कर्नाटक में सूखे का आकलन, केंद्रीय टीमों का दूसरे दिन दौरा जारी
कर्नाटक में केंद्रीय टीमों ने दूसरे दिन यादगिर, रायचूर, मैसूरु, हासन और दावणगेरे के गांवों का दौरा कर किसानों से हालात समझे।
सूखे से प्रभावित इलाकों का केंद्रीय टीमों का दौरा जारी
कर्नाटक में सूखे के असर का आकलन कर रही अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों ने रविवार को लगातार दूसरे दिन भी अपना मैदानी दौरा जारी रखा। आकलन के दौरान टीमों ने किसानों और अधिकारियों से मुलाकात की।
प्रभावित जिलों में दौरा
टीमों ने यादगिर और रायचूर जिलों के सूखे से प्रभावित कई गांवों का दौरा किया। इसके अलावा, उन्होंने मैसूरु जिले के सलिग्रामा तालुक के गेर्दादा और अराकेरे गांवों का भी दौरा किया। टीमों ने हासन और दावणगेरे जिलों के कुछ गांवों में भी जाकर हालात का जायजा लिया।
दौरे के दौरान टीमों ने किसानों के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों से भी बातचीत की। मौके पर किसानों और अधिकारियों के साथ हुई यह बातचीत, सूखे की स्थिति और प्रभावित इलाकों में हुए नुकसान के आकलन का हिस्सा है। टीमों ने जमीन पर मौजूद हालात को समझने और नुकसान का आकलन करने के लिए इन इलाकों का दौरा किया।
आकलन के बाद केंद्र को रिपोर्ट
केंद्रीय टीमें 6 अक्टूबर तक सूखे की स्थिति का आकलन करेंगी और हुए नुकसान का अनुमान लगाएंगी। यह पूरी कवायद खत्म होने के बाद टीमें केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।
यह आकलन ऐसे समय में हो रहा है, जब कर्नाटक ने सूखे से राहत की मांग करते हुए केंद्र को दो ज्ञापन सौंपे हैं। राज्य ने नुकसान का अनुमान करीब ₹46,000 करोड़ लगाया है। राज्य ने केंद्रीय दिशानिर्देशों के तहत करीब ₹7,500 करोड़ की राहत भी मांगी है। प्रभावित गांवों के दौरे और किसानों तथा अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद केंद्रीय टीमों की रिपोर्ट सामने आएगी।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केंद्रीय टीमों ने कर्नाटक में किन जिलों का दौरा किया?
टीमों ने यादगिर, रायचूर, मैसूरु, हासन और दावणगेरे जिलों के सूखे से प्रभावित गांवों का दौरा किया।
केंद्रीय टीमों ने दौरे के दौरान किनसे मुलाकात की?
टीमों ने किसानों और संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर सूखे की स्थिति और नुकसान की जानकारी ली।
केंद्रीय टीमें सूखे का आकलन कब तक करेंगी?
केंद्रीय टीमें 6 अक्टूबर तक सूखे की स्थिति और नुकसान का आकलन करेंगी।
आकलन पूरा होने के बाद केंद्रीय टीमें क्या करेंगी?
आकलन पूरा होने के बाद टीमें केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी।
कर्नाटक ने केंद्र से कितनी राहत मांगी है?
कर्नाटक ने करीब ₹7,500 करोड़ की राहत मांगी है और नुकसान का अनुमान करीब ₹46,000 करोड़ बताया है।
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