चंदौसी में उत्तर भारत के प्रसिद्ध गणेश मेले की धूमधाम से शुरुआत
चंदौसी में उत्तर भारत के प्रसिद्ध गणेश मेले की शुरुआत बड़ी धूमधाम के साथ हुई। भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ गणेश चतुर्थी मेले का आयोजन बहुत हर्षोल्लास के साथ किया गया।
चंदौसी में उत्तर भारत के प्रसिद्ध गणेश मेले की शुरुआत बड़ी धूमधाम के साथ हुई। भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के साथ गणेश चतुर्थी मेले का आयोजन बहुत हर्षोल्लास के साथ किया गया।
रथ यात्रा का शुभारंभ केंद्रीय राज्यमंत्री बी.एल. वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटकर किया। मुख्य रथ पर विराजमान भगवान गणेश की आरती माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाब देवी और पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने की।
रथ यात्रा सीता रोड स्थित गणेश मंदिर से शुरू हुई। यात्रा बिसौली गेट, बड़ा बाजार, घंटा घर, खूजा गेट और कैथल गेट होते हुए मुख्य मार्गों से निकली। इसके बाद यात्रा मेला गणेश चौथ होती हुई गणेश मंदिर पर खत्म हुई।
यात्रा में सबसे आगे ढोल-नगाड़े बजाते हुए कलाकार थे। उसके पीछे सजे हुए ऊंट, गोरिल्ला और गुड्डा-गुड़िया की झांकी थी। केरल कथकली और बरेली बैंड के साथ अर्द्ध हनुमान-गणेश की झांकी, भगवान श्री राम की झांकी, नृत्य मुद्रा में भगवान गणेश की झांकी और स्टेशनरी से बने भगवान हनुमान की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
इस साल भगवान गणेश की झांकी मोरपंखी स्टोन से बनाई गई है और भगवान हनुमान जी की झांकी स्टेशनरी से तैयार की गई है। ये दोनों झांकियां भक्तों के मुख्य आकर्षण का केंद्र रहीं।
इस दौरान शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, पुलिस अधीक्षक विकास त्रिपाठी, सीओ चंदौसी विवेक जाटला, सीओ बहजोई श्रुति सिंह, उपजिलाधिकारी आशुतोष तिवारी, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संत कुमार, मेला कोतवाली प्रभारी गजेंद्र सिंह और तहसीलदार रविंद्र विक्रम समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
गणेश चतुर्थी पर घर-घर बप्पा विराजे। नगर के सीता रोड स्थित गणेश मंदिर पर सुबह 4 बजे से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया। भक्तों ने गणपति बप्पा को दूध, घास और फल-फूल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की।
रिपोर्ट राजत मल्होत्रा ने तैयार की है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चंदौसी के गणेश मेले की शुरुआत किसने की?
केंद्रीय राज्यमंत्री बी.एल. वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटकर रथ यात्रा का शुभारंभ किया।
गणेश मेले की रथ यात्रा कहां से शुरू हुई और कहां खत्म हुई?
रथ यात्रा सीता रोड स्थित गणेश मंदिर से शुरू हुई और बिसौली गेट, बड़ा बाजार, घंटा घर, खूजा गेट और कैथल गेट होते हुए मेला गणेश चौथ को पार करके फिर गणेश मंदिर पर खत्म हुई।
इस साल गणेश और हनुमान की झांकियां किससे बनाई गई हैं?
भगवान गणेश की झांकी मोरपंखी स्टोन से बनाई गई है और भगवान हनुमान की झांकी स्टेशनरी से तैयार की गई है।
रथ यात्रा में कौन-कौन सी झांकियां शामिल थीं?
रथ यात्रा में केरल कथकली और बरेली बैंड के साथ अर्द्ध हनुमान-गणेश की झांकी, भगवान श्री राम की झांकी, नृत्य मुद्रा में भगवान गणेश की झांकी, स्टेशनरी से बने भगवान हनुमान की झांकी और सजे हुए ऊंट, गोरिल्ला और गुड्डा-गुड़िया की झांकी शामिल थीं।
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