बहराइच में घाघरा नदी की बाढ़ से डेढ़ दर्जन गांव प्रभावित
बहराइच जिले में घाघरा नदी ने एक बार फिर से विकराल रूप धारण कर लिया है और दो तहसीलों के डेढ़ दर्जन से अधिक गांव और मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
बहराइच जिले में घाघरा नदी ने एक बार फिर से विकराल रूप धारण कर लिया है और दो तहसीलों के डेढ़ दर्जन से अधिक गांव और मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई गांवों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों के अंदर तक घुस चुका है, जिसकी वजह से ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह से प्रभावित हो गई है।
अचानक घरों में पानी घुसने से लोगों की गृहस्थी तबाह होने के कगार पर पहुंच गई है। एक तरफ घरों में पानी भरा हुआ है, तो दूसरी तरफ घाघरा नदी तेजी से खेतों का कटान कर रही है। देखते ही देखते किसानों की उपजाऊ जमीन नदी में समाहित हो रही है, जिससे उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं।
मोतीपुर तहसील के जंगल गुलरिहा, सम्पतपुरवा, खैरी पुरवा समेत कई गांवों के ग्रामीण प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। वहीं महसी तहसील के पूरे प्रसाद सिंह गांव के चार मजरे जानकी नगर और महन्त पुरवा भी बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। इन इलाकों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद होने के कारण प्रशासन ने छात्रों की पढ़ाई के लिए सुरक्षित स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था की है। हालांकि घरों में लगातार भरा पानी और नदी के खतरनाक जलीय जीव-जंतुओं का खतरा बच्चों और ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। लोगों के सामने जीवन और संपत्ति दोनों को लेकर मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। तहसील प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को लंच पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों की निगरानी कर रही हैं और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करा रही हैं।
मोतीपुर की एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने बताया कि दूसरी बार आई बाढ़ से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। उन्होंने कहा कि पशुओं का टीकाकरण, बच्चों की शिक्षा और भोजन की व्यवस्था समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासनिक व्यवस्थाएं अलर्ट मोड पर बनी हुई हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बहराइच में बाढ़ से कितने गांव प्रभावित हुए हैं?
घाघरा नदी की बाढ़ से बहराइच जिले की दोनों तहसीलों (मोतीपुर और महसी) के डेढ़ दर्जन से अधिक गांव और मजरे प्रभावित हुए हैं। इनमें जंगल गुलरिहा, सम्पतपुरवा, खैरी पुरवा, जानकी नगर और महन्त पुरवा के गांव शामिल हैं।
बाढ़ से ग्रामीणों को क्या नुकसान हो रहा है?
घरों में पानी घुस गया है जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और गृहस्थी प्रभावित हुई है। साथ ही, नदी तेजी से खेतों का कटान कर रही है और किसानों की उपजाऊ जमीन नष्ट हो रही है। बच्चों और ग्रामीणों को नदी के खतरनाक जलीय जीव-जंतुओं का भी खतरा है।
प्रशासन बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या कदम उठा रहा है?
जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में लगा है। प्रभावित परिवारों को लंच पैकेट दिए जा रहे हैं, बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद किए गए हैं और छात्रों के लिए सुरक्षित जगहों पर पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में पहुंचकर निगरानी और चिकित्सा सुविधाएं दे रही हैं।
यह बाढ़ कितनी बार आई है?
यह दूसरी बार घाघरा नदी की बाढ़ आई है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
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