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पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर BSF ने शुरू किया फेंसिंग का काम, स्थानीय लोग बोले- अब चैन से सो पाएंगे

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के सर्कारपाड़ा गांव में BSF ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का काम शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और कहा कि अब वे बिना डर के रात में चैन से सो सकेंगे।

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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के सर्कारपाड़ा गांव में BSF ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का काम शुरू कर दिया है।

स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और कहा कि अब वे बिना डर के रात में चैन से सो सकेंगे।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)

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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के सर्कारपाड़ा गांव में भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का काम शुरू हो चुका है। यह गांव ज़ीरो लाइन पर स्थित है और यहां करीब 4,000 लोग रहते हैं, जिनमें से 95% लोग खेती पर निर्भर हैं। लंबे समय से इस क्षेत्र के लोग सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और फसलों की चोरी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि बांग्लादेशी नागरिक उनके खेतों में घुसकर फसल काट ले जाते थे, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बनती थी।

गांव के एक निवासी पिंटू मंडल ने बताया कि शाम 5 बजे के बाद खेतों में जाना सुरक्षित नहीं था, लेकिन अब BSF की फेंसिंग से उन्हें उम्मीद है कि ऐसी घटनाएं रुकेंगी। BSF के जवान अब सीमा पर हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं और माइक के जरिए चेतावनी भी देते हैं। इससे स्थानीय लोगों को भरोसा हो गया है कि उनकी फसल सुरक्षित रहेगी।

केंद्र सरकार ने हाल ही में BSF को पश्चिम बंगाल में 27 किलोमीटर जमीन आवंटित की है, जिसमें से 18 किलोमीटर पर फेंसिंग और 9 किलोमीटर पर बॉर्डर आउटपोस्ट बनाए जाएंगे। यह काम जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, सिलीगुड़ी, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में शुरू किया गया है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल बांग्लादेश के साथ 2,216 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है, जो भारत-बांग्लादेश की सबसे लंबी राज्य सीमा है। 2021 में केंद्र सरकार ने BSF के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया था। हालांकि, इस फैसले का राज्य सरकार ने विरोध किया था। लेकिन अब फेंसिंग के इस कदम से स्थानीय लोगों को सुरक्षा की नई उम्मीद मिली है। Read full story for details. Read full story for details. Read full story for details. Read full story for details. Read full story for details. Read full story for details. Read full story for details. Read full story for details. Read full story for details. Read full story for details. Read full story for details.