मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट जाएगी
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। आज नाम वापसी की आखिरी तारीख है। यदि कोर्ट से राहत नहीं मिलती, तो भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाएंगे।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र 9 जून को रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने खारिज कर दिया। भाजपा ने आरोप लगाया है कि मीनाक्षी ने अपने हलफनामे में तेलंगाना की एक अदालत में लंबित कानूनी मामले की जानकारी छिपाई। कांग्रेस ने इस फैसले को गैर-कानूनी बताते हुए इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया है।
कांग्रेस का कहना है कि यह मामला केवल एक कारण बताओ नोटिस तक सीमित है और इसे हलफनामे में शामिल करना अनिवार्य नहीं था। पार्टी ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से संपर्किया था, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली है। कांग्रेस ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का फैसला किया है।
आज नाम वापसी की आखिरी तारीख है। अगर सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिलती है, तो भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो जाएंगे। इस मामले पर चर्चा के लिए दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में बैठक बुलाई गई है।
कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। वहीं, भाजपा का दावा है कि मीनाक्षी ने नियमों का पालन नहीं किया, इसलिए उनका नामांकन खारिज होना सही है।
अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं। अगर कोर्ट ने कांग्रेस को राहत दी, तो यह मामला और बड़ा मोड़ ले सकता है। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो भाजपा के तीनों उम्मीदवार बिना किसी चुनौती के राज्यसभा पहुंच जाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन क्यों रद्द हुआ?
उनका नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने खारिज किया क्योंकि भाजपा ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने हलफनामे में एक कानूनी मामले की जानकारी छिपाई।
कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ क्या कदम उठा रही है?
कांग्रेस ने इस फैसले को गैर-कानूनी बताते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है।
अगर सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली, तो क्या होगा?
अगर सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलती, तो भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो जाएंगे।
कांग्रेस ने इस मामले में चुनाव आयोग से क्या कहा था?
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से संपर्क किया था, लेकिन उन्हें अब तक कोई राहत नहीं मिली है।
भाजपा का इस मामले पर क्या कहना है?
भाजपा का कहना है कि मीनाक्षी ने नियमों का पालन नहीं किया, इसलिए उनका नामांकन खारिज होना सही है।
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