मुख्यमंत्री ने 1,100 श्रद्धालुओं के लिए सोमनाथ धाम की स्पेशल ट्रेन रवाना की
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1,100 श्रद्धालुओं को लेकर सोमनाथ धाम जाने वाली स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाई पटना: सोमवार दोपहर पटना के पाटलिपुत्र जंक्शन से 1,100 श्रद्धालुओं को लेकर एक स्पेशल ट्रेन
पटना: सोमवार दोपहर पटना के पाटलिपुत्र जंक्शन से 1,100 श्रद्धालुओं को लेकर एक स्पेशल ट्रेन गुजरात के सोमनाथ धाम के सात दिन के धार्मिक यात्रा पर रवाना हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दोपहर 3:30 बजे ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इस पूरी तरह से सरकारी खर्च पर होने वाली यात्रा की शुरुआत की।
सरकार की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए खास पहल
इस यात्रा को बिहार सरकार के कला, संस्कृति और युवा विभाग ने गुजरात सरकार के सहयोग से आयोजित किया है। इस कार्यक्रम में यात्रा, रहने, खाने और स्थानीय परिवहन का पूरा खर्च सरकार उठा रही है। इसके साथ ही मेडिकल सहायता और सुरक्षा भी पूरे सफर के दौरान उपलब्ध कराई जा रही है। बिहार कैबिनेट ने पहले ही इस धार्मिक यात्रा के लिए 2.5 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। यात्रा का समापन 26 जुलाई को होगा।
यात्रा के खास पहलू
19 मॉडर्न एलएचबी कोच वाली इस ट्रेन में 16 थर्ड एसी कोच, एक पैंट्री कार और दो पावर जनरेशन कोच शामिल हैं। ट्रेन 44 घंटे का सफर तय करके 22 जुलाई को सुबह 11 बजे गुजरात के वेरावल रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। वहां से श्रद्धालुओं को सोमनाथ धाम तक ले जाने के लिए खास ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था की गई है।
22 और 23 जुलाई को श्रद्धालु सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और आसपास के धार्मिक और पर्यटन स्थलों का दौरा करेंगे। 26 जुलाई को ये ट्रेन श्रद्धालुओं को लेकर पटना वापस लौटेगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य का खास ध्यान
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक मेडिकल टीम तैनात की है, जिसमें डॉक्टर और पैरामेडिक्स शामिल हैं। इसके अलावा, पांच पुलिसकर्मी पूरे सफर के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
धरोहर और आस्था का उत्सव
इस साल की यात्रा सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ के साथ मेल खा रही है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के प्रभास पाटन के पास स्थित यह मंदिर विदेशी आक्रमणों के दौरान कई बार ध्वस्त किया गया, लेकिन आज यह भारत की सांस्कृतिक दृढ़ता और आस्था का प्रतीक है।
यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के "सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – 1,000 साल की अटूट आस्था" अभियान का हिस्सा है, जिसे संस्कृति मंत्रालय चला रहा है। इस पहल के जरिए बिहार सरकार का उद्देश्य भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर से लोगों को जोड़ना और जनभागीदारी व जागरूकता को बढ़ावा देना है।
स्रोत: The Hindu
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