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अगवा बच्चा पेंग वेनले अब करेगा पीएचडी, बनी प्रेरणा

चीन: 3 साल की उम्र में अगवा हुआ बच्चा, जिसने चाइल्ड ट्रैफिकिंग पर बनी फिल्म को प्रेरित किया, अब पीएचडी करेगा चीन का एक युवक, जिसे बचपन में अगवा कर लिया गया था और जो गुमशुदा बच्चों के परिवारों के लिए

अगवा बच्चा पेंग वेनले अब करेगा पीएचडी, बनी प्रेरणा
Photo by Muziyan Du on Pexels

चीन: 3 साल की उम्र में अगवा हुआ बच्चा, जिसने चाइल्ड ट्रैफिकिंग पर बनी फिल्म को प्रेरित किया, अब पीएचडी करेगा

चीन का एक युवक, जिसे बचपन में अगवा कर लिया गया था और जो गुमशुदा बच्चों के परिवारों के लिए उम्मीद की मिसाल बना, अब वुहान यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी में सीधे पीएचडी प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है। 21 साल के पेंग वेनले ने हाल ही में इसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री हासिल की है।

अगवा होने और वापसी की कहानी: परिवार की अटूट कोशिश

वेनले की कहानी हिम्मत और उनके माता-पिता के अडिग जज्बे की मिसाल है। 2008 में, जब वेनले सिर्फ 3 साल का था, उसे दक्षिणी चीन के शेनझेन में उसके माता-पिता की टेलीफोन सर्विस की दुकान के बाहर से अगवा कर लिया गया। यह घटना चंद मिनटों में हुई, जब वेनले दूसरे बच्चों के साथ खेल रहा था। उसके पिता पेंग गाओफेंग ने बताया कि एक आदमी ने जबरदस्ती बच्चे को उठाया और बस में बैठाकर फरार हो गया।

वेनले का परिवार मूल रूप से मध्य चीन के हुबेई प्रांत के कियानजियांग का रहने वाला है। वे बेहतर मौके की तलाश में एक साल पहले शेनझेन आए थे। वेनले के गायब होने से उसके माता-पिता टूट गए। उसकी मां शियोंग यीनी का वजन 10 किलो तक कम हो गया, जबकि उसके पिता ने कई प्रांतों में जाकर अपने बेटे को ढूंढने की हर संभव कोशिश की। उनकी ये मेहनत तीन साल बाद रंग लाई और वेनले वापस मिल गया।

शिक्षा से बदली जिंदगी

अपनी यात्रा को याद करते हुए वेनले ने अपने माता-पिता का धन्यवाद किया। उन्होंने माना कि उनके माता-पिता की कोशिशों ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। वेनले ने कहा, "अगर उनके प्रयास न होते, तो शायद मैं किसी गांव में खेती और पशुपालन कर रहा होता।" आज वेनले शिक्षा और मेहनत की ताकत की जीती-जागती मिसाल हैं।

समाज पर व्यापक असर

वेनले की कहानी ने चीन में चाइल्ड ट्रैफिकिंग के मुद्दे पर बनी एक फिल्म को प्रेरित किया, जिसने कई परिवारों के दर्द को उजागर किया। आज वेनले अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल उन परिवारों की मदद के लिए करते हैं, जो अब भी अपने गुमशुदा बच्चों की तलाश में हैं।

वेनले की यह शैक्षणिक उपलब्धि न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह दिखाती है कि किस तरह परिवार का अटूट साथ और संघर्ष किसी भी मुश्किल को हरा सकता है।

स्रोत: South China Morning Post

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेंग वेनले कौन है?

पेंग वेनले एक युवक है जिसे 3 साल की उम्र में अगवा किया गया था और अब वह पीएचडी करेगा।

पेंग वेनले की कहानी क्या है?

पेंग वेनले की कहानी उसके माता-पिता की मेहनत और संघर्ष की मिसाल है, जिन्होंने उसे 3 साल बाद वापस पाया।

पेंग वेनले किस यूनिवर्सिटी में पीएचडी कर रहा है?

पेंग वेनले वुहान यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस एंड टेक्नोलॉजी में पीएचडी कर रहा है।

पेंग वेनले की कहानी ने समाज पर क्या असर डाला?

पेंग वेनले की कहानी ने चीन में चाइल्ड ट्रैफिकिंग पर बनी फिल्म को प्रेरित किया और कई परिवारों के दर्द को उजागर किया।

पेंग वेनले अपने अनुभवों का उपयोग कैसे कर रहा है?

पेंग वेनले अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल उन परिवारों की मदद के लिए कर रहा है जो अपने गुमशुदा बच्चों की तलाश में हैं।

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