मैक्सिको की जेलों में क्रिकेट से कैदियों में सुधार की नई पहल
मैक्सिको की जेलों में क्रिकेट की वापसी: साम्राज्य से सुधार तक क्रिकेट, जिसे 19वीं सदी में ब्रिटिश लोगों ने मैक्सिको में शुरू किया था, अब देश की जेलों में नए तरीके से ज़िंदा हो रहा है।
क्रिकेट, जिसे 19वीं सदी में ब्रिटिश लोगों ने मैक्सिको में शुरू किया था, अब देश की जेलों में नए तरीके से ज़िंदा हो रहा है। कभी साम्राज्य और अभिजात वर्ग का प्रतीक माने जाने वाले इस खेल को अब कैदियों में अनुशासन और सुधार लाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। यह पहल मैक्सिको के नेशनल कमीशन फॉर फिजिकल कल्चर एंड स्पोर्ट ने चार लो-टू-मीडियम सिक्योरिटी जेलों में शुरू की है।
2021 में मैक्सिको सिटी में हुए ICC Americas Women’s T20 रीजनल क्वालिफायर्स के दौरान खेल मंत्रालय के अधिकारियों ने क्रिकेट देखा। इससे प्रेरित होकर नेशनल कमीशन के प्रमुख एडुआर्डो एस्सेवेडो ने इसे जेलों के फिजिकल एक्टिविटी प्रोग्राम में शामिल करने का सुझाव दिया। एक हफ्ते के अंदर, मैक्सिकन क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के वॉलंटियर्स ने कैदियों को क्रिकेट सिखाना शुरू कर दिया। बास्केटबॉल कोर्ट को अस्थायी पिच और खाली ज़मीन को छोटे मैदानों में बदल दिया गया।
क्रिकेट में अनुशासन और अंपायर के फैसले का सम्मान करने की जो अहमियत है, उसने जेल प्रशासन को काफी प्रभावित किया। MCA के सेक्रेटरी क्रेग व्हाइट ने बताया कि यह खेल कैदियों में सम्मान और आत्मनियंत्रण बढ़ाने के लक्ष्य से मेल खाता है। एस्सेवेडो ने कहा, "यह दूसरे खेलों की तरह नहीं है जो प्रतिद्वंद्विता और हिंसा को बढ़ावा देते हैं।"
कैदियों ने इस खेल को अपनाया है। कुछ ने तो कारपेंट्री क्लास में अपने हाथों से क्रिकेट बैट भी बनाए हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि यह हुनर जेल के बाहर उनके काम आएगा। महिला कैदी भी इसमें हिस्सा ले रही हैं। योजना है कि रिहाई के बाद वे अपने समुदायों में क्रिकेट सिखाएं और इसे बढ़ावा दें, जिससे उन्हें आय और समाज में फिर से जुड़ने का मौका मिले। एस्सेवेडो ने कहा कि भविष्य में इस प्रोग्राम को हाई-सिक्योरिटी जेलों तक ले जाने की योजना है।
मैक्सिको में क्रिकेट का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 19वीं सदी में ब्रिटिश लोगों ने इसे शुरू किया। यह खेल तब साम्राज्य और ऊंचे वर्ग का प्रतीक था। यहां तक कि सम्राट मैक्सिमिलियन भी इसे खेलते थे। लेकिन मैक्सिकन क्रांति और प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश निवासियों के चले जाने से क्रिकेट का पतन हो गया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जब कुछ ब्रिटिश लोग लौटे, तब तक फुटबॉल देश का सबसे लोकप्रिय खेल बन चुका था।
आज जेलों के बाहर क्रिकेट कुछ ही जगहों पर बचा है, जैसे नौकालपान, जहां दक्षिण एशियाई और ब्रिटिश प्रवासी इसे एकमात्र टर्फ विकेट पर खेलते हैं। MCA, जो वॉलंटियर्स द्वारा संचालित है, महंगे क्रिकेट गियर आयात करने जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है क्योंकि स्थानीय खेल की दुकानों में यह सामान नहीं मिलता। इन मुश्किलों के बावजूद, मैक्सिको की जेलों में क्रिकेट की वापसी इस खेल की लचीलापन और ज़िंदगी बदलने की क्षमता का सबूत है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मैक्सिको की जेलों में क्रिकेट प्रोग्राम कब शुरू हुआ और किसने शुरू किया?
2021 में ICC Americas Women's T20 रीजनल क्वालिफायर्स देखने के बाद मैक्सिको के नेशनल कमीशन फॉर फिजिकल कल्चर एंड स्पोर्ट ने इसे शुरू किया। एडुआर्डो एस्सेवेडो के सुझाव पर MCA के वॉलंटियर्स ने एक हफ्ते में कैदियों को क्रिकेट सिखाना शुरू कर दिया।
कैदियों में सुधार के लिए क्रिकेट क्यों चुना गया?
क्रिकेट में अनुशासन और अंपायर के फैसले का सम्मान करने की जो अहमियत है, उससे यह खेल कैदियों में सम्मान और आत्मनियंत्रण बढ़ाने के लक्ष्य से मेल खाता है। यह दूसरे खेलों की तरह नहीं है जो प्रतिद्वंद्विता और हिंसा को बढ़ावा देते हैं।
कैदियों ने क्रिकेट को किस तरह अपनाया है?
कैदियों ने इस खेल को अपनाया है और कुछ ने तो कारपेंट्री क्लास में अपने हाथों से क्रिकेट बैट भी बनाए हैं। महिला कैदी भी इसमें हिस्सा ले रही हैं और रिहाई के बाद अपने समुदायों में क्रिकेट सिखाने की योजना है।
मैक्सिको में क्रिकेट का इतिहास क्या है?
19वीं सदी में ब्रिटिश लोगों ने क्रिकेट मैक्सिको में शुरू किया। यह साम्राज्य का प्रतीक था, लेकिन मैक्सिकन क्रांति और प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश निवासियों के चले जाने से यह खत्म हो गया। आज जेलों के बाहर क्रिकेट कुछ ही जगहों पर बचा है।
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