जेपी नड्डा बोले, हिमाचल के 25 नेशनल हाईवे पर 55,103 करोड़ निवेश
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा अपने गृह जिला बिलासपुर के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। उन्होंने उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित बचत भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता की।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा अपने गृह जिला बिलासपुर के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। उन्होंने उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित बचत भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, रेलवे प्रोजेक्ट्स और NHAI प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई।
बैठक में विकास कार्यों की मौजूदा स्थिति, प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस रिपोर्ट और उनसे जुड़े मामलों पर जानकारी रखी गई। बैठक के दौरान मंडी से लोकसभा सांसद कंगना रनौत, कांगड़ा से लोकसभा सांसद डॉक्टर राजीव भारद्वाज और राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन मौजूद रहे।
इसके अलावा बिलासपुर सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल, नैनादेवी विधायक रणधीर शर्मा, झंडूता विधायक जीतराम कटवाल और पूर्व केबिनेट मंत्री राजेंद्र गर्ग भी बैठक में शामिल हुए। जिला के प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी भी बचत भवन में हुई इस बैठक में मौजूद रहे।
बैठक के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने प्रेसवार्ता कर इसमें हुई चर्चा और अलग-अलग परियोजनाओं की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के तहत चल रहे काम और इन परियोजनाओं में किए गए निवेश का ब्योरा सामने रखा।
जेपी नड्डा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के तहत 25 राष्ट्रीय राजमार्गों के 2 हजार 592 किलोमीटर नेटवर्क पर 55 हजार 103 करोड़ निवेश किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े कामों की प्रोग्रेस रिपोर्ट अधिकारियों से ली गई है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को लेकर भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 26,506 किलोमीटर की 4,170 सड़कों पर 13,697 करोड़ रूपये खर्च किए जा रहे हैं। इस योजना के प्रथम चरण में 9 सड़कें अभी भी लंबित हैं।
जेपी नड्डा ने बताया कि इन 9 लंबित सड़कों को मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रोग्रेस रिपोर्ट के साथ-साथ रेलवे प्रोजेक्ट्स और NHAI प्रोजेक्ट की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने 12,939 करोड़ कीरतपुर मनाली फोरलेन परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में 31 सुरंगे हैं, जिनकी लंबाई 44 किलोमीटर है। इस परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा 10,226 करोड़ रूपये की शिमला-मटौर कॉरिडोर परियोजना में 15 सुरंगे शामिल हैं। इन सुरंगों की लंबाई 13.6 किलोमीटर है। जेपी नड्डा ने बताया कि शिमला-मटौर कॉरिडोर परियोजना को वर्ष 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में रेलवे प्रोजेक्ट्स को लेकर भी बैठक में जानकारी दी गई। केंद्रीय मंत्री ने 62 किलोमीटर लंबी भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेलवे लाइन का ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि इस रेलवे लाइन की अनुमानित लागत 13,410 करोड़ है।
इस प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि परियोजना को लेकर 25 प्रतिशत राज्य सरकार की केंद्र के प्रति देनदारी है। उन्होंने बताया कि यह देनदारी 4,818 करोड़ रूपये है, लेकिन अभीतक राज्य सरकार ने 847 करोड़ रूपये ही जमा करवाए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि बिलासपुर से बैरी तक भूमिअधिग्रहण का मामला पिछले तीन सालों से राज्य सरकार के पास पेंडिंग पड़ा हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस स्थिति के कारण बिलासपुर से आगे रेलवे लाइन बनाने में उन्होंने अक्षम होने की बात कही है।
चंडीगढ़ से बद्दी रेल लाइन का मामला भी बैठक में सामने आया। जेपी नड्डा ने बताया कि इस रेल लाइन पर करीब 1,540 करोड़ की लागत आनी है। इसमें से 1,160 करोड़ व्यय किए जा चुके हैं। इस परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
चंडीगढ़ से बद्दी रेल लाइन को लेकर भी राज्य सरकार की केंद्र के प्रति देनदारी का जिक्र किया गया। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इस परियोजना को लेकर राज्य सरकार को 348 करोड़ की केंद्र के प्रति देनदारी है। इसमें से 231 करोड़ रूपये हस्तांतरित किए गए हैं।
प्रेसवार्ता में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने राज्य सरकार पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे परियोजना और स्वास्थ्य क्षेत्र में कई योजनाएं लाई जा रही हैं, लेकिन राज्य सरकार उन योजनाओं को लेकर गंभीर नहीं है।
जेपी नड्डा ने केंद्र से हिमाचल प्रदेश को दी गई धनराशि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में केंद्र सरकार द्वारा राज्य को 2,381 करोड़ रूपये दिए गए।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा 2006 करोड़ रूपये नेशनल डिजास्टर रिकवरी व रिकंस्ट्रक्शन में दिए गए हैं। एस्ट्रेनली एडिट्स प्रोजेक्ट्स के तहत रिकंस्ट्रक्शन में 2150 करोड़ रूपये दिए गए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन धनराशियों और केंद्र सरकार की ओर से किए जा रहे कामों का जिक्र राज्य सरकार के मुख्यमंत्री और मंत्री कभी नहीं करते हैं। बिलासपुर में हुई बैठक में सड़क, रेलवे और NHAI प्रोजेक्ट्स के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी केंद्र सरकार की योजनाओं पर भी इसी संदर्भ में जानकारी सामने रखी गई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जेपी नड्डा हिमाचल प्रदेश में किस मुद्दे की समीक्षा के लिए बैठक में शामिल हुए?
उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, रेलवे प्रोजेक्ट्स और NHAI प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस रिपोर्ट की समीक्षा की।
हिमाचल प्रदेश के 25 राष्ट्रीय राजमार्गों पर कितना निवेश किया गया है?
हिमाचल प्रदेश में 25 राष्ट्रीय राजमार्गों के 2,592 किलोमीटर नेटवर्क पर 55,103 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हिमाचल में कितना काम चल रहा है?
इस योजना के तहत 26,506 किलोमीटर की 4,170 सड़कों पर 13,697 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की लंबित 9 सड़कें कब तक पूरी होंगी?
इन 9 लंबित सड़कों को मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना को कब तक पूरा करने का लक्ष्य है?
12,939 करोड़ रुपये की इस परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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