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दक्षिण पूर्व एशिया में माइन हटाने का काम खतरे में, फंडिंग नई जंगों की तरफ

कंबोडिया और दक्षिण पूर्व एशिया में लैंडमाइन हटाने की अंतरराष्ट्रीय मदद नई जंगों की ओर शिफ्ट हो रही है, पुरानी जंगों के विस्फोटक अब भी खतरा बने हुए हैं।

दक्षिण पूर्व एशिया में माइन हटाने का काम खतरे में, फंडिंग नई जंगों की तरफ
Photo by Elkhan Ganiyev on Pexels

कंबोडिया और पूरे दक्षिण पूर्व एशिया में लैंडमाइन हटाने के काम के लिए मिलने वाली अंतरराष्ट्रीय फंडिंग खत्म हो रही है क्योंकि देश अब अपनी मानवीय मदद यूक्रेन, गाजा, सूडान, सीरिया और अफगानिस्तान में चल रही जंगों की तरफ भेज रहे हैं।

मदद बंद होने से उस काम पर खतरा मंडरा रहा है जो दशकों से चल रहा था—कोल्ड वॉर के दौर की जंगों से बचे विस्फोटकों को हटाना, और अभी भी हजारों डिवाइस खेतों और गांवों में दबे पड़े हैं। कंबोडियन सेल्फ हेल्प डिमाइनिंग, एक नॉन-प्रॉफिट संस्था जो पूरे देश में लैंडमाइन और बिना फटे बम साफ करती है, उन संस्थाओं का उदाहरण है जिन्हें अब बंद होने का खतरा है।

पुरानी जंगें, अब भी हो रहे हैं हादसे

कंबोडियन ग्रुप के एक डिमाइनर का एक हाथ और एक आंख चली गई थी जब जंग लगे हुए युद्धकाल के एक पुराने बम ने उसे उड़ाया—जिसे उसने उठाया था। इस हादसे के बाद वो खुद माइन हटाने के काम में जुड़ गया। उसका केस बताता है कि दशकों पुराने हथियार अब भी लोगों को घायल और मार रहे हैं, जबकि जंग खत्म हुए काफी समय हो गया।

मदद देने वालों की प्राथमिकता नए युद्ध क्षेत्रों की तरफ

विदेशी सरकारें और सहायता एजेंसियां दक्षिण पूर्व एशिया में मानवीय डिमाइनिंग के लिए मदद वापस खींच रही हैं क्योंकि वो अपने संसाधन उन इलाकों की तरफ भेज रही हैं जहां अभी लड़ाई चल रही है। आज की जंगों की वजह से बढ़ रहे ग्लोबल डिफेंस बजट ने भी विकास और मानवीय कार्यक्रमों के लिए मिलने वाले पैसे को कम कर दिया है।

कंबोडिया की मुश्किल एक बड़े पैटर्न को दिखाती है: खतरे तब भी बने रहते हैं जब लड़ाई बंद हो जाती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय ध्यान—और फंडिंग—आगे बढ़ जाता है।

छिपे हुए विस्फोटकों की वजह से विकास रुका हुआ

लगातार अंतरराष्ट्रीय मदद के बिना, डिमाइनिंग संस्थाएं चेतावनी दे रही हैं कि अधूरा काम सालों तक समुदायों के लिए खतरा बना रहेगा। लैंडमाइन और बिना फटे बमों की मौजूदगी न सिर्फ हादसे करवाती है बल्कि खेती की जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर साइट्स को इस्तेमाल के लायक नहीं छोड़ती, जिससे आर्थिक विकास भी धीमा हो जाता है।

स्रोत: South China Morning Post

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण पूर्व एशिया में माइन हटाने का काम खतरे में क्यों है?

अंतरराष्ट्रीय फंडिंग खत्म हो रही है क्योंकि देश अपनी मानवीय मदद यूक्रेन, गाजा, सूडान, सीरिया और अफगानिस्तान में चल रही नई जंगों की तरफ भेज रहे हैं। इसकी वजह से डिमाइनिंग संस्थाओं को बंद होने का खतरा है।

कंबोडिया में लैंडमाइन और बिना फटे बम अब भी खतरनाक क्यों हैं?

कोल्ड वॉर के दौर की जंगों से बचे हजारों विस्फोटक अब भी खेतों और गांवों में दबे पड़े हैं। ये दशकों बाद भी लोगों को घायल और मार रहे हैं, और डिमाइनर को भी गंभीर चोटें आ रही हैं।

छिपे हुए विस्फोटक कंबोडिया के विकास को कैसे रोक रहे हैं?

लैंडमाइन और बिना फटे बमों की वजह से खेती की जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर साइट्स इस्तेमाल के लायक नहीं रह जाते, जिससे आर्थिक विकास धीमा हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय मदद बंद होने से क्या समस्या होगी?

डिमाइनिंग संस्थाएं चेतावनी दे रही हैं कि अंतरराष्ट्रीय मदद के बिना अधूरा काम सालों तक समुदायों के लिए खतरा बना रहेगा। इससे हादसे और आर्थिक नुकसान दोनों होंगे।

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