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वन विभाग पर हिरन को वर्षों से कमरे में रखने का आरोप

प्रतापगढ़ के वन क्षेत्र लालगंज में कई वर्ष पहले घायल हालत में मिले एक हिरन को लेकर पर्यावरण सेना ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

वन विभाग पर हिरन को वर्षों से कमरे में रखने का आरोप
Image credit: News Darpan Team

प्रतापगढ़ के वन क्षेत्र लालगंज में कई वर्ष पहले घायल हालत में मिले एक हिरन को लेकर पर्यावरण सेना ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। संगठन ने मांग की है कि इलाज के बाद भी लंबे समय से बंद रखे गए इस हिरन को तुरंत किसी उचित संरक्षण केंद्र में भेजा जाए या नियमानुसार उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ा जाए।

मामला उस हिरन से जुड़ा है, जो कई वर्ष पूर्व वन क्षेत्र लालगंज में घायल अवस्था में मिला था। जानकारी के अनुसार, उसका उपचार कराया गया, लेकिन उपचार के बाद भी उसे उसके प्राकृतिक आवास में वापस नहीं छोड़ा गया। पर्यावरण सेना का कहना है कि हिरन को इलाज के नाम पर लंबे समय से एक कमरे में रखा गया है।

पर्यावरण सेना के प्रमुख एवं वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, भारत सरकार के वालंटियर अजय क्रांतिकारी ने इस मामले पर नाराजगी जताई है। उनके अनुसार, मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने कई बार हिरन का हालचाल लिया। उन्होंने संबंधित वन विभाग के अधिकारियों से भी बातचीत की।

अजय क्रांतिकारी ने बताया कि उस समय के अधिकारियों ने हिरन के इलाज का हवाला दिया था। अधिकारियों की ओर से यह बात कही गई थी कि हिरन को वन विभाग की देखरेख में रखा गया है। लेकिन पर्यावरण सेना का कहना है कि लंबे समय से हिरन को बंद रखे जाने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।

अजय क्रांतिकारी के अनुसार, इस मामले को राज्य स्तर पर भी उठाया गया। इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी वन्यजीव को लंबे समय तक उसके प्राकृतिक आवास से अलग रखने के मामले में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए।

पर्यावरण सेना ने वन विभाग से मांग की है कि हिरन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जाए। संगठन ने कहा है कि हिरन को उपयुक्त वन्यजीव संरक्षण केंद्र या चिड़ियाघर में स्थानांतरित किया जाए। इसके अलावा, अगर नियम इसकी अनुमति देते हैं, तो उसके प्राकृतिक आवास में पुनर्वास की कार्रवाई की जाए।

अजय क्रांतिकारी ने कहा कि इस मामले में जल्द ही जिलाधिकारी प्रतापगढ़ से मुलाकात की जाएगी। इस मुलाकात में हिरन को लेकर उचित कार्रवाई की मांग रखी जाएगी।

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