बीआरएस का आरोप: कालेश्वरम मरम्मत न कराकर पानी संकट बढ़ा रही कांग्रेस सरकार
बीआरएस नेता टी. जीवन रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कालेश्वरम बैराजों की छोटी मरम्मत नहीं कराई, जिससे तेलंगाना में पानी की कमी बढ़ी।
विकल्प होने के बावजूद सरकार लोगों को सूखे जैसी परेशानी झेलने पर मजबूर कर रही है: बीआरएस
बीआरएस के महासचिव और पूर्व मंत्री टी. जीवन रेड्डी ने आरोप लगाया कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने कालेश्वरम प्रोजेक्ट के बैराजों पर मामूली मरम्मत नहीं कराई, जिसकी वजह से उपलब्ध कालेश्वरम पानी का इस्तेमाल नहीं किया गया।
बीआरएस का कहना है कि मरम्मत होती तो पानी उठाया जा सकता था
श्री जीवन रेड्डी ने कहा कि सरकार ने कालेश्वरम प्रोजेक्ट के तीन बैराजों पर बैक वाटर उठाने के लिए छोटी-मोटी मरम्मत तक शुरू नहीं की।
उन्होंने इस नाकामी को सिंचाई और पीने के पानी के दबाव से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह साल एल नीनो से प्रभावित साल जैसा है।
उनके मुताबिक, किसान और आम लोग सिंचाई और घरों की जरूरतों के लिए पानी की कमी का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह परेशानी तब भी जारी है, जब सरकार के पास मामूली मरम्मत कराने के बाद कालेश्वरम बैराजों से पानी उठाकर पानी उपलब्ध कराने का मौका था।
श्री जीवन रेड्डी ने यह भी कहा कि 1,100 टीएमसी फीट से ज्यादा पानी सरप्लस के तौर पर समुद्र में चला गया।
जलाशयों में कम स्टोरेज का हवाला
उन्होंने कहा कि तेलंगाना के पास इस साल पानी लेने का मौका है, क्योंकि ज्यादातर जलाशयों में स्टोरेज कम है।
उन्होंने पिछली सरकार की ओर से तैयार किए गए उस इंफ्रास्ट्रक्चर का भी जिक्र किया, जिसके जरिए पानी को पंप कर वापस श्रीरामसागर प्रोजेक्ट में डाला जा सकता था।
श्री जीवन रेड्डी के मुताबिक, श्रीरामसागर प्रोजेक्ट में अब अपनी क्षमता का सिर्फ आधा पानी है।
उन्होंने याद दिलाया कि नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी ने कालेश्वरम बैराजों से पानी उठाने पर फैसला लेने के लिए राज्य सरकार को पूरी छूट दी थी।
मेडिगड्डा नुकसान और लागत का दावा
मेडिगड्डा बैराज की बात करते हुए श्री जीवन रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस के हिसाब से भी अगर कालेश्वरम प्रोजेक्ट पर ₹1 लाख करोड़ खर्च हुए हैं, तो बैराज की कीमत ₹4,000 करोड़ होगी।
उन्होंने कहा कि सातवें ब्लॉक की कीमत ₹600 करोड़ बैठेगी।
उन्होंने दावा किया कि क्षतिग्रस्त हिस्से पर सिर्फ ₹200 करोड़ खर्च आएगा।
श्री जीवन रेड्डी ने आरोप लगाया कि सरकार यह रकम खर्च कर क्षतिग्रस्त हिस्से को फिर इस्तेमाल में ला सकती थी और सूखे जैसे हालात से बचा जा सकता था।
यह रिपोर्ट 27 सितंबर, 2026 को 08:22 pm IST पर प्रकाशित हुई थी।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बीआरएस ने कांग्रेस सरकार पर क्या आरोप लगाया है?
बीआरएस का आरोप है कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने कालेश्वरम प्रोजेक्ट के बैराजों पर छोटी-मोटी मरम्मत नहीं कराई, इसलिए उपलब्ध पानी का इस्तेमाल नहीं हो पाया और पानी संकट बढ़ा।
टी. जीवन रेड्डी के मुताबिक मरम्मत होती तो क्या फायदा होता?
टी. जीवन रेड्डी का कहना है कि मरम्मत के बाद कालेश्वरम बैराजों से बैक वाटर उठाकर सिंचाई और पीने के पानी की जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था।
बीआरएस ने जलाशयों और श्रीरामसागर प्रोजेक्ट को लेकर क्या कहा?
बीआरएस ने कहा कि इस साल ज्यादातर जलाशयों में स्टोरेज कम है और श्रीरामसागर प्रोजेक्ट में भी अपनी क्षमता का सिर्फ आधा पानी है, इसलिए कालेश्वरम से पानी उठाने का मौका था।
मेडिगड्डा बैराज की मरम्मत पर बीआरएस का क्या दावा है?
टी. जीवन रेड्डी ने दावा किया कि मेडिगड्डा बैराज के क्षतिग्रस्त हिस्से को करीब ₹200 करोड़ में ठीक किया जा सकता था और इससे सूखे जैसे हालात से बचने में मदद मिलती।
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