संभल में धूमधाम से मनी दुर्गा अष्टमी, शस्त्र और कन्या पूजन हुआ
संभल में दुर्गा अष्टमी का पर्व धूमधाम, हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। विश्व हिंदू परिषद यानी विहिप, मातृशक्ति / दुर्गा वाहिनी और महिला शक्ति संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम
संभल में दुर्गा अष्टमी का पर्व धूमधाम, हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। विश्व हिंदू परिषद यानी विहिप, मातृशक्ति / दुर्गा वाहिनी और महिला शक्ति संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में शस्त्र पूजन और कन्या पूजन मुख्य आकर्षण रहे। आयोजन के दौरान मातृशक्ति की कार्यकर्ता पारंपरिक लाल वस्त्रों में नजर आईं। इससे पूरा कार्यक्रम दिव्यता से सराबोर दिखाई दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान के साथ मां दुर्गा के पूजन से हुई। पूजा के बाद शस्त्र पूजन किया गया। शस्त्र पूजन के जरिए परंपरा और सुरक्षा का संदेश दिया गया। इसमें संगठन की कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पूजन के दौरान पूरे पंडाल में भक्तिमय माहौल बना रहा।
कार्यक्रम स्थल 'जय माता दी' के जयकारों और भक्तिमय भजनों से गूंजता रहा। मौजूद लोगों ने पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया और मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया। लाल वस्त्रों में नजर आ रही मातृशक्ति कार्यक्रम का खास आकर्षण बनी रही।
दुर्गा अष्टमी के इस विशेष अवसर पर छोटी-छोटी कन्याओं का विधिवत पूजन भी किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने कन्याओं के चरण पखारे और उनका आशीर्वाद लिया। सुंदर वस्त्रों में सजी नन्हीं कन्याएं साक्षात मां दुर्गा का रूप प्रतीत हो रही थीं। उन्हें देखकर पूरा वातावरण मंत्रमुग्ध हो गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मातृ शक्ति संयोजिका दीपा वार्ष्णेय उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में दुर्गा अष्टमी के महत्व पर प्रकाश डाला। दीपा वार्ष्णेय ने कहा, "भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। आज आवश्यकता है कि माताएं और बहनें अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानें और अपनी संस्कृति व समाज की रक्षा के लिए आगे आएं।"
उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर राष्ट्र सेवा में तत्पर रहने का आह्वान किया। अपने संबोधन में उन्होंने माताओं और बहनों की भूमिका पर भी जोर दिया और अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने की बात कही।
पूजा, शस्त्र पूजन और कन्या पूजन के बाद कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ। प्रसाद वितरण के साथ दुर्गा अष्टमी का यह भव्य आयोजन पूरा हुआ।
रजत मल्होत्रा
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संभल में दुर्गा अष्टमी का पर्व कैसे मनाया गया?
संभल में दुर्गा अष्टमी धूमधाम, हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण क्या रहे?
कार्यक्रम में शस्त्र पूजन और कन्या पूजन मुख्य आकर्षण रहे।
कन्या पूजन में क्या किया गया?
छोटी कन्याओं का विधिवत पूजन किया गया और लोगों ने उनके चरण पखारकर आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम का समापन कैसे हुआ?
पूजा, शस्त्र पूजन और कन्या पूजन के बाद प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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