हॉकी के दिग्गज और चार बार स्टेनली कप जीतने वाले क्लॉड लेम्यू का 60 साल की उम्र में निधन हो गया। लेम्यू अपने आक्रामक खेल और बर्फ पर अदम्य जज्बे के लिए जाने जाते थे। उन्होंने हॉकी में ऐसी छाप छोड़ी जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके निधन से खेल जगत में एक युग का अंत हो गया है।
क्लॉड लेम्यू अपने पीछे पत्नी डेबोरा और चार बच्चों को छोड़ गए हैं। उनके बेटे ब्रेंडन लेम्यू ने भी अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए प्रोफेशनल हॉकी खिलाड़ी के रूप में पहचान बनाई है। वहीं, उनके भाई जोसलीन लेम्यू भी प्रोफेशनल हॉकी खिलाड़ी हैं। लेम्यू परिवार ने हॉकी की दुनिया में एक मल्टी-जनरेशन डायनेस्टी स्थापित की है।
एनएचएल के सबसे विवादित खिलाड़ियों में से एक माने जाने वाले क्लॉड लेम्यू ने अपने करियर में दबाव भरे पलों में शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि, बर्फ के बाहर वह एक समर्पित पति और पिता थे, जो अपने परिवार को सबसे ज्यादा महत्व देते थे। उनकी पत्नी डेबोरा ने उनके शानदार करियर के दौरान हमेशा उनका साथ दिया।
हॉकी जगत में लेम्यू के योगदान को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी। उनका परिवार उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहा है और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों और जुनून को बनाए रख रहा है। खेल जगत ने एक महान खिलाड़ी को खो दिया है, लेकिन उनकी यादें हमेशा जीवित रहेंगी।