सीपीसीएल नवरत्न स्टेटस के बाद प्रोडक्ट्स का दायरा बढ़ाएगी
हमारे प्रोडक्ट्स का दायरा बढ़ाने की कोशिश जारी है: सीपीसीएल एमडी सीपीसीएल का प्रोडक्ट एक्सपेंशन और क्वालिटी सुधार पर फोकस चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीपीसीएल) अपने हाल ही में मिले नवरत्न
हमारे प्रोडक्ट्स का दायरा बढ़ाने की कोशिश जारी है: सीपीसीएल एमडी
सीपीसीएल का प्रोडक्ट एक्सपेंशन और क्वालिटी सुधार पर फोकस
चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीपीसीएल) अपने हाल ही में मिले नवरत्न स्टेटस के बाद अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाने पर काम कर रहा है। नवरत्न का दर्जा मिलने से कंपनी को ज्यादा फाइनेंशियल आजादी मिली है। सीपीसीएल के मैनेजिंग डायरेक्टर एच. शंकर ने बताया कि कंपनी वैक्स की क्वालिटी सुधारने और नए लुब्रिकेंट्स लाने की योजना बना रही है। उन्होंने द हिंदू से कहा, "हम देश की इकलौती रिफाइनरी हैं जो फ्यूल, ल्यूब्स और वैक्स बनाती है। हम वैक्स की क्वालिटी सुधारने और ज्यादा ल्यूब वेरिएंट्स लाने पर काम कर रहे हैं।"
नवरत्न स्टेटस से बढ़ी फाइनेंशियल आजादी
नवरत्न स्टेटस मिलने से सीपीसीएल की फाइनेंशियल कैपेसिटी बढ़ गई है, जिससे प्रोजेक्ट्स को तेजी से मंजूरी मिल सकेगी। शंकर ने कंपनी की मजबूत फाइनेंशियल स्थिति पर जोर देते हुए कहा कि सीपीसीएल कैपिटल एक्सपेंडिचर को खुद फंड कर सकता है और जरूरत पड़ने पर लोन भी ले सकता है। उन्होंने कहा, "यह नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत के लिए सही समय है।" उन्होंने यह भी बताया कि कोविड-19 के बाद कंपनी ने ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर फोकस किया है, जिससे फिजिकल और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में सुधार हुआ है।
वैक्स और लुब्रिकेंट्स में इनोवेशन पर जोर
सीपीसीएल वैक्स और लुब्रिकेंट्स में वैल्यू एडिशन को प्राथमिकता दे रहा है। फिलहाल कंपनी कैंडल्स और पैकेजिंग के लिए वैक्स बनाती है, लेकिन अब वह अन्य इंडस्ट्रीज के लिए हाई-क्वालिटी वेरिएंट्स पर काम कर रही है। लुब्रिकेंट्स के सेगमेंट में कंपनी व्हाइट ऑयल जैसे प्रोडक्ट्स पर विचार कर रही है, जिसका इस्तेमाल कॉस्मेटिक्स इंडस्ट्री में होता है। शंकर ने कहा, "हम प्रोडक्ट को ट्वीक करके हाई-क्वालिटी वैक्स या वेरिएंट्स ला सकते हैं। ल्यूब्स के मामले में हम व्हाइट ऑयल जैसी वैल्यू एडिशन कर सकते हैं।"
रिफाइनरी एक्सपेंशन की योजना
सीपीसीएल चेन्नई के पास मणाली में अपनी रिफाइनरी का विस्तार करने की योजना पर भी काम कर रहा है। इस रिफाइनरी की क्षमता 10.5 मिलियन टन प्रति वर्ष है। इंजीनियर्स इंडिया इस बड़े प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी स्टडी कर रहा है, जिसमें सेकेंडरी यूनिट्स, स्टोरेज टैंक्स और पाइपलाइन्स का मूल्यांकन शामिल है। शंकर ने कहा, "अगले छह महीनों में हम गहराई से देखेंगे कि कौन-कौन से प्रोजेक्ट्स लेंगे और क्षमता विस्तार और वैल्यू एडिशन का बैलेंस कैसे बनाएंगे।"
नागपट्टिनम रिफाइनरी के लिए नए मॉडल्स पर विचार
कंपनी अपने कावेरी बेसिन रिफाइनरी (नागपट्टिनम) को रीकंफिगर कर रही है ताकि इन्वेस्टमेंट पर बेहतर रिटर्न मिल सके। शंकर ने बताया कि सीपीसीएल रिफाइनरी के ऑपरेशंस के लिए नए मॉडल्स पर विचार कर रहा है।
ये सभी पहलें सीपीसीएल की इनोवेशन और कैपेसिटी बिल्डिंग पर रणनीतिक फोकस को दिखाती हैं। कंपनी अपनी बढ़ी हुई आजादी का इस्तेमाल कर मार्केट में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
स्रोत: The Hindu
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