ग्रेटर नोएडा की सुपरटेक सोसायटी में मेंटेनेंस विवाद, अदालत ने स्टेटस को बनाया स्थिर
ग्रेटर नोएडा के Supertech CZAR, Omicron-1 सोसायटी में मेंटेनेंस हैंडओवर को लेकर चल रहे गंभीर विवाद में अब अदालत ने हस्तक्षेप करते हुए Status Quo बनाए रखने का निर्देश दिया है।
ग्रेटर नोएडा के Supertech CZAR, Omicron-1 सोसायटी में मेंटेनेंस हैंडओवर को लेकर चल रहे गंभीर विवाद में अब अदालत ने हस्तक्षेप करते हुए Status Quo बनाए रखने का निर्देश दिया है। यह निर्देश सक्षम न्यायालय और उच्च न्यायालय के आगामी आदेशों के अधीन रहेगा।
अदालत का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब सोसायटी में कथित तौर पर जबरन मेंटेनेंस व्यवस्था को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश की गई और बाहरी बाउंसरों को लाए जाने का आरोप लगाया गया है।
अधिवक्ता वी.के. शर्मा के अनुसार, कुछ दिनों पहले एक समूह द्वारा मौजूदा फैसिलिटी मैनेजमेंट व्यवस्था को कथित तौर पर बलपूर्वक अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास किया गया। इस दौरान बाहरी बाउंसरों को लाए जाने का भी आरोप लगाया गया है, जिसे लेकर सोसायटी में सवाल उठे हैं।
मामले में समय रहते अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग किए जाने के बाद संबंधित न्यायालय ने विवादित हैंडओवर और मेंटेनेंस व्यवस्था के संबंध में Status Quo बनाए रखने का निर्देश दिया है।
अधिवक्ता वी.के. शर्मा का कहना है कि वर्तमान Association of Apartment Owners (AOA) का गठन ऐसे चुनाव के माध्यम से हुआ, जिसमें करीब 2,000 यूनिट्स में से 1,800 से अधिक निवासियों को कथित तौर पर भाग लेने का अवसर नहीं मिला। एसोसिएशन के गठन और चुनाव प्रक्रिया को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है।
इस संबंध में शर्मा द्वारा Civil Suit No. 2251/2026 भी दायर किया गया है, जो अभी लंबित है।
शर्मा के मुताबिक, पिछले वर्ष भी एसोसिएशन की ओर से मौजूदा फैसिलिटी मैनेजमेंट व्यवस्था को अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास किया गया था। उस समय उन्होंने IRP के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा था कि सोसायटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य अभी लंबित हैं।
उनके अनुसार, IRP ने उनकी आपत्ति स्वीकार की थी और मौजूदा व्यवस्था जारी रही।
इसके बाद एसोसिएशन द्वारा मेंटेनेंस हैंडओवर को लेकर NCLAT का रुख किया गया। शर्मा ने वहां भी प्रस्तावित हैंडओवर के खिलाफ हस्तक्षेप किया।
उनके अनुसार, बाद में सुप्रीम कोर्ट द्वारा Supertech परियोजनाओं से संबंधित मामलों पर विचार एवं निगरानी के लिए Apex Court Committee गठित किए जाने के बाद संबंधित दोनों मामले निस्तारित हो गए।
इसके बाद एसोसिएशन ने NCLAT में restoration application दाखिल की, जिसमें शर्मा की ओर से भी intervention किया गया है। यह application अभी लंबित है और इस पर सुनवाई होनी बाकी है।
शर्मा का आरोप है कि restoration application पर सुनवाई और निर्णय का इंतजार किए बिना, करीब तीन दिन पहले कुछ लोगों ने बाहरी बाउंसरों की मदद से मेंटेनेंस व्यवस्था अपने हाथ में लेने का प्रयास किया। यह कोशिश तब की गई जब मामला अदालत में लंबित था और कानूनी कार्रवाई चल रही थी।
स्थिति की आशंका को देखते हुए शर्मा ने दावा किया कि उन्होंने 9 सितंबर को ACP से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद 10 सितंबर को न्यायालय के समक्ष तत्काल आवेदन प्रस्तुत कर किसी भी जबरन takeover से सुरक्षा की मांग की गई।
उन्होंने DCP को भी मामले से अवगत कराने की बात कही है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे।
न्यायालय के Status Quo निर्देश के बाद फिलहाल CZAR में मौजूदा मेंटेनेंस व्यवस्था को लेकर स्थिति स्थिर बनी हुई है। शर्मा के मुताबिक, इससे पानी, बिजली, लिफ्ट, सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सेवाओं में संभावित व्यवधान को टाला जा सका है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी हैंडओवर को लेकर कानूनी अधिकार और सक्षम प्राधिकरण की अनुमति मौजूद है, तो उसे बल, बाहरी बाउंसरों या टकराव के बजाय कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से लागू किया जाना चाहिए।
अधिवक्ता वी.के. शर्मा ने सभी पक्षों से न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा कि विवादित हैंडओवर का फैसला पारदर्शिता, निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकरण या न्यायालय के आदेश के आधार पर होना चाहिए।
शर्मा ने कहा कि कानून को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए और सभी पक्षों को अदालती फैसले का इंतजार करना चाहिए।
फिलहाल मामले में न्यायालय का Status Quo आदेश लागू है और आगे की कार्रवाई संबंधित न्यायिक एवं सक्षम प्राधिकरणों के निर्णय पर निर्भर करेगी। मामले में अगली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्रेटर नोएडा की Supertech सोसायटी में क्या विवाद चल रहा है?
Supertech CZAR और Omicron-1 सोसायटी में मेंटेनेंस हैंडओवर को लेकर विवाद चल रहा है। कुछ लोगों ने बाहरी बाउंसरों की मदद से जबरन मेंटेनेंस व्यवस्था को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश की, जिससे अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ा।
अदालत ने इस मामले में क्या निर्णय दिया है?
अदालत ने Status Quo बनाए रखने का निर्देश दिया है, जिसका मतलब है कि वर्तमान मेंटेनेंस व्यवस्था वैसी ही रहेगी। यह निर्देश सक्षम न्यायालय और उच्च न्यायालय के आगामी आदेशों के अधीन है।
Association of Apartment Owners (AOA) के चुनाव को लेकर क्या समस्या है?
AOA का गठन ऐसे चुनाव से हुआ जिसमें 2,000 यूनिट्स में से 1,800 से अधिक निवासियों को भाग लेने का मौका नहीं मिला। इसी वजह से चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद चल रहा है।
Status Quo बनाए रखने से सोसायटी को क्या फायदा हुआ?
इससे पानी, बिजली, लिफ्ट, सुरक्षा, सफाई और दूसरी जरूरी सेवाओं में व्यवधान नहीं आया। मेंटेनेंस व्यवस्था लगातार चलती रही और निवासियों को समस्या नहीं हुई।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच में महिला की अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल कर पांच लाख रुपये वसूलने वाला …
- 2
भाजपा ने निष्कासित नेता की सपा एंट्री पर अखिलेश यादव को घेरा
- 3
गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले बहराइच में डीएम-एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
- 4
बहराइच: भावुक सुसाइड नोट लिखकर की युवक ने की आत्महत्या
- 5
थाना रुपईडीहा क्षेत्र में शातिर अपराधियों से हुई रूपईडीहा पुलिस की मुठभेड़।
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।