उज्जैन की अदालत ने भ्रष्ट परिवहन निरीक्षक को चार साल कैद की सजा दी
उज्जैन की विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व परिवहन निरीक्षक सेवाराम खान्डेगर को दोषी करार देते हुए चार साल की सश्रम कैद और 60 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
उज्जैन की विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व परिवहन निरीक्षक सेवाराम खान्डेगर को दोषी करार देते हुए चार साल की सश्रम कैद और 60 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आय से कहीं ज्यादा संपत्ति जुटाने के आरोप में खान्डेगर को भ्रष्टाचार निवारण कानून की धारा 13(1ई) और 13(2) के तहत दोषी पाया और उन्हें भैरूगढ़ जेल भेज दिया। अगर वह 60 लाख रुपये का जुर्माना नहीं चुका पाते हैं तो उन्हें एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह मामला नवंबर 2011 में लोकायुक्त ने दर्ज किया था जब उप पुलिस अधीक्षक ओपी सागोरिया की टीम ने उज्जैन के अलकनंदा नगर स्थित खान्डेगर के घर पर छापेमारी की थी। छापे के दौरान भारी मात्रा में नकदी, ज्वेलरी और विलासिता के सामान बरामद हुए थे। बाद में उप पुलिस अधीक्षक एसएस उदावत ने जांच की और पाया कि आरोपी की कुल आय 27 लाख 37 हजार 628 रुपये थी जबकि उनका खर्च 1 करोड़ 84 लाख 15 हजार 129 रुपये था यानी 572 फीसदी ज्यादा।
अगस्त 2014 में विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। लोकायुक्त की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनोज पाठक और बाद में संजय मीणा ने केस की पैरवी की जिसमें आरक्षक संजीव कुमारिया ने सहयोग दिया। विशेष न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद 31 अगस्त 2024 को अपने फैसले में खान्डेगर को दोषी पाया और सजा सुनाई।
यह फैसला सरकारी अधिकारियों के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश देता है। लोकायुक्त संगठन की कार्रवाई और अदालत के इस फैसले से यह साफ होता है कि आय से ज्यादा संपत्ति रखने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सेवाराम खान्डेगर को क्या सजा मिली है?
उज्जैन की विशेष अदालत ने सेवाराम खान्डेगर को भ्रष्टाचार के मामले में चार साल की सश्रम कैद और 60 लाख रुपये का जुर्माना दिया है। अगर वह जुर्माना नहीं चुका पाएंगे तो उन्हें एक साल की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
यह मामला कब शुरू हुआ था?
यह मामला नवंबर 2011 में लोकायुक्त ने दर्ज किया था जब उप पुलिस अधीक्षक ओपी सागोरिया की टीम ने खान्डेगर के घर पर छापेमारी की थी।
छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ था?
छापे के दौरान भारी मात्रा में नकदी, ज्वेलरी और विलासिता के सामान बरामद हुए थे।
खान्डेगर की आय और खर्च में कितना अंतर था?
खान्डेगर की कुल आय 27 लाख 37 हजार 628 रुपये थी जबकि उनका खर्च 1 करोड़ 84 लाख 15 हजार 129 रुपये था, यानी 572 फीसदी ज्यादा। यह भ्रष्टाचार का सबूत था।
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