HKU के प्रेसिडेंट शियांग झांग 2028 में पद छोड़ेंगे, रिसर्च में लौटेंगे
HKU के प्रेसिडेंट शियांग झांग 2028 में अपने पद से हटेंगे, रिसर्च में लौटने की इच्छा जताई हांगकांग यूनिवर्सिटी (HKU) के प्रेसिडेंट शियांग झांग ने एलान किया है कि वह 2028 में अपने दूसरे पांच साल के
हांगकांग यूनिवर्सिटी (HKU) के प्रेसिडेंट शियांग झांग ने एलान किया है कि वह 2028 में अपने दूसरे पांच साल के कार्यकाल के अंत में पद छोड़ देंगे। सोमवार सुबह यूनिवर्सिटी के लोगों को भेजे गए एक ईमेल में झांग ने कहा कि वह लैब में वापस काम करने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी का नेतृत्व करना अपने जीवन का "सबसे बड़ा सम्मान" बताया।
लीडरशिप और भविष्य की चुनौतियों पर झांग का नजरिया
2018 से HKU के प्रेसिडेंट रहे झांग ने यूनिवर्सिटी के सामने आने वाली बड़ी चुनौतियों पर बात की। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता असर और ग्लोबल स्तर पर बढ़ते मतभेद और संघर्ष यूनिवर्सिटी के लिए अहम मुद्दे हैं।
झांग ने लिखा, "मुझे एहसास हुआ है कि अब वक्त आ गया है कि HKU नई सोच को अपनाए और कोई नया लीडर इस बड़े बदलाव का नेतृत्व करे।" उन्होंने अपना वैज्ञानिक और प्रोफेसर वाला पहचान दोहराते हुए कहा कि वह रिसर्च में लौटकर ऐसे "गहरे वैज्ञानिक सवालों" पर काम करना चाहते हैं जो समाज पर असर डाल सकते हैं।
लीडरशिप के 10 साल
झांग ने HKU में अपने कार्यकाल को यूनिवर्सिटी की अकादमिक स्थिति को बेहतर बनाने की कोशिशों से भरा बताया। उन्होंने अपने 8 साल के नेतृत्व को व्यक्तिगत और प्रोफेशनल तौर पर संतोषजनक बताया। हालांकि, उनका पद छोड़ने का फैसला लीडरशिप में बदलाव की जरूरत और उनके रिसर्च के प्रति जुनून को दिखाता है।
झांग ने कहा, "मैं अपनी लैब में लौटने के लिए उत्सुक हूं।" उन्होंने 2028 में प्रेसिडेंसी और वाइस-चांसलरशिप से रिटायर होने की योजना की पुष्टि की।
क्यों है यह अहम
झांग का एलान HKU के लिए एक बड़ा मोड़ है, जो एशिया के टॉप अकादमिक संस्थानों में से एक है। यूनिवर्सिटी को अब लीडरशिप ट्रांजिशन के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों के असर से तालमेल बैठाने की चुनौती का सामना करना होगा।
झांग का फैसला यह भी दिखाता है कि कैसे कई अकादमिक लीडर प्रशासनिक सेवाओं के बाद रिसर्च की ओर लौट रहे हैं। झांग के उत्तराधिकारी की खोज आने वाले सालों में HKU की दिशा तय करेगी क्योंकि यूनिवर्सिटी एक जटिल ग्लोबल अकादमिक माहौल में आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है।
स्रोत: South China Morning Post
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया
- 2
गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन
- 3
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन
- 4
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत
- 5
शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।