News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
ताज़ा
मुरैना में खेत की मेड़ विवाद के बाद युवक की मौत, चार घायलमधुबनी में गड्ढे में जाने के बाद बोलेरो पलटी, पुलिस चालक की मौतसीवान में चाय विवाद में 75 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या की खबरबच्चों के विवाद में युवक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार; कुल्हाड़ी बरामदशामली में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पलटी, चालक समेत दो युवकों की मौतशामली में विवाद सुलझाने पहुंची डायल 112 गाड़ी पर पथराव, चालक घायलग्वालियर GRMC में कथित मारपीट के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़तालबेटी के इलाज को तीन दिन भटके पिता, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
Kerala Official source केरल

केरल में आदिवासी छात्रों को पारंपरिक कला की ट्रेनिंग मिली

पहली बार आदिवासी छात्रों को उनके पारंपरिक कला रूप सिखाने और जज करने की ट्रेनिंग मिली केरल में आदिवासी धरोहर को संभालने और बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

केरल में आदिवासी छात्रों को पारंपरिक कला की ट्रेनिंग मिली
News Darpan AI image

केरल में आदिवासी धरोहर को संभालने और बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केरल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च, ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट स्टडीज़ ऑफ शेड्यूल्ड कास्ट्स एंड शेड्यूल्ड ट्राइब्स (KIRTADS) के तहत आदिकला केंद्रम ने पहली बार 26 आदिवासी छात्रों को पनिया डांस और म्यूजिक की ट्रेनिंग दी है। ये ट्रेनिंग दो महीने के प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम का हिस्सा थी, जिसे केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय ने फंड किया था। छात्रों को सर्टिफिकेट 10 अगस्त को KIRTADS कैंपस में आयोजित समारोह में दिए जाएंगे।

केरल में पहली बार ऐसा कार्यक्रम

इस प्रोग्राम को केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय से ₹50 लाख का समर्थन मिला है। ये केरल का पहला ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें आदिवासी समुदाय के लोगों को उनके पारंपरिक कला रूपों में प्रोफेशनल ट्रेनर और जज के तौर पर ट्रेनिंग दी गई। पहले बैच में 18 से 45 साल के पनिया समुदाय के छात्र शामिल थे, जो वायनाड, इडुक्की और कासरगोड जिलों से आए थे। ट्रेनिंग 10 अनुभवी पनिया कलाकारों ने दी।

आने वाले बैच में पलिया, इरुला, हिल पुलया और माविला समुदायों के प्रतिभागी भी शामिल होंगे। इन समुदायों के कलाकार ट्रेनर के तौर पर काम करेंगे, ताकि उनके पारंपरिक डांस और म्यूजिक को सही तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

संस्कृति के प्रतिनिधित्व में सुधार की कोशिश

इस प्रोग्राम का मकसद आदिवासी कला रूपों को सिखाने और जज करने में मौजूद खामियों को दूर करना है। ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर प्रजोड इरुलम ने बताया कि स्कूल फेस्टिवल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कई बार आदिवासी कला रूपों का प्रदर्शन उन लोगों द्वारा किया जाता है, जो इन परंपराओं को सिर्फ सतही तौर पर जानते हैं। अक्सर ये जानकारी यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म से ली जाती है। इस पहल के जरिए आदिवासी समुदाय के भीतर से प्रशिक्षित कलाकारों का समूह तैयार किया जा रहा है, ताकि प्रदर्शन और मूल्यांकन ज्यादा प्रामाणिक हो सके।

आदिवासी कलाकारों को सशक्त बनाना

ट्रेनिंग में शामिल प्रतिभागियों ने अपनी कला को सिखाने, प्रदर्शन करने और जज करने की क्षमता पर भरोसा जताया है। एक प्रतिभागी, कार्तिका दास ने कहा, “हमने सीखा कि प्रदर्शन और तकनीकों का व्यवस्थित मूल्यांकन कैसे करें, आदिवासी कलाकारों में टीम भावना कैसे बढ़ाएं, और उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करें।”

कोर्स में 10 दिन का इंडक्शन प्रोग्राम भी शामिल था, जिसे केरल कलामंडलम डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने संचालित किया। इन सत्रों में प्रतिभागियों को उनकी कला के गहरे पहलुओं को समझने और पारंपरिक प्रदर्शन प्रथाओं के प्रति जागरूक बनाने पर जोर दिया गया।

संस्कृति को बचाने की दिशा में कदम

ये पहल केरल में आदिवासी कला रूपों की पहचान और संरक्षण की दिशा में एक अहम मील का पत्थर है। इस प्रोग्राम के जरिए आदिवासी समुदायों को उनकी सांस्कृतिक विरासत का मालिकाना हक दिया जा रहा है। इससे न केवल उनकी परंपराओं की स्थिरता सुनिश्चित होगी, बल्कि सांस्कृतिक मंचों पर उनकी प्रामाणिकता और प्रतिनिधित्व भी बढ़ेगा।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में आदिवासी छात्रों को किस कला की ट्रेनिंग दी गई?

पनिया डांस और म्यूजिक की ट्रेनिंग दी गई। ये दो महीने का प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम था जिसमें 26 आदिवासी छात्रों ने भाग लिया।

इस प्रोग्राम को कितने रुपये का फंडिंग मिला?

केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय ने इस प्रोग्राम को ₹50 लाख का समर्थन दिया।

ये प्रोग्राम केरल में पहली बार क्यों खास है?

क्योंकि पहली बार आदिवासी समुदाय के लोगों को अपने पारंपरिक कला रूपों में प्रोफेशनल ट्रेनर और जज के तौर पर ट्रेनिंग दी गई। इससे पहले ये कला अक्सर गलत तरीके से सिखाई और जज की जाती थी।

आने वाले बैच में और कौन से समुदाय शामिल होंगे?

पलिया, इरुला, हिल पुलया और माविला समुदायों के प्रतिभागी भी ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होंगे।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप

  2. 2

    शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान

  3. 3

    शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप

  4. 4

    हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …

  5. 5

    गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।