर्थोपेडिक्स और ट्रॉमेटोलॉजी डिपार्टमेंट में क्लिनिकल असोसिएट प्रोफेसर हैं। यूनिवर्सिटी की फैकल्टी ऑफ मेडिसिन ने शुक्रवार को इस उपलब्धि का ऐलान किया।
यह तकनीक क्यों अहम है
वोंग ने कहा कि पेल्विक फ्रैक्चर सर्जरी ऑर्थोपेडिक ट्रॉमा की सबसे चैलेंजिंग ऑपरेशन में से एक है क्योंकि पेल्विस के आसपास ब्लड वेसल्स और जरूरी अंगों की बड़ी संख्या होती है। कम इनवेसिव तकनीक के जरिए सर्जिकल ट्रॉमा कम करने से कॉम्प्लिकेशन काफी घट सकती हैं और शुरुआती अनुभव के आधार पर रोबोटिक सिस्टम "इन ज्यादा रिस्क वाले मरीजों के लिए एक सुरक्षित और असरदार इलाज का विकल्प" साबित हुआ है।
यह तरक्की ऐसे वक्त में आई है जब हॉन्ग कॉन्ग अपनी तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी की वजह से पेल्विक फ्रैक्चर के केसों में उछाल का सामना कर रहा है। ये फ्रैक्चर गंभीर चोटें हैं जो जानलेवा हो सकती हैं, खासतौर पर बुजुर्ग मरीजों के लिए।
वोंग ने बताया कि बुजुर्ग मरीज आमतौर पर कई मेडिकल कंडीशन से पीड़ित होते हैं जिनकी वजह से पारंपरिक सर्जिकल प्रोसीजर ज्यादा रिस्क भरी हो जाती है, इसलिए रोबोट-असिस्टेड तरीका इस ग्रुप के लिए खासतौर पर अहम है।
मेडिकल फैकल्टी ने कहा कि ऑर्थोपेडिक रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम ट्रॉमा केयर में एक "नया पन्ना" खोल सकता है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हॉन्ग कॉन्ग में रोबोट की मदद से कौन सी सर्जरी की गई?
चीनी यूनिवर्सिटी ऑफ हॉन्ग कॉन्ग की टीम ने शहर की पहली रोबोट-असिस्टेड पेल्विक फ्रैक्चर सर्जरी पूरी की है। इसमें रोबोटिक सिस्टम की मदद से टूटी हुई पेल्विस को ठीक किया गया।
पेल्विक फ्रैक्चर सर्जरी इतनी मुश्किल क्यों होती है?
पेल्विस के आसपास ब्लड वेसल्स और अहम अंगों की बहुत संख्या होती है। इसलिए यह ऑर्थोपेडिक ट्रॉमा की सबसे चैलेंजिंग सर्जरी में से एक मानी जाती है।
रोबोटिक सिस्टम से इस सर्जरी के क्या फायदे हैं?
रोबोटिक सिस्टम सुरक्षित, सटीक और कम इनवेसिव तरीका देता है। इससे खून की कमी, टिशू डैमेज और कॉम्प्लिकेशन कम होती हैं, खासतौर पर बुजुर्ग मरीजों के लिए।
यह तकनीक बुजुर्ग मरीजों के लिए खास क्यों महत्वपूर्ण है?
हॉन्ग कॉन्ग की बुजुर्ग आबादी बढ़ रही है और पेल्विक फ्रैक्चर के केसों में भी उछाल आ रहा है। बुजुर्ग मरीज आमतौर पर कई मेडिकल कंडीशन से पीड़ित होते हैं, जिससे पारंपरिक सर्जरी ज्यादा खतरनाक हो जाती है। रोबोट-असिस्टेड तरीका उनके लिए एक सुरक्षित विकल्प है।
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