अमेठी के स्कूल में विश्वकर्मा जयंती पर बच्चों ने की पूजा
अमेठी के गौरीगंज स्थित गुरुकुल ज्ञान एकेडमी में बुधवार को भगवान विश्वकर्मा जयंती के मौके पर खास पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया।
अमेठी के गौरीगंज स्थित गुरुकुल ज्ञान एकेडमी में बुधवार को भगवान विश्वकर्मा जयंती के मौके पर खास पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। 17 सितंबर को मनाई जाने वाली विश्वकर्मा जयंती से एक दिन पहले 16 सितंबर को स्कूल के छोटे बच्चों ने पूरी विधि-विधान के साथ भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा की और उनका आशीर्वाद लिया।
इस मौके पर स्कूल के टीचर्स ने बच्चों को भगवान विश्वकर्मा जी के जीवन के बारे में बताया। उन्होंने बच्चों को विश्वकर्मा जी के सृजनात्मक कामों और दिव्य वास्तुकार एवं शिल्पकार के रूप में उनके महत्व की जानकारी दी। टीचर्स ने बच्चों को सत्कर्म करने, ईमानदारी के साथ काम करने और अपने दायित्वों के प्रति हमेशा समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।
स्कूल के मैनेजर श्री ओ.पी. सिंह ने बच्चों और स्कूल परिवार को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ मन, सकारात्मक सोच और पूरी ईमानदारी के साथ किया गया काम इंसान को सफलता की तरफ ले जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और सदाचार के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी।
प्रोग्राम के दौरान पूरे स्कूल परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। इस मौके पर स्कूल परिवार की श्रीमती निधि सिंह, श्रीमती संगीता त्रिपाठी, श्रीमती रजिया, श्रीमती शिल्पी कुन्दू सेन, कुमारी जागृति मोदनवाल, श्रीमती पूजा सिंह, श्रीमती मंशा, श्रीमती सरला, श्रीमती साधना, श्रीमती प्रियंका, लतेश पांडेय, स्कूल कोऑर्डिनेटर अतुल मिश्रा और स्कूल परिवार के दूसरे सदस्य मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विश्वकर्मा जयंती कब मनाई जाती है?
विश्वकर्मा जयंती 17 सितंबर को मनाई जाती है। गुरुकुल ज्ञान एकेडमी में इसी बार 16 सितंबर को एक दिन पहले पूजा का आयोजन किया गया।
अमेठी के स्कूल में विश्वकर्मा जयंती पर क्या किया गया?
गुरुकुल ज्ञान एकेडमी में स्कूल के बच्चों ने भगवान विश्वकर्मा की पूरी विधि-विधान के साथ पूजा की। टीचर्स ने बच्चों को विश्वकर्मा जी के जीवन और उनके सृजनात्मक कामों के बारे में बताया।
स्कूल के मैनेजर ने बच्चों को क्या सीख दी?
स्कूल के मैनेजर श्री ओ.पी. सिंह ने कहा कि स्वस्थ मन, सकारात्मक सोच और ईमानदारी के साथ किया गया काम इंसान को सफलता की तरफ ले जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और सदाचार के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी।
भगवान विश्वकर्मा कौन थे?
भगवान विश्वकर्मा को दिव्य वास्तुकार और शिल्पकार माना जाता है। वह अपने सृजनात्मक कामों के लिए प्रसिद्ध हैं।
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