बिलासपुर एम्स के पहले बैच को राष्ट्रपति ने दी डिग्री
बिलासपुर एम्स के पहले बैच के विद्यार्थियों को राष्ट्रपति के हाथों डिग्री मिलना हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है।
बिलासपुर एम्स के पहले बैच के विद्यार्थियों को राष्ट्रपति के हाथों डिग्री मिलना हिमाचल प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने इसे सिर्फ एक दीक्षांत समारोह नहीं, बल्कि उस बड़े राजनीतिक और विकासात्मक संकल्प की तस्वीर बताया, जिसकी नींव केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रयासों से रखी गई थी।
राजेंद्र गर्ग ने कहा कि बिलासपुर में एम्स लाने का सपना और इसके लिए केंद्र स्तर पर किए गए प्रयास जेपी नड्डा की राजनीतिक इच्छाशक्ति का नतीजा हैं। उनके मुताबिक, आज जब बिलासपुर एम्स का पहला बैच डिग्री लेकर बाहर निकला है, तब यह साफ हो रहा है कि यह संस्थान सिर्फ घोषणा तक सीमित नहीं रहा।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर एम्स चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। संस्थान में पढ़ाई शुरू होने से लेकर पहले बैच के विद्यार्थियों के डिग्री लेने तक की यात्रा जमीन पर दिखाई देने वाली उपलब्धि का उदाहरण है।
गर्ग ने कहा कि हिमाचल के लोगों को यह याद रखना चाहिए कि बिलासपुर को एम्स जैसी राष्ट्रीय स्तर की संस्था मिलना कोई सामान्य उपलब्धि नहीं थी। इसके लिए केंद्र में लगातार पैरवी और प्रयास किए गए। आज राष्ट्रपति के हाथों विद्यार्थियों को डिग्री मिलना उन्हीं प्रयासों का परिणाम है।
पूर्व मंत्री के मुताबिक, बिलासपुर एम्स का सबसे बड़ा लाभ आम जनता को मिल रहा है। उन्होंने कहा, "हजारों लोगों को रोज मिल रहा स्वास्थ्य लाभ।" उनके अनुसार, आज प्रतिदिन हजारों लोग एम्स में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।
गर्ग ने कहा कि पहले गंभीर और घातक बीमारियों के इलाज के लिए हिमाचल के लोगों को दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। इस दौरान मरीजों और उनके परिजनों का काफी समय और पैसा खर्च होता था।
उन्होंने कहा कि अब बिलासपुर एम्स में ही अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे लोगों को घर-द्वार के नजदीक बेहतर उपचार मिल रहा है। गर्ग के मुताबिक, इसका फायदा इलाज पर होने वाले खर्च में बचत के साथ-साथ आने-जाने में लगने वाले समय की बचत के रूप में भी मिल रहा है।
राजेंद्र गर्ग ने कहा कि एम्स ने बिलासपुर को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका लाभ केवल बिलासपुर जिले तक सीमित नहीं है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोग यहां उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
उनके मुताबिक, गंभीर बीमारियों के इलाज और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लोगों को प्रदेश से बाहर जाने की मजबूरी पहले की अपेक्षा कम हुई है। बिलासपुर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत कम पड़ रही है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि विकास के दावों की असली तस्वीर जमीन पर दिखाई देती है। बिलासपुर एम्स में पढ़ाई शुरू होने से लेकर पहले बैच के विद्यार्थियों को डिग्री मिलने तक का सफर इसी तस्वीर को सामने रखता है।
उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र की ओर से हिमाचल को मिली बड़ी परियोजनाएं हैं। दूसरी ओर प्रदेश में विकास की रफ्तार को लेकर जनता खुद तुलना कर रही है। गर्ग का कहना था कि बिलासपुर एम्स की उपलब्धि इसी तुलना का एक अहम हिस्सा है।
राजेंद्र गर्ग ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार के समय जिन योजनाओं को लेकर सवाल उठे थे, आज उन्हीं योजनाओं का प्रदेश को लाभ मिल रहा है। उनके मुताबिक, बिलासपुर एम्स के रूप में सामने आई उपलब्धि यह दिखाती है कि जिन योजनाओं पर सवाल उठाए गए, वे अब लोगों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े अवसर लेकर आ रही हैं।
उन्होंने कहा, "रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़े।" गर्ग के अनुसार, एम्स के कारण बिलासपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
उन्होंने बताया कि टैक्सी, होटल, ढाबे, दुकानें और अन्य छोटे कारोबार से जुड़े लोगों को इसका सीधा लाभ मिला है। उनके मुताबिक, एम्स अब केवल स्वास्थ्य संस्थान नहीं रह गया है, बल्कि बिलासपुर की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला बड़ा केंद्र भी बन रहा है।
गर्ग ने कहा कि जेपी नड्डा का लक्ष्य बिलासपुर एम्स को देश के दूसरे प्रमुख एम्स के बराबर खड़ा करना है। उन्होंने कहा कि संस्थान में सुविधाओं और ढांचागत विकास का विस्तार हो रहा है। इसी वजह से आने वाले समय में यह लक्ष्य हासिल होने की उम्मीद है।
पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री ने कहा कि बिलासपुर एम्स की कहानी हिमाचल में केंद्र और प्रदेश के विकास के विजन के बीच अंतर को भी सामने लाती है। आज इसी संस्थान से प्रदेश के विद्यार्थियों को मेडिकल डिग्री मिल रही है और मरीजों को आधुनिक उपचार मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर एम्स की नींव रखने वालों में जेपी नड्डा की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। गर्ग के मुताबिक, एम्स का पहला बैच डिग्री लेकर आगे बढ़ रहा है, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है और बिलासपुर में इससे जुड़े रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बिलासपुर एम्स के पहले बैच के विद्यार्थियों को डिग्री किसने दी?
बिलासपुर एम्स के पहले बैच के विद्यार्थियों को राष्ट्रपति ने डिग्री दी।
बिलासपुर एम्स को लाने में किसके प्रयासों को अहम बताया गया है?
राजेंद्र गर्ग ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रयासों को अहम बताया है।
बिलासपुर एम्स से आम लोगों को क्या फायदा मिल रहा है?
लोगों को घर के पास बेहतर इलाज मिल रहा है और इलाज के खर्च के साथ आने-जाने का समय भी बच रहा है।
क्या बिलासपुर एम्स का लाभ सिर्फ बिलासपुर जिले के लोगों को मिल रहा है?
नहीं, हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लोग यहां इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
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