हांगकांग में राइड-हेलिंग कोटा पर टैक्सी ऑपरेटर्स का विरोध
हांगकांग में राइड-हेलिंग कोटा पर बवाल, टैक्सी कारोबार और पब्लिक पर असर की चिंता हांगकांग सरकार ने राइड-हेलिंग गाड़ियों की संख्या 10,000 तक सीमित करने का प्लान बनाया है, लेकिन इस फैसले पर टैक्सी
हांगकांग सरकार ने राइड-हेलिंग गाड़ियों की संख्या 10,000 तक सीमित करने का प्लान बनाया है, लेकिन इस फैसले पर टैक्सी ऑपरेटर्स और कुछ विधायकों ने कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि ये कदम इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचा सकता है और पब्लिक की जरूरतें पूरी नहीं होंगी। सरकार का दावा है कि ये कोटा मौजूदा मांग के हिसाब से तय किया गया है, लेकिन विरोधियों को डर है कि इससे गाड़ियों की कमी, किराए में बढ़ोतरी और यात्रियों में नाराजगी हो सकती है।
टैक्सी इंडस्ट्री को आर्थिक नुकसान का डर
हांगकांग टैक्सी एंड पब्लिक लाइट बस एसोसिएशन ने इस फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि इससे टैक्सी ड्राइवरों की कमाई पर बड़ा असर पड़ रहा है। खासतौर पर नाइट शिफ्ट में काम करने वाले ड्राइवरों को बिजनेस मिलना मुश्किल हो रहा है। एसोसिएशन के चेयरमैन ने कहा, "राइड-हेलिंग कोटा ने टैक्सी कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है," और ड्राइवरों पर बढ़ते आर्थिक दबाव को लेकर चिंता जताई।
59 साल के टैक्सी ऑपरेटर चाउ ने चिंता जताई कि सरकार भविष्य में किसी बहाने से इस कोटे को और बढ़ा सकती है, जिससे टैक्सी इंडस्ट्री और ज्यादा प्रभावित होगी। उन्होंने कहा, "अर्थव्यवस्था पहले से ही खराब हालत में है," और बताया कि इस फैसले से व्यापार से जुड़े हजारों लोगों में बेचैनी है।
पब्लिक की नाराजगी की चेतावनी
विधायक मार्क चोंग हो-फंग ने सरकार पर राइड-हेलिंग सेवाओं को लेकर व्यापक नियम बनाने में देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "चैन को सिर्फ मामले को टालते रहने से बचना चाहिए," और कोटा सिस्टम के व्यापक असर पर ध्यान देने की अपील की।
हांगकांग के राइड-हेलिंग मार्केट में बड़ी भूमिका निभाने वाली कंपनी उबर ने भी इस प्रस्ताव पर असंतोष जताया है, हालांकि कंपनी की ओर से कोई खास बयान सामने नहीं आया है।
क्यों है ये मुद्दा अहम?
ये बहस ट्रांसपोर्ट सेक्टर में इनोवेशन और पारंपरिक इंडस्ट्री की सुरक्षा के बीच के तनाव को दिखाती है। जहां सरकार मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं आलोचकों का कहना है कि यह कोटा हांगकांग के ट्रांसपोर्ट सेक्टर की मौजूदा समस्याओं को और बढ़ा सकता है। इससे यात्रियों और ड्राइवरों दोनों में असंतोष बढ़ने की आशंका है।
स्रोत: South China Morning Post
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