गोण्डा पुलिस ने निवेश धोखाधड़ी का शिकार बने शख्स को 12 लाख रुपये वापस दिलवाए
साइबर थाना गोण्डा ने निवेश के नाम पर हुई साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने ठगी की शिकार एक शख्स के खाते में 12 लाख 44 हजार 770 रुपये वापस कराए हैं।
साइबर थाना गोण्डा ने निवेश के नाम पर हुई साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने ठगी की शिकार एक शख्स के खाते में 12 लाख 44 हजार 770 रुपये वापस कराए हैं। यह रकम साइबर अपराधियों ने आईपीओ और शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर ठग ली थी।
पीड़ित राजेन्द्र कुमार, जो मालवीय नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं, ने बताया कि उनके मोबाइल फोन पर एक इन्वेस्टमेंट ऐप का लिंक आया था। उन्होंने जैसे ही उस लिंक पर क्लिक किया, उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया गया। ग्रुप में दूसरे लोग भारी मुनाफा कमाने की बातें कर रहे थे। साइबर ठगों ने राजेन्द्र कुमार को अपने जाल में फंसाकर कई बार में पैसे निवेश करवा लिए।
पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध थाना गोण्डा में मुकदमा संख्या 009/2026 धारा 319(2), 318(4) बीएनएस और धारा 66(D) आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया। साइबर थाना की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विभिन्न बैंक खातों में जमा रकम को फ्रीज करवाया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करके पीड़ित के खाते में वापस दिलवाया।
पैसे वापस मिलने पर राजेन्द्र कुमार ने गोण्डा पुलिस और साइबर थाना की पूरी टीम का शुक्रिया अदा किया। इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश यादव, हेड कांस्टेबल मोहन यादव और कांस्टेबल अंकुर गुप्ता की अहम भूमिका रही। यह मामला साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गोण्डा पुलिस ने किस तरह की धोखाधड़ी में शख्स को पैसे वापस दिलवाए?
साइबर ठगों ने आईपीओ और शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर एक शख्स को ठग लिया था। पीड़ित को एक इन्वेस्टमेंट ऐप का लिंक आया और जब उन्होंने क्लिक किया तो उन्हें एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया जहां लोग मुनाफा की बातें कर रहे थे। इसी बहाने उन्हें कई बार पैसे निवेश करवाए गए।
पीड़ित को कितने रुपये वापस मिले?
पीड़ित राजेन्द्र कुमार को 12 लाख 44 हजार 770 रुपये वापस दिलवाए गए।
पुलिस ने पैसे वापस करने के लिए क्या कदम उठाए?
साइबर थाना की टीम ने मामला दर्ज करके तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने विभिन्न बैंक खातों में जमा रकम को फ्रीज करवाया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करके पीड़ित के खाते में पैसे वापस कर दिए।
ऐसी धोखाधड़ी से कैसे बचा जा सकता है?
अपने फोन पर अचानक आने वाले इन्वेस्टमेंट ऐप के लिंक पर क्लिक न करें। इन्वेस्टमेंट ग्रुप में किसी अनजान व्यक्ति की बातों पर यकीन न करें। अगर कोई भारी मुनाफे का वादा करे तो संदेह करें और पहले अपने बैंक या आधिकारिक स्रोतों से जांच करें।
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