कानपुर में जमीन की धोखाधड़ी, पत्नी आरोपी तो पति गवाह
कानपुर में कई बीघा जमीन पर फर्जी बैनामा, पत्नी बनी आरोपी तो पति बन गया गवाह, बिधनू पुलिस की विवेचना पर सवाल कानपुर के सदर तहसील इलाके में जमीन की धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसमें
कानपुर के सदर तहसील इलाके में जमीन की धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसमें ग्राम खाटूखेड़ा बिधनू में कई बीघा जमीन का बैनामा मूल मालिक की जानकारी के बिना ही करा लिया गया। जब पीड़ित को इस फर्जीवाड़े का पता चला तो उसके होश उड़ गए।
सबसे चौंकाने वाली बात इस पूरे मामले में यह रही कि फर्जी बैनामे में पत्नी रचना गुप्ता को आरोपी के तौर पर जमीन बेचने वाला दिखाया गया जबकि उसका पति रितेश गुप्ता ही इस बैनामे में गवाह बन गया। यह पति-पत्नी का अनोखा गठजोड़ पुलिस जांच में उजागर हुआ है।
ताजा मामला बिधनू के खाटू खेड़ा गांव का है जहां 80 वर्षीय वृद्ध शिवकली से कालोनी दिलवाने के नाम पर रितेश गुप्ता, धर्मवीर और अनुरुद्ध यादव ने फर्जी तरीके से लिखवा लिया बैनामा। आरोपियों ने अनपढ़ होने का फायदा उठाकर कचहरी में अंगूठा लगवाकर पूरी 10 बीघा जमीन का बैनामा करा लिया।
कई साल बाद के के यादव जो जमीन के मूल मालिक हैं उन्हें पता चला कि उनकी पूरी जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम हो चुकी है। आरोपियों के गिरोह ने पनकी निवासी भगवती नाम की बुजुर्ग महिला से रचना गुप्ता के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई।
बिधनू के इस नए मामले में पुलिस जांच में सामने आया है कि फर्जी बैनामे में पत्नी को जमीन की मालकिन दिखाकर बेचने वाला बनाया गया जबकि उसी का पति गवाही में शामिल रहा। बैनामे में दिखाई गई रकम भी पीड़ित के खाते में कभी पहुंची ही नहीं। यह पूरी तरह से कूटरचित दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने की साजिश थी।
पीड़ित के के यादव की शिकायत पर डीसीपी साउथ के आदेश पर बिधनू थाने में 4 नामजद और 5 अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और जालसाजी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई। लेकिन पीड़ित के के यादव का आरोप है कि वह विवेचना से संतुष्ट नहीं हैं।
उनका आरोप है कि रचना गुप्ता को आरोपी बनाकर पति रितेश गुप्ता का नाम गवाही में नाम कर दिया और अन्य आरोपियों का नाम निकाल दिया। पीड़ित ने बताया कि सारे सबूत विवेचना अधिकारी को देने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़ित ने कहा कि वह जल्द इस मामले में कानपुर पुलिस कमिश्नर से मुलाकात करके दुबारा विवेचना करवाएंगे जिसमें राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई थी। यह मामला बिधनू पुलिस के अनोखे खेल को उजागर करता है जहां आरोपियों ने बुजुर्ग और अनपढ़ होने का फायदा उठाकर जमीन हथियाने की कोशिश की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कानपुर में जमीन की धोखाधड़ी का मामला क्या है?
कानपुर के बिधनू इलाके में खाटूखेड़ा गांव की 10 बीघा जमीन का फर्जी बैनामा करा लिया गया। मूल मालिक के. के. यादव की बिना जानकारी के आरोपियों ने उनके अंगूठे से यह जमीन दूसरे के नाम करवा दी।
इस मामले में सबसे अजीब बात क्या रही?
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बैनामे में पत्नी रचना गुप्ता को जमीन बेचने वाली दिखाया गया जबकि उसी के पति रितेश गुप्ता को इसी बैनामे में गवाह बना दिया गया।
आरोपियों ने कैसे धोखाधड़ी की?
आरोपियों ने बुजुर्ग और अनपढ़ शिवकली से कालोनी दिलवाने का बहाना बनाया और उन्हें कचहरी में अंगूठा लगवा दिया। फिर फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन की रजिस्ट्री करा ली।
पीड़ित को पुलिस की जांच से क्या शिकायत है?
पीड़ित के. के. यादव को लगता है कि पुलिस की जांच सही नहीं हुई। उनका कहना है कि रचना गुप्ता को तो आरोपी बनाया गया लेकिन असली आरोपी पति रितेश को गवाह बना दिया गया और दूसरे आरोपियों का नाम निकाल दिया गया।
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