हाथरस में डीएनए मैच नहीं हुआ, नरकंकाल अब भी बेपहचान
हाथरस के मुरसान क्षेत्र में मकान के आंगन की खुदाई के दौरान मिले नरकंकाल की पहचान दो साल बाद भी नहीं हो सकी है। नरकंकाल की डीएनए जांच कराई गई, लेकिन रिपोर्ट में उसका डीएनए पंजाबी सिंह से मैच नहीं हुआ।
हाथरस के मुरसान क्षेत्र में मकान के आंगन की खुदाई के दौरान मिले नरकंकाल की पहचान दो साल बाद भी नहीं हो सकी है। नरकंकाल की डीएनए जांच कराई गई, लेकिन रिपोर्ट में उसका डीएनए पंजाबी सिंह से मैच नहीं हुआ। इसके बाद यह मामला और ज्यादा पेचीदा हो गया है। अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि बरामद नरकंकाल किसका है और उसे मकान के आंगन में किसने दफनाया था।
यह मामला थाना कोतवाली मुरसान क्षेत्र के गांव गिलोंदपुर का है। सितंबर 2024 में पंजाबी सिंह के मकान के आंगन में खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान वहां से एक नरकंकाल बरामद हुआ था। नरकंकाल मिलने के बाद इलाके में इस मामले को लेकर सवाल खड़े हो गए थे।
पंजाबी सिंह ने दावा किया था कि बरामद नरकंकाल उसके पिता का है। उसका कहना था कि उसके पिता की करीब 30 साल पहले हत्या कर दी गई थी और शव को मकान के आंगन में ही दफना दिया गया था। पंजाबी सिंह ने इस मामले में गांव के राजवीर और अपने दो सगे भाइयों मुकेश व प्रदीप पर हत्या का आरोप लगाया था।
मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस ने नरकंकाल का डीएनए परीक्षण कराया। पुलिस की जांच रिपोर्ट में नरकंकाल का डीएनए पंजाबी सिंह से मैच नहीं हुआ। डीएनए रिपोर्ट सामने आने के बाद उस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी, जिसके मुताबिक नरकंकाल पंजाबी सिंह के पिता का था। इसके साथ ही मामले की गुत्थी पहले से भी ज्यादा उलझ गई।
अब जांच के सामने यह सवाल है कि करीब 30 साल तक मकान के आंगन में दफन रहा नरकंकाल आखिर किसका था। उसे वहां किसने दफनाया था और ऐसा क्यों किया गया था, इन सवालों के जवाब भी अभी सामने नहीं आए हैं। डीएनए जांच के बाद भी नरकंकाल की पहचान नहीं हो सकी है।
बुधवार को पंजाबी सिंह अपनी मां उर्मिला के साथ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा। मीडिया से बातचीत के दौरान पंजाबी सिंह और उर्मिला ने कहा कि घटना को करीब दो साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक इस रहस्य से पर्दा नहीं उठ सका है। दोनों ने कहा कि परिवार अब भी मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहा है।
फिल्म दृश्यम में खुदाई के दौरान मिले कंकाल का रहस्य पूरी कहानी को उलझा देता है। हाथरस के गिलोंदपुर में सामने आया यह मामला भी कुछ ऐसा ही है। मकान के आंगन से नरकंकाल मिलने, हत्या के आरोप लगने और डीएनए रिपोर्ट में मैच नहीं होने के बाद भी इस मामले का रहस्य बरकरार है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस में मिला नरकंकाल किसका है?
डीएनए जांच के बाद भी नरकंकाल की पहचान नहीं हो सकी है।
नरकंकाल का डीएनए किससे मैच नहीं हुआ?
नरकंकाल का डीएनए पंजाबी सिंह से मैच नहीं हुआ।
नरकंकाल कहां मिला था?
नरकंकाल सितंबर 2024 में गिलोंदपुर गांव में पंजाबी सिंह के मकान के आंगन से मिला था।
पंजाबी सिंह ने नरकंकाल को किसका बताया था?
पंजाबी सिंह ने दावा किया था कि नरकंकाल उसके पिता का है।
मामले की गुत्थी अब तक क्यों नहीं सुलझी?
डीएनए रिपोर्ट में मैच नहीं होने के बाद भी यह पता नहीं चल सका कि नरकंकाल किसका था और उसे आंगन में किसने दफनाया था।
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