चीनी फिल्म इराक युद्ध पर बिलियन युआन कमाकर सॉफ्ट पावर बढ़ा रहा है
इराक युद्ध पर चीनी ड्रामा फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर 1 बिलियन युआन की कमाई मिली। बीजिंग के सांस्कृतिक प्रभाव का ताजा उदाहरण।
इराक युद्ध पर बनी हिट फिल्म चीन की दुनिया के बारे में सोच के बारे में क्या कहती है?
कर्ज में डूबे एक शेफ की कहानी जो अनाथ बच्चों की रक्षा करता है, इराक युद्ध को दिखाने वाले एक चीनी ड्रामा ने कुछ ही दिनों में बॉक्स ऑफिस पर 1 बिलियन युआन (यूएस $148 मिलियन) कमा लिए हैं और यह बीजिंग के बढ़ते सॉफ्ट पावर कैंपेन का ताजा माध्यम बन गया है।
वन्स अपॉन ए टाइम इन द मिडिल ईस्ट का केंद्र शु फू है, एक चीनी शेफ जो अपना कर्ज चुकाने के लिए काम कर रहा होता है जब 2000 के दशक में अमेरिकी सेना एक अनाम देश पर हमला करती है। वह अपने छोटे रेस्टोरेंट को दोहरे काम के लिए बदल देता है—स्थानीय अनाथ बच्चों के लिए शरणस्थल और अमेरिकी सैनिकों को सर्व करने वाला एक बार।
दर्द पर आधारित कहानी
कहानी शु फू को बार-बार की मुसीबतों के बीच दिखाती है: उसका बिजनेस बर्बाद हो जाता है और उसे अमेरिकी बलों और स्थानीय उग्रवादी ग्रुपों दोनों ने जेल में डाल दिया। फिर भी वह बच्चों को आसपास की हिंसा से बचाने की कोशिश जारी रखता है। स्टेट मीडिया ने रिपोर्ट किया है कि फिल्म कई चीनी रेस्टोरेंट मालिकों के असली अनुभवों से ली गई है जो इराक युद्ध के दौरान वहां रहते थे।
बॉक्स ऑफिस सफलता और अंतरराष्ट्रीय पहुंच
फिल्म, जो ज्यादातर चीन में शूट की गई, 11 अगस्त को रिलीज हुई और अगले सोमवार तक बिलियन-युआन के आंकड़े तक पहुंच गई। अब इसे विदेशी बाजारों में भी दिखाया जा रहा है।
सॉफ्ट पावर की महत्वाकांक्षा
यह प्रोडक्शन सांस्कृतिक पहलों के एक बड़े पैटर्न में फिट बैठता है जिसका मकसद बीजिंग के नजरिए को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाना है। इराक संघर्ष को क्रॉसफायर में फंसे एक चीनी नागरिक के नजरिए से दिखाकर, फिल्म एक ऐसी कहानी पेश करती है जो चीन को मध्य पूर्वी संघर्षों में एक सैन्य खिलाड़ी की बजाय एक तटस्थ पर्यवेक्षक के रूप में दिखाती है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह फिल्म 'वन्स अपॉन ए टाइम इन द मिडिल ईस्ट' किस बारे में है?
यह फिल्म एक चीनी शेफ शु फू की कहानी है जो इराक युद्ध के दौरान अनाथ बच्चों की मदद करता है। अपना कर्ज चुकाने के लिए वह अपने रेस्टोरेंट को शरणस्थल और बार दोनों के रूप में चलाता है, जबकि अमेरिकी सेना और स्थानीय उग्रवादी ग्रुपों से लड़ता है।
यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितना कमा पाई?
फिल्म 11 अगस्त को रिलीज होने के बाद सिर्फ कुछ दिनों में 1 बिलियन युआन (करीब 148 मिलियन अमेरिकी डॉलर) कमा चुकी है।
चीन इस फिल्म के जरिए क्या संदेश देना चाहता है?
यह फिल्म चीन को मध्य पूर्वी संघर्षों में एक सैन्य खिलाड़ी की जगह एक तटस्थ पर्यवेक्षक के रूप में दिखाती है। यह बीजिंग की अंतरराष्ट्रीय सॉफ्ट पावर बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
क्या यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है?
हां, स्टेट मीडिया के मुताबिक यह फिल्म कई चीनी रेस्टोरेंट मालिकों के असली अनुभवों से प्रेरित है जो इराक युद्ध के समय वहां रहते थे।
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