एचडीएफसी बैंक ने विदेश में जुटाए 750 मिलियन डॉलर, क्या अन्य बैंक भी करेंगे?
एचडीएफसी बैंक ने विदेश में जुटाए 750 मिलियन डॉलर: क्या दूसरे भारतीय बैंक भी ऐसा करेंगे?
एचडीएफसी बैंक ने 750 मिलियन डॉलर (करीब 7,000 करोड़ रुपये) के डॉलर-डिनॉमिनेटेड सीनियर अनसिक्योर्ड बॉन्ड जारी किए हैं। इन बॉन्ड्स का कूपन रेट 5.067% प्रति वर्ष रखा गया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स ने इसमें बड़ी दिलचस्पी दिखाई है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या दूसरे भारतीय बैंक जैसे एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा भी इस तरह की फंडिंग का रास्ता अपनाएंगे?
इस कदम से भारत के बैंकिंग सिस्टम पर इन्वेस्टर्स का भरोसा दिखता है। साथ ही, यह बताता है कि ग्लोबल मार्केट में भारतीय बैंकों के हाई-क्वालिटी डेट की मांग है। बिज़नेस और कंज्यूमर्स की बढ़ती क्रेडिट डिमांड को देखते हुए, इंटरनेशनल फंडिंग मार्केट्स का इस्तेमाल भारतीय बैंकों के लिए फंडिंग को डाइवर्सिफाई करने और कैपिटल बेस मजबूत करने का अहम तरीका बन सकता है।
एचडीएफसी बैंके ये बॉन्ड पांच साल की अवधि के हैं और 24 जून, 2031 को मैच्योर होंगे। इन पर हर छह महीने में ब्याज मिलेगा, जिसकी पहली किस्त 24 दिसंबर, 2026 को आएगी। कूपन रेट अमेरिकी फेडरल रिजर्व रेट से 125 बेसिस पॉइंट और अमेरिका के पांच साल के बॉन्ड रेट से 85 बेसिस पॉइंट ज्यादा है। मौजूदा ग्लोबल इंटरेस्ट रेट कंडीशन्स के हिसाब से यह रेट काफी प्रतिस्पर्धात्मक है।
ये बॉन्ड सीनियर अनसिक्योर्ड ऑब्लिगेशन्स हैं, यानी इन्हें किसी खासंपत्ति से बैक नहीं किया गया है। लेकिन लिक्विडेशन की स्थिति में ये सबऑर्डिनेटेडेट से ऊपर आते हैं। मूडीज ने इन्हें Baa3 और S&P ने BBB रेटिंग दी है, जो एचडीएफसी बैंकी मजबूत फाइनेंशियल प्रोफाइल और मार्केट पोजिशन को दर्शाता है। इस इश्यू से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल बैंकी जनरल बैंकिंग एक्टिविटीज, खासकर ओवरसीज ऑपरेशंस, लोन ग्रोथ, लिक्विडिटी मैनेजमेंट और बिज़नेस एक्सपैंशन के लिए किया जाएगा।
ये बॉन्ड इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज (IFSC) लिमिटेड और NSE IFSC पर लिस्ट किए जाएंगे, जिससे ग्लोबल इन्वेस्टर्स के बीच इनकी विजिबिलिटी बढ़ेगी और सिक्योरिटीज में ज्यादा लिक्विडिटी आएगी। यह कदम भारत के IFSC इकोसिस्टम को विकसित करने और घरेलू इंटरनेशनल एक्सचेंज के जरिए क्रॉस-बॉर्डर फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस को बढ़ावा देने के प्रयासों के साथ मेल खाता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि एचडीएफसी बैंके सफल बॉन्ड इश्यू से दूसरे भारतीय बैंकों को भी विदेश में फंड जुटाने का भरोसा मिलेगा। इंटरनेशनल इन्वेस्टर्स उभरते मार्केट्स के मजबूत फंडामेंटल्स वाले फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस में निवेश करने के लिए उत्सुक हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े बैंक भी जल्द ही ग्लोबल डेट मार्केट्स में कदम रख सकते हैं।
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