कोलकाता हाई कोर्ट ने योग दिवस पर रेड रोड ट्रैफिक रोकने का फैसला बरकरार रखा
कोलकाता हाई कोर्ट ने योग दिवस के लिए रेड रोड पर ट्रैफिक रोक लगाने के फैसले को बरकरार रखा कोलकाता: कोलकाता हाई कोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए 14 जून से 21 जून तक रेड रोड पर गाड़ियों की आवाजाही
कोलकाता: कोलकाता हाई कोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए 14 जून से 21 जून तक रेड रोड पर गाड़ियों की आवाजाही रोकने के कोलकाता पुलिस के फैसले को सही ठहराया है। हालांकि, कोर्ट ने इस आयोजन के लिए रेड रोड को चुनने पर सवाल उठाया और पूछा कि इसे ब्रिगेड परेड ग्राउंड में क्यों नहीं किया जा सकता।
यह मामला एडवोकेट्स एसोसिएशन ने उठाया था, जिसकी तरफ से सीनियर एडवोकेट बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने कोर्ट में दलील दी। उन्होंने आठ दिनों तक रोड बंद करने के फैसले को चुनौती दी। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने पुलिस को निर्देश दिया कि ट्रैफिक रोक के दौरान लोगों के लिए वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की जाए।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि 21 जून को कार्यक्रम खत्म होते ही रेड रोड को तुरंत आम जनता के लिए खोल दिया जाए। सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि रोड को इतने लंबे समय तक बंद करने की जरूरत क्यों है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और मानवाधिकार दिवस जैसे दूसरे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में ऐसा नहीं होता।
जस्टिस भट्टाचार्य ने इस कार्यक्रम को गैर-राजनीतिक बताते हुए कहा कि यह उन रोड ब्लॉकेड्स से अलग है, जो अक्सर राजनीतिक कार्यक्रमों की वजह से होते हैं। वहीं, एडिशनल एडवोकेट जनरल (एएजी) बिल्वदल भट्टाचार्य ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि योग दिवस का यह कार्यक्रम राज्य सरकार का आयोजन है, न कि कोई निजी या धार्मिक कार्यक्रम।
कोर्ट की टिप्पणियों ने यह बड़ा मुद्दा उठाया कि राज्य सरकार के आयोजनों के महत्व और आम जनता की सुविधा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कोलकाता हाई कोर्ट ने योग दिवस के लिए रेड रोड पर ट्रैफिक रोक का फैसला क्यों सही ठहराया?
कोर्ट ने माना कि यह एक गैर-राजनीतिक, राज्य सरकार का आयोजन है। जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि यह अक्सर होने वाले राजनीतिक रोड ब्लॉकेड्स से अलग है। हालांकि, कोर्ट ने ब्रिगेड परेड ग्राउंड जैसी जगह चुनने पर सवाल भी उठाया।
रेड रोड पर कितने समय के लिए ट्रैफिक बंद है?
14 जून से 21 जून तक, यानी कुल 8 दिनों के लिए रेड रोड पर गाड़ियों की आवाजाही रोकी गई है।
कोर्ट ने पुलिस को क्या निर्देश दिए?
कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि ट्रैफिक रोक के दौरान लोगों के लिए वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की जाए। साथ ही, 21 जून को कार्यक्रम खत्म होते ही रेड रोड को तुरंत आम जनता के लिए खोल दिया जाए।
एडवोकेट्स एसोसिएशन ने इस फैसले को क्यों चुनौती दी?
सीनियर एडवोकेट बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने कहा कि रोड को इतने लंबे समय तक बंद करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और मानवाधिकार दिवस जैसे अन्य आयोजनों में ऐसा नहीं होता।
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