हांगकांग में एआई विवादों और अपराधों पर बनेंगे खास कानून
हांगकांग एआई से जुड़े विवादों और अपराधों पर खास कानून बनाने की तैयारी में है। नए नियमों में डेटा सुरक्षा और कानूनी जवाबदेही पर जोर होगा।
जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए नए एआई कानूनों में डेटा गवर्नेंस और सुरक्षा को निशाना बनाया जाना चाहिए: विशेषज्ञ
हांगकांग के अधिकारियों ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े विवादों या अपराधों से निपटने के लिए खास कानून बनाए जाएंगे। वहीं, विशेषज्ञों ने ऐसे नियमों की मांग की है, जिनमें डेटा गवर्नेंस और एआई की बुनियादी सुरक्षा से जुड़े मानक शामिल हों।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कानून एआई के जिम्मेदारी से इस्तेमाल को तय करने में मदद करेंगे। साथ ही, एआई के बढ़ते इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों का जवाब देने में भी मदद मिलेगी।
उनका यह भी कहना है कि कानून में यह साफ होना चाहिए कि किसी मामले में किसकी जिम्मेदारी होगी और कानूनी जवाबदेही किसकी बनेगी। इससे कारोबारियों और आम लोगों का इस तकनीक को अपनाने को लेकर भरोसा मजबूत हो सकता है।
सरकार मौजूदा कानूनों की समीक्षा करेगी
मुख्य कार्यकारी जॉन ली का-च्यू ने अपने हालिया नीति संबोधन में कहा कि अधिकारी साइबर के जरिए होने वाले अपराधों से निपटने के लिए नए कानूनों का अध्ययन करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि न्याय विभाग की अगुवाई में एक वर्किंग ग्रुप यह जांच करेगा कि क्या मौजूदा कानून एआई प्रोडक्ट्स से होने वाली दुर्घटनाओं या नुकसान से जुड़े जिम्मेदारी के मामलों से निपटने के लिए पर्याप्त हैं।
प्रस्तावित समीक्षा में सरकार की कार्रवाई के केंद्र में जिम्मेदारी और कानूनी जवाबदेही को रखा गया है। वहीं, विशेषज्ञों ने अलग से ज्यादा साफ सुरक्षा मानकों और डेटा गवर्नेंस से जुड़े नियमों की जरूरत पर जोर दिया है।
विशेषज्ञों की यह मांग ऐसे समय आई है, जब अधिकारी इस तकनीक के इस्तेमाल से जुड़े विवादों और अपराधों से निपटने के लिए कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं।
पुलिस ने एआई को बड़ा साइबर खतरा बताया
पुलिस ने एआई को 2026 में साइबर से जुड़े पांच बड़े खतरों में से एक बताया है।
पुलिस ने ऐसे मामले दर्ज किए हैं, जिनमें संदिग्धों ने ठगी के लिए एआई से तैयार की गई सामग्री का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने ऐसे मामलों को भी दर्ज किया है, जिनमें डीपफेक की मदद से बनाए गए फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए बैंक खाते खोलने में किया गया।
ये मामले इस बात की पृष्ठभूमि का हिस्सा हैं कि एआई को किस तरह विकसित और इस्तेमाल किया जाना चाहिए, इस पर ज्यादा साफ नियम हों। साथ ही, जब एआई प्रोडक्ट्स से दुर्घटनाएं या नुकसान हो, तो इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए, यह भी साफ होना चाहिए।
विशेषज्ञों के लिए इन जिम्मेदारियों की सीमाएं तय करना सिर्फ नुकसान से निपटने के लिए जरूरी नहीं है। यह कारोबारियों और आम लोगों के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए भी जरूरी है, क्योंकि एआई का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हांगकांग में नए एआई कानून क्यों बनाए जाएंगे?
एआई से जुड़े विवादों और अपराधों से निपटने के लिए खास कानून बनाए जाएंगे।
विशेषज्ञ नए एआई कानूनों में किन बातों को शामिल करने की मांग कर रहे हैं?
विशेषज्ञ डेटा गवर्नेंस, एआई की बुनियादी सुरक्षा और साफ जिम्मेदारी तय करने वाले नियम चाहते हैं।
हांगकांग सरकार मौजूदा कानूनों की समीक्षा क्यों करेगी?
यह जांचने के लिए कि मौजूदा कानून एआई प्रोडक्ट्स से होने वाली दुर्घटनाओं या नुकसान की जिम्मेदारी तय करने के लिए पर्याप्त हैं या नहीं।
पुलिस ने एआई को किस तरह का खतरा बताया है?
पुलिस ने एआई को 2026 में साइबर से जुड़े पांच बड़े खतरों में से एक बताया है।
एआई का इस्तेमाल कर किस तरह के अपराध किए गए?
संदिग्धों ने ठगी के लिए एआई से तैयार सामग्री और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए डीपफेक से बने फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया।
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