अकबरपुर की दरगाह में भीड़ घुसी, सज्जादानशीन की जान को खतरा
अकबरपुर की दरगाह शरीफ हजरत सय्यद सामान अली शाह मलंग मदारी रहमतुल्लाह अलैह को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है।
अकबरपुर की दरगाह शरीफ हजरत सय्यद सामान अली शाह मलंग मदारी रहमतुल्लाह अलैह को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। दरगाह के सज्जादानशीन ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि 26 अगस्त की शाम करीब साढ़े पांच बजे करीब दो हजार लोगों की भीड़ दरगाह में घुस आई। भीड़ ने उनके साथ अभद्रता की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। सज्जादानशीन ने कहा कि वह किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकल पाए और अब उन्होंने अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
कानपुर देहात के अकबरपुर इलाके में बारा बड़ा तकिया स्थित इस दरगाह को लेकर अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन द्वितीय कानपुर देहात की अदालत में वाद संख्या 57/23 पहले से चल रहा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि अदालत ने दरगाह परिसर में धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगा रखी है, लेकिन इसके बावजूद विपक्षी लोग आए दिन दरगाह में पहुंचकर विवाद खड़ा करते हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 25 मई 2026 को लिखित समझौते के तहत विपक्षियों ने थाना स्थानीय में यह लिखित अनुरोध दिया था कि वे दरगाह में कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे। लेकिन इस समझौते के बावजूद उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों को लेकर दरगाह में घुसकर माहौल तनावपूर्ण बना दिया।
शिकायतकर्ता ने पुराने विवादों का हवाला देते हुए बताया कि उन पर पहले भी हमले के प्रयास हुए हैं और दरगाह के पूर्व सज्जादानशीन की हत्या भी हो चुकी है। इस पृष्ठभूमि को देखते हुए उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ फौरन एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अकबरपुर की दरगाह में क्या हुआ?
26 अगस्त को शाम करीब साढ़े पांच बजे करीब दो हजार लोगों की भीड़ दरगाह में घुस आई। भीड़ ने दरगाह के सज्जादानशीन के साथ अभद्रता की, गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
सज्जादानशीन ने पुलिस को क्या शिकायत दी है?
सज्जादानशीन ने कहा कि भीड़ ने उनकी जान को खतरे में डाला। उन्होंने अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है और पुलिस से आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
इस दरगाह को लेकर अदालत में क्या विवाद है?
कानपुर देहात की अदालत में पहले से एक मामला चल रहा है। अदालत ने दरगाह परिसर में धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगा रखी है, लेकिन शिकायतकर्ता का दावा है कि विपक्षी लोग इस रोक के बावजूद आए दिन दरगाह में पहुंचकर विवाद खड़े करते हैं।
क्या इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं?
हां, सज्जादानशीन ने बताया कि उन पर पहले भी हमले के प्रयास हुए हैं और दरगाह के पूर्व सज्जादानशीन की हत्या भी हो चुकी है।
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