News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
खोज
ताज़ा
हमीरपुर में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, देशभक्ति का जश्नहमीरपुर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न धूमधाम से मनाया गयागुरावली में बंद आंगनवाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों का हंगामाकर्नाटक मंत्री ने 15 अगस्त को झंडा फहराने से मांगी छूट, बीजेपी का हमलापिता ने 11 महीने की बेटी को यमुना में फेंका, पत्नी को भी मारने की कोशिशगाजियाबाद में पुलिस-आरोपियों के बीच मुठभेड़, दोनों घायलजर्मनी में हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट की मौतदिल्ली पुलिस ने नेपाल से जुड़े ₹109 करोड़ के चरस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
Tamil Nadu Official source

पंबन नहर की खुदाई तेज, जहाजों की फंसने की समस्या खत्म होगी

पंबन नहर की खुदाई जोरों पर, जहाजों के फंसने की समस्या खत्म करने और नेविगेशन सुधारने की तैयारी पंबन नहर की खुदाई का काम तेज़ी से चल रहा है।

News Darpan AI image
News Darpan AI image

पंबन नहर की खुदाई का काम तेज़ी से चल रहा है। 3,500 मीटर लंबे हिस्से में से अब तक 2,500 मीटर की खुदाई पूरी हो चुकी है। ₹9.5 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का मकसद नहर में जमा गाद को हटाकर इसे गहरा बनाना है। अधिकारियों का कहना है कि यह काम इसी महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा।

इतिहास से जुड़ी पंबन नहर को नेविगेशन में मुश्किलें

पंबन नहर, जो मन्नार की खाड़ी और पाक जलडमरूमध्य को जोड़ती है, ऐतिहासिक रूप से भारत के सबसे पुराने नेविगेशन रूट्स में से एक है। करीब 2 किलोमीटर लंबी यह नहर पंबन रोड और रेल ब्रिज के नीचे से गुजरती है। इसका इतिहास 1480 ईस्वी में आए एक बड़े तूफान से जुड़ा है, जब यह प्राकृतिक रूप से बनी थी।

लेकिन समय के साथ नहर की गहराई घटकर दो मीटर से भी कम हो गई है। गाद जमा होने की वजह से जहाज और मोटरबोट अक्सर रेत में फंस जाते हैं, जिससे देरी और हादसे होते हैं। तमिलनाडु मैरीटाइम बोर्ड ने लंबे समय से चली आ रही खुदाई की मांग को ध्यान में रखते हुए यह प्रोजेक्ट एक प्राइवेट कंपनी को सौंपा है।

गहराई बढ़ाने के लिए दिन-रात चल रहा काम

इस साल की शुरुआत में शुरू हुई खुदाई में कुंथुकल के पास मन्नार की खाड़ी में एक ड्रेजर का इस्तेमाल किया जा रहा है। जहाज पर लगे पंप के जरिए पानी और गाद को हटाकर लोहे की पाइपलाइनों के जरिए किनारे पर भेजा जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का मकसद नहर की गहराई को दो मीटर से ज्यादा करना है, ताकि जहाज और बोट्स आसानी से गुजर सकें।

यह पहली बार नहीं है जब पंबन नहर की खुदाई हो रही है। 1854 में ब्रिटिश सरकार ने पहली बार इसकी खुदाई करवाई थी। इसके बाद 1964 में आए विनाशकारी धनुषकोडी तूफान के बाद इसे फिर से गहरा किया गया था। लेकिन इस बार की खुदाई जहाजों के बार-बार फंसने की समस्या को खत्म करने के लिए बेहद जरूरी है।

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और समुद्री अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

खुदाई पूरी होने के बाद नहर में जहाज और मोटरबोट्स का आवागमन बिना किसी रुकावट के हो सकेगा। इससे नेविगेशन की क्षमता में सुधार होगा और क्षेत्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पंबन पोर्ट के ऐतिहासिक और आर्थिक महत्व को देखते हुए यह प्रोजेक्ट भारत के समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

स्रोत: The Hindu

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया

  2. 2

    गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन

  3. 3

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन

  4. 4

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत

  5. 5

    शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।