ग्वालियर में छापेमारी, 57 कार्बाइड गन जब्त; दुकानदार हिरासत में
ग्वालियर में कार्बाइड गन बनाने और बेचने के खिलाफ जिला एवं पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
ग्वालियर में कार्बाइड गन बनाने और बेचने के खिलाफ जिला एवं पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सिरोल चौराहे स्थित मां पीतांबरा स्टील ट्रेडर्स पर संयुक्त छापेमारी के दौरान 57 कार्बाइड गन और पोटाश से संबंधित सामग्री जब्त की गई। कार्रवाई के समय SDM अतुल सिंह और SSP धर्मवीर सिंह मौके पर मौजूद रहे।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद कार्बाइड गन के निर्माण और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने प्रतिष्ठान की जांच की और वहां रखी कार्बाइड गन समेत संबंधित सामग्री को जब्त कर लिया।
छापेमारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मौके से दुकानदार रमन ओझा को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दीपावली के लिए मिले ऑर्डर पर इस प्रतिष्ठान में कार्बाइड गन तैयार की जा रही थीं। यह मामला सिरोल थाना क्षेत्र का है।
कार्बाइड गन के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने मिलकर यह कार्रवाई की। कार्रवाई SDM अतुल सिंह के नेतृत्व में की गई। SSP धर्मवीर सिंह भी मौके पर मौजूद रहे और टीम की कार्रवाई का जायजा लिया। टीम ने प्रतिष्ठान में मौजूद सामान की जांच की और कार्बाइड गन के साथ पोटाश से संबंधित सामग्री को जब्त किया।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन ने कार्बाइड गन जैसे उपकरणों के निर्माण, खरीद और बिक्री पर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का उद्देश्य दीपावली के दौरान इन खतरनाक गनों के इस्तेमाल से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है। इसी वजह से संबंधित दुकानों और प्रतिष्ठानों पर जांच की जा रही है।
ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने धारा 163 के तहत कार्बाइड गन के निर्माण, क्रय और विक्रय पर प्रतिबंध लगाया है। इस आदेश के बाद जिला एवं पुलिस प्रशासन की टीमें अलग-अलग जगहों पर निरीक्षण कर रही हैं।
प्रशासन की नजर खास तौर पर हार्डवेयर, वेल्डिंग, स्टील और आयरन से जुड़े प्रतिष्ठानों पर है। इसके साथ ही थोक पटाखा दुकानों का भी औचक निरीक्षण किया जा रहा है। टीमों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश हैं।
प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि कार्बाइड गन बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री कहां से लाई जा रही थी और जब्त की गई सामग्री का इस्तेमाल किस तरह किया जाना था। हालांकि, इस मामले में आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। पुलिस दुकानदार रमन ओझा से पूछताछ कर रही है।
वर्ष 2025 में मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में कार्बाइड गन के इस्तेमाल से 300 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। ग्वालियर में भी ऐसे 19 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें 18 लोगों की आंखों की कॉर्निया चोटिल होने की बात सामने आई थी।
कार्बाइड गन में कैल्शियम कार्बाइड और पानी की प्रतिक्रिया से एसिटिलीन गैस बनती है। इसके बाद गैस के प्रज्वलन से तेज धमाका होता है। इस धमाके से आंखों और शरीर के अन्य हिस्सों को गंभीर चोट पहुंच सकती है। प्रशासन इसी खतरे को देखते हुए इन गनों के निर्माण, खरीद और बिक्री पर रोक लगाने की कार्रवाई कर रहा है।
छापेमारी में जब्त सामग्री की जांच की जा रही है। पुलिस दुकानदार की भूमिका और पूरे मामले से जुड़े दूसरे तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
दीपावली से पहले SDM अतुल सिंह और SSP धर्मवीर सिंह की मौजूदगी में हुई यह संयुक्त कार्रवाई कार्बाइड गन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का अहम हिस्सा है। प्रशासन ने साफ किया है कि प्रतिबंध के बावजूद कार्बाइड गन का निर्माण, क्रय या विक्रय पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्वालियर में छापेमारी के दौरान क्या जब्त किया गया?
सिरोल चौराहे की मां पीतांबरा स्टील ट्रेडर्स से 57 कार्बाइड गन और पोटाश से संबंधित सामग्री जब्त की गई।
इस मामले में किसे हिरासत में लिया गया है?
पुलिस ने दुकानदार रमन ओझा को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
कार्रवाई किसके निर्देश पर की गई?
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
कार्बाइड गन पर रोक क्यों लगाई गई है?
कार्बाइड गन में गैस के प्रज्वलन से तेज धमाका होता है, जिससे आंखों और शरीर के दूसरे हिस्सों में गंभीर चोट लग सकती है।
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