फिरोजाबाद में सफाई कर्मियों संग धरने पर बैठीं मेयर, वेतन तक रहेंगी
फिरोजाबाद नगर निगम में ठेका सफाई कर्मचारियों और अन्य ठेका कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।
फिरोजाबाद नगर निगम में ठेका सफाई कर्मचारियों और अन्य ठेका कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश ठेका सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी, सीवर हेल्पर, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कर्मचारी और अन्य ठेका कर्मी नगर निगम परिसर में धरने पर बैठे। कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया और अपनी मांगें जल्द पूरी करने की मांग की।
धरने के दौरान नगर निगम की महापौर कामिनी राठौर भी सफाई कर्मचारियों के बीच पहुंचीं। वह कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठ गईं। महापौर ने साफ कहा कि जब तक कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन नहीं पहुंच जाता, तब तक वह भी उनके साथ धरने पर बैठी रहेंगी।
महापौर कामिनी राठौर ने कहा, "जब तक इनके खाते में सैलरी नहीं आती है, तब तक मैं भी इनके साथ यहीं धरने पर बैठी रहूंगी।" उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंचने तक धरना जारी रहेगा।
कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि अकुशल ठेका कर्मियों को 15,007 रुपये और कुशल ठेका कर्मियों को 18,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। कर्मचारियों ने यह वेतन तत्काल उनके बैंक खातों में पहुंचाने की मांग की है। साथ ही, वेतन से किसी भी तरह की कटौती नहीं किए जाने की मांग भी रखी गई है।
उत्तर प्रदेश ठेका सफाई कर्मचारी संघ का आरोप है कि साईनाथ कंपनी की ओर से ठेका कर्मियों से अनुबंध के नाम पर कथित रूप से अनुचित शर्तों वाला समझौता कराया जा रहा है। कर्मचारियों ने इस समझौते को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
ठेका कर्मियों ने काम के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में भी सहायता की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि काम के दौरान किसी ठेका कर्मी की मृत्यु होने पर ठेकेदार की ओर से मृतक कर्मचारी के परिवार को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।
इसके अलावा, मृत कर्मचारी के परिवार के एक सदस्य को मृत कर्मचारी के स्थान पर नियुक्ति देने की मांग भी की गई है। कर्मचारियों ने कहा कि परिवार को आर्थिक मदद के साथ रोजगार का सहारा भी मिलना चाहिए। हालांकि, यह मांग कर्मचारियों की ओर से रखी गई है।
कर्मचारियों ने प्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में भी मदद की मांग की है। उनकी मांग है कि प्राकृतिक मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए मृतक कर्मी के परिवार को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी जाए।
कर्मचारी संघ ने ठेका कर्मियों के स्थानांतरण और नियुक्ति को लेकर भी मांग रखी। संघ का कहना है कि किसी ठेका कर्मी के स्थानांतरण या नियुक्ति से पहले कर्मचारी संघ की सहमति ली जानी चाहिए।
इसके साथ ही ठेका सफाई कर्मचारियों और अन्य ठेका कर्मियों से जुड़े ठेकों में कथित अनियमितताओं और दस्तावेजों में गड़बड़ी की एसआईटी से जांच कराने की मांग भी उठाई गई। कर्मचारियों ने कहा कि इन मामलों की जांच कराई जानी चाहिए, ताकि ठेकों और उनसे जुड़े दस्तावेजों को लेकर स्थिति साफ हो सके।
एक महीने बाद कर्मचारी फिर धरने पर बैठे हैं। महापौर कामिनी राठौर ने कहा कि एक सितंबर को भी सफाई कर्मचारियों ने वेतन समेत अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की थी। उस समय कर्मचारियों की मांग थी कि आगरा की तर्ज पर फिरोजाबाद में भी सफाई कर्मचारियों को करीब 15 हजार रुपये वेतन दिया जाए।
महापौर के मुताबिक, उस समय विधायक और नगर आयुक्त ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया था। इसके बावजूद एक महीने बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों की मांग पूरी नहीं हुई। इसके बाद कर्मचारियों ने दोबारा धरना शुरू किया।
कामिनी राठौर ने कहा कि जब एक महीने में कर्मचारियों के खातों में वेतन नहीं पहुंच पा रहा है तो कर्मचारी आश्वासन पर भरोसा कैसे करेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनके खातों में वेतन नहीं आ जाता, तब तक वे धरने से नहीं उठेंगे।
महापौर ने बताया कि उन्होंने नगर आयुक्त और अन्य अधिकारियों को मौके पर बुलाया। अधिकारियों के साथ कर्मचारियों की समस्या पर बातचीत की गई। अधिकारियों की ओर से कहा गया कि आवश्यक हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाएगा।
अधिकारियों की इस बात के बाद महापौर ने फाइल मौके पर ही मंगाने को कहा। उन्होंने कहा कि वेतन पहुंचाने की प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों को अब केवल आश्वासन नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि आवश्यक कार्रवाई पूरी की जानी चाहिए।
महापौर ने सफाई कर्मचारियों को नगर निगम परिवार का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी केवल कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि नगर निगम परिवार का हिस्सा हैं। सर्दी, गर्मी, आंधी और तूफान में भी सफाई कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था को संभालते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे में सफाई कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने भी साफ किया कि वे अपनी मांगों पर जल्द कार्रवाई चाहते हैं।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वेतन खातों में पहुंचने, कटौती रोकने, साईनाथ कंपनी के कथित अनुचित समझौते को निरस्त करने, मृतक कर्मियों के परिवारों को सहायता देने और ठेकों से जुड़ी कथित अनियमितताओं की एसआईटी जांच समेत सभी मांगों पर कार्रवाई की मांग की गई है.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फिरोजाबाद में मेयर कामिनी राठौर धरने पर क्यों बैठीं?
मेयर कामिनी राठौर सफाई कर्मचारियों के साथ इसलिए धरने पर बैठीं क्योंकि उनका वेतन अभी तक बैंक खातों में नहीं पहुंचा था।
ठेका कर्मचारियों की वेतन को लेकर क्या मांग है?
कर्मचारियों की मांग है कि अकुशल ठेका कर्मियों को 15,007 रुपये और कुशल ठेका कर्मियों को 18,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए।
काम के दौरान ठेका कर्मचारी की मौत होने पर परिवार के लिए क्या मांग की गई है?
कर्मचारियों ने मृतक के परिवार को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।
प्राकृतिक मृत्यु होने पर कर्मचारियों ने क्या सहायता मांगी है?
प्राकृतिक मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए परिवार को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता देने की मांग की गई है।
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