संभल में दुर्गा वाहिनी की दुर्गाष्टमी, शस्त्र पूजन के साथ नारी शक्ति संदेश
संभल में विश्व हिंदू परिषद की प्रमुख इकाई दुर्गा वाहिनी के तत्वावधान में दुर्गाष्टमी का पर्व रविवार को हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया।
संभल में विश्व हिंदू परिषद की प्रमुख इकाई दुर्गा वाहिनी के तत्वावधान में दुर्गाष्टमी का पर्व रविवार को हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान शस्त्र पूजन किया गया और नारी शक्ति के जागरण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ भगवती के चित्र के सामने दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद सनातन परंपरा के अनुसार शस्त्र पूजन किया गया। आयोजन में मातृशक्ति और बालिकाओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का आयोजन और संचालन दुर्गा वाहिनी की प्रखंड संयोजिका सोनी जी के नेतृत्व में किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में मातृशक्ति की जिला संयोजिका दीपा वार्ष्णेय जी मौजूद रहीं।
दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिका प्रतीक्षा गुप्ता जी कार्यक्रम की मुख्य वक्ता रहीं। उन्होंने उपस्थित मातृशक्ति और बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि दुर्गाष्टमी का पर्व केवल पूजन-अर्चन तक सीमित नहीं है। यह नारी शक्ति के जागरण, आत्मरक्षा और स्वाभिमान का भी प्रतीक है।
प्रतीक्षा गुप्ता जी ने अपने उद्बोधन में कहा, "माँ दुर्गा का प्रत्येक स्वरूप हमें अन्याय, अधर्म और असत्य के विरुद्ध दृढ़ता से खड़े होने की सीख देता है। वर्तमान समय में महिलाओं को अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी होगी। नारी केवल ममता की प्रतिमूर्ति ही नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर शक्ति का साक्षात स्वरूप भी है।"
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि दीपा वार्ष्णेय जी ने भी मातृशक्ति की भूमिका पर बात रखी। उन्होंने संस्कारवान समाज के निर्माण में मातृशक्ति के योगदान पर प्रकाश डाला।
आयोजन के अंत में प्रखंड संयोजिका सोनी जी ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इसके बाद माँ अम्बे की महाआरती की गई। कार्यक्रम का समापन भारत माता के जयकारों के साथ हुआ।
रजत मल्होत्रा
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संभल में दुर्गाष्टमी का कार्यक्रम किसने आयोजित किया?
संभल में दुर्गाष्टमी का कार्यक्रम विश्व हिंदू परिषद की प्रमुख इकाई दुर्गा वाहिनी के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कौन-सी पूजा की गई?
कार्यक्रम में सनातन परंपरा के अनुसार शस्त्र पूजन किया गया और अंत में माँ अम्बे की महाआरती हुई।
दुर्गाष्टमी के कार्यक्रम में किस संदेश पर जोर दिया गया?
कार्यक्रम में नारी शक्ति के जागरण, आत्मरक्षा और स्वाभिमान का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता कौन थीं?
दुर्गा वाहिनी की जिला संयोजिका प्रतीक्षा गुप्ता जी कार्यक्रम की मुख्य वक्ता थीं।
कार्यक्रम का समापन कैसे हुआ?
कार्यक्रम का समापन माँ अम्बे की महाआरती और भारत माता के जयकारों के साथ हुआ।
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