बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा का आज दूसरा और अंतिम चरण है।
38 जिलों में 500 परीक्षा केंद्रों पर 5.52 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा से पहले ट्रेनों में भारी भीड़ और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।
बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा का आज दूसरा और अंतिम चरण है।
38 जिलों में 500 परीक्षा केंद्रों पर 5.52 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा से पहले ट्रेनों में भारी भीड़ और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।

Candidates gather at railway stations for the Bihar Police r · NewsDarpan AI
बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा का आज दूसरा और अंतिम चरण है। राज्य के 38 जिलों में बनाए गए 500 परीक्षा केंद्रों पर करीब 5.52 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की एंट्री शुरू हो चुकी है।
मंगलवार को परीक्षा से पहले कई ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिली। हटिया से पूर्णिया कोर्ट जा रही कोसी एक्सप्रेस के एसी कोच में परीक्षार्थी घुस गए। एसी फेल होने पर कोच बी-4 में छात्रों ने दो शीशे तोड़ दिए और बाथरूम का शीशा भी क्षतिग्रस्त कर दिया। राजेंद्रनगर स्टेशन पर भी एक शीशा जबरन निकाला गया।
भभुआ इंटरसिटी एक्सप्रेस में क्षमता से कई गुना अधिक लोग सवार थे। तारेगना स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बाद भी प्लेटफॉर्म पर खड़े सैकड़ों यात्री ट्रेन में चढ़ नहीं सके। बोगियों के अंदर उमस के चलते कई यात्री बेहोश हो गए। जब ट्रेन परसा स्टेशन से आगे महुली पहुंची, तो भीड़ से परेशान यात्रियों ने बार-बार चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका। इसी दौरान नाराज यात्रियों ने ट्रेन पर पथराव कर दिया।
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने 30 स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। ये ट्रेनें अलग-अलग जिलों के लिए चलाई जाएंगी ताकि परीक्षार्थी समय पर अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सकें। हालांकि, कई रेलवे स्टेशनों पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के कारण उन्हें प्लेटफॉर्म और स्टेशनों पर सोना पड़ा। पटना, मुजफ्फरपुर, सीवान और मधुबनी जैसे शहरों में होटलों में रूम नहीं मिलने की वजह से छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।