डेजर्ट रेन फ्रॉग को IUCN ने 'वल्नरेबल' श्रेणी में रखा
इंटरनेट पर फेमस डेजर्ट रेन फ्रॉग को IUCN ने 'वल्नरेबल' कैटेगरी में रखा डेजर्ट रेन फ्रॉग, जो अपनी वायरल 'स्क्वीकी बैटल क्राई' के लिए दुनियाभर में फेमस है, अब इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर
डेजर्ट रेन फ्रॉग, जो अपनी वायरल 'स्क्वीकी बैटल क्राई' के लिए दुनियाभर में फेमस है, अब इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) की रेड लिस्ट में 'वल्नरेबल' यानी खतरे में मानी गई प्रजातियों में शामिल हो गई है। इसका मतलब है कि ये मेंढक अब विलुप्ति के करीब है, खासकर इसके घरों को हो रहे नुकसान और इंसानी गतिविधियों की वजह से।
रहने की जगह पर खतरा
ये मेंढक नामीबिया और साउथ अफ्रीका के तटीय रेत के टीलों में पाया जाता है। ये ज्यादातर वक्त रेत के नीचे रहता है और सिर्फ खाने और सांस लेने के लिए बाहर आता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायमंड माइनिंग और एनर्जी प्रोजेक्ट्स की वजह से इन टीलों को भारी नुकसान हो रहा है, जो इस मेंढक के लिए बेहद जरूरी हैं। IUCN ने अनुमान लगाया है कि अगले 20 सालों में इसकी आबादी में 20% की गिरावट हो सकती है।
अनुरा अफ्रीका के एलेक्स लॉरेंस ने बताया कि इस मेंढक का इलाका बहुत सीमित है, जिससे ये ज्यादा खतरे में है। उन्होंने कहा, "अगर इसका घर खत्म हो गया, तो इस प्रजाति के पास तट के ऊपर या नीचे जाने की कोई जगह नहीं है।"
वायरल फेम से भी खतरा
आयरनी ये है कि जिस वजह से डेजर्ट रेन फ्रॉग इंटरनेट पर फेमस हुआ, इसका गोल शरीर, बड़ी-बड़ी आंखें और अनोखा स्क्वीक, वही इसकी मुश्किलें बढ़ा सकता है। एक्सपर्ट्स को डर है कि इसकी पॉपुलैरिटी वाइल्डलाइफ कलेक्टर्स के बीच इसे पालतू बनाने की मांग बढ़ा सकती है। जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ लंदन के क्यूरेटर बेंजामिन टैपले ने चेतावनी दी कि ऐसे जानवर, जो दिखने में अलग होते हैं, अक्सर अवैध व्यापार का शिकार बनते हैं।
ये चिंता बेवजह नहीं है। पहले भी कई दुर्लभ मेंढक ऑनलाइन फेम के बाद कलेक्टर्स के निशाने पर आ चुके हैं। कंजर्वेशनिस्ट्स इस बात को लेकर सतर्क हैं कि डेजर्ट रेन फ्रॉग के साथ ऐसा न हो।
उम्मीद बाकी है
हालांकि मुश्किलें हैं, लेकिन वैज्ञानिकों को लगता है कि इस मेंढक को बचाया जा सकता है। लॉरेंस ने सुझाव दिया कि माइनिंग साइट्स को एक्सट्रैक्शन के बाद फिर से बहाल करना और बचे हुए तटीय टीलों की सुरक्षा करना इस प्रजाति को बचाने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा, "भले ही ये विलुप्त होने के खतरे में है, लेकिन अभी पूरी तरह खत्म होने से काफी दूर है।"
इस इंटरनेट-फेमस मेंढक को बचाने की कोशिशें इंसानी गतिविधियों और बायोडायवर्सिटी के बीच नाजुक संतुलन को दिखाती हैं। इसका घर बचाना न सिर्फ इस मेंढक को सुरक्षित रखेगा, बल्कि उस अनोखे इकोसिस्टम को भी बचाएगा, जिसे ये अपना घर कहता है।
स्रोत: Indian Express
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
डेजर्ट रेन फ्रॉग को IUCN ने किस श्रेणी में रखा है?
IUCN ने डेजर्ट रेन फ्रॉग को 'वल्नरेबल' यानी खतरे में मानी गई प्रजातियों की श्रेणी में रखा है। इसका मतलब है कि ये मेंढक अब विलुप्ति के करीब है।
ये मेंढक किन जगहों पर पाया जाता है?
डेजर्ट रेन फ्रॉग नामीबिया और साउथ अफ्रीका के तटीय रेत के टीलों में पाया जाता है। ये ज्यादातर समय रेत के नीचे रहता है और सिर्फ खाने और सांस लेने के लिए बाहर आता है।
इस मेंढक को किन चीजों से खतरा है?
डायमंड माइनिंग और एनर्जी प्रोजेक्ट्स से इसके रहने की जगह को नुकसान हो रहा है। साथ ही, इंटरनेट पर इसकी पॉपुलैरिटी की वजह से अवैध व्यापार का भी खतरा है क्योंकि कलेक्टर्स इसे पालतू बनाना चाहते हैं।
IUCN ने इसकी आबादी के बारे में क्या कहा है?
IUCN ने अनुमान लगाया है कि अगले 20 सालों में इस मेंढक की आबादी में 20% की गिरावट हो सकती है।
इस मेंढक को बचाने के लिए क्या किया जा सकता है?
माइनिंग साइट्स को एक्सट्रैक्शन के बाद फिर से बहाल करना और बचे हुए तटीय टीलों की सुरक्षा करना इस प्रजाति को बचाने में मदद कर सकता है। वैज्ञानिकों को लगता है कि अभी भी इसे बचाया जा सकता है।
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