चीन में 'डार्क टूरिज़्म' का बढ़ता क्रेज, डिज़ास्टर सिमुलेशन का अनुभव
चीन में 'डार्क टूरिज़्म' का क्रेज बढ़ा, लोग ले रहे हैं डिज़ास्टर सिमुलेशन का रोमांचक अनुभव चीन में 'डार्क टूरिज़्म' का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
चीन में 'डार्क टूरिज़्म' का चलन तेजी से बढ़ रहा है। खासकर युवा बड़ी संख्या में डिज़ास्टर सिमुलेशन एक्सपीरियंस में हिस्सा ले रहे हैं। हांगझोउ में सितंबर 2024 में शुरू हुआ ल्वशिंग बेस इन दिनों एक पॉपुलर डेस्टिनेशन बन गया है। यहां लोग तूफान, फ्लैश फ्लड और शहरी बाढ़ जैसे खतरनाक हालात का सामना करते हुए सर्वाइवल स्किल्स सीख सकते हैं।
रोमांच और सीख का अनोखा मेल
डार्क टूरिज़्म, जिसे 'ग्रीफ टूरिज़्म' भी कहा जाता है, आमतौर पर उन जगहों पर जाने का चलन है जो मौत और त्रासदी से जुड़ी होती हैं। यह प्रथा सदियों पुरानी है, जैसे 17वीं सदी के ब्रिटेन में सार्वजनिक फांसी देखना। लेकिन अब इसका स्वरूप बदल गया है। चीन के डिज़ास्टर सिमुलेशन सेंटर्स रोमांच और शिक्षा का अनोखा मेल पेश कर रहे हैं।
ल्वशिंग बेस में लोग 899 युआन (करीब 135 अमेरिकी डॉलर) में व्यक्तिगत अनुभव ले सकते हैं। वहीं, फैमिली पैकेज, जिसमें जंगल में सर्वाइवल और वॉटर रेस्क्यू ट्रेनिंग शामिल है, लगभग 5,000 युआन का है। 6 से 14 साल के बच्चे भी कुछ खास एक्टिविटीज़ में हिस्सा ले सकते हैं। यहां के सिमुलेशन को बेहद रियलिस्टिक बनाया गया है। जैसे शहरी बाढ़ के दौरान अंडरग्राउंड कार पार्क में पानी भरना और हवा की रफ्तार 165 किमी/घंटा तक पहुंचना।
सुरक्षा के साथ रोमांच
शामिल होने वाले लोगों को थर्मल सूट और हेलमेट दिए जाते हैं। प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर्स रेस्क्यू और डिज़ास्टर रिस्पॉन्स तकनीकों की जानकारी देते हैं। सुरक्षा स्टाफ भी हर वक्त मौजूद रहता है ताकि किसी को परेशानी हो तो तुरंत मदद मिले। कई लोगों के लिए यह अनुभव अपने डर का सामना करने का एक सुरक्षित तरीका है। एक प्रतिभागी शियाओफेई, जो एक तटीय शहर में पली-बढ़ी हैं, ने बताया कि शहरी बाढ़ के सिमुलेशन ने उन्हें इन आपदाओं की गंभीरता का एहसास कराया। एक अंडरग्राउंड कार पार्क में जब पानी उनकी गर्दन तक पहुंचा, तो वह अनुभव उनके लिए बेहद वास्तविक था।
डार्क टूरिज़्म पर नैतिक सवाल
एशिया में डार्क टूरिज़्म का चलन बढ़ने के साथ ही इस पर नैतिक बहस भी शुरू हो गई है। आलोचकों का कहना है कि क्या ऐसे अनुभव इंसानी पीड़ा पर गहन सोच को बढ़ावा देते हैं या फिर इसे महज मनोरंजन बना देते हैं। वहीं, समर्थकों का मानना है कि ये सिमुलेशन जागरूकता बढ़ाने और खासकर आपदा-प्रवण इलाकों में व्यावहारिक सर्वाइवल स्किल्स सिखाने में मददगार हो सकते हैं।
जैसे-जैसे यह ट्रेंड बढ़ रहा है, ल्वशिंग बेस जैसे सेंटर्स शिक्षा, रोमांच और नैतिकता के बीच एक नया रास्ता दिखा रहे हैं। ये प्राकृतिक आपदाओं की सच्चाई को समझने का एक अनोखा मौका दे रहे हैं।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चीन में डार्क टूरिज़्म क्या है?
डार्क टूरिज़्म, जिसे ग्रीफ टूरिज़्म भी कहा जाता है, उन जगहों पर जाने का चलन है जो मौत और त्रासदी से जुड़ी होती हैं।
ल्वशिंग बेस में क्या अनुभव किया जा सकता है?
ल्वशिंग बेस में लोग तूफान, फ्लैश फ्लड और शहरी बाढ़ जैसे खतरनाक हालात का सामना करते हुए सर्वाइवल स्किल्स सीख सकते हैं।
डार्क टूरिज़्म का क्या लाभ है?
यह सिमुलेशन जागरूकता बढ़ाने और आपदा-प्रवण इलाकों में व्यावहारिक सर्वाइवल स्किल्स सिखाने में मददगार हो सकते हैं।
ल्वशिंग बेस में शामिल होने की लागत क्या है?
ल्वशिंग बेस में व्यक्तिगत अनुभव के लिए 899 युआन और फैमिली पैकेज के लिए लगभग 5,000 युआन की लागत आती है।
सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम हैं?
शामिल होने वाले लोगों को थर्मल सूट और हेलमेट दिए जाते हैं, और प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर्स और सुरक्षा स्टाफ हर वक्त मौजूद रहते हैं।
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