भीम ने दिल्ली में शिक्षकों-वकीलों के लिए मानवाधिकार ट्रेनिंग कराई
भारतीय मानवाधिकार पहल फॉर द मार्जिनलाइज्ड (BHIM) ने नई दिल्ली में अकादमिक जगत और अधिवक्ताओं के लिए एक विशेष मानवाधिकार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
भारतीय मानवाधिकार पहल फॉर द मार्जिनलाइज्ड (BHIM) ने नई दिल्ली में अकादमिक जगत और अधिवक्ताओं के लिए एक विशेष मानवाधिकार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम 26 सितंबर 2026 को 93, साउथ एवेन्यू, प्रेसिडेंट्स एस्टेट, नई दिल्ली में हुआ। इसमें मुख्य रूप से शिक्षाविदों, प्रोफेसरों, शिक्षकों और प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का विषय “न्याय के लिए, समानता के लिए, बेहतर कल के लिए” रखा गया था। इस प्रशिक्षण का मकसद प्रतिभागियों को मानवाधिकारों की बेहतर समझ देना था। साथ ही उन्हें यह बताना भी था कि मानवाधिकार से जुड़ी शिकायतों और याचिकाओं को संबंधित संस्थाओं के सामने व्यावहारिक तरीके से कैसे रखा जाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत हाई टी स्वागत समारोह के साथ हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलन किया गया। फिर मानवाधिकारों से जुड़े अलग-अलग विषयों पर तीन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में कानून, प्रक्रिया, ऑनलाइन फाइलिंग और शिकायत निवारण से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
पहले सत्र में श्री देबिन्द्र कुंद्रा, पूर्व सहायक रजिस्ट्रार (विधि), राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने मानवाधिकार उल्लंघनों के अलग-अलग वर्गीकरण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही मानवाधिकार संबंधी याचिकाएं और शिकायतें दाखिल करने की प्रक्रिया पर भी बात की। इस सत्र में मानवाधिकार कानून के शैक्षणिक और व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की गई, ताकि अकादमिक क्षेत्र और विधिक पेशे से जुड़े लोग इस विषय को प्रक्रिया के स्तर पर भी समझ सकें।
दूसरे सत्र में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सिस्टम एनालिस्ट श्री अमित कुमार शर्मा ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने मानवाधिकार शिकायतों की ऑनलाइन फाइलिंग और उनके प्रसंस्करण की प्रक्रिया समझाई। प्रतिभागियों को बताया गया कि ऑनलाइन पोर्टल के जरिए शिकायत कैसे दर्ज की जाती है। उन्हें शिकायत के अलग-अलग चरणों और संबंधित प्रक्रियात्मक पहलुओं की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में डॉ. ओम प्रकाश व्यास, अध्यक्ष, दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्व संयुक्त रजिस्ट्रार (विधि)-प्रभारी, ने प्रतिभागियों के साथ एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र किया। इस दौरान मानवाधिकार संरक्षण, शिकायत निवारण की संस्थागत व्यवस्था और मानवाधिकारों के प्रभावी संरक्षण में अधिवक्ताओं और शिक्षाविदों की भूमिका से जुड़े कई सवालों पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने अपने सवाल रखे और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लिया।
इस कार्यक्रम ने अकादमिक जगत और विधिक क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को एक साझा मंच दिया। यहां प्रतिभागियों ने मानवाधिकार संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक और प्रक्रियात्मक विषयों पर अपने विचार साझा किए। उन्हें विशेषज्ञों से यह समझने का मौका मिला कि मानवाधिकार से जुड़े मामलों में शिकायतों और याचिकाओं को सही संस्थाओं तक किस तरह पहुंचाया जा सकता है।
BHIM ने इस अवसर पर मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। संगठन ने न्याय तक पहुंच को मजबूत करने और समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों के अधिकारों के संरक्षण के प्रति भी अपनी प्रतिबद्धता जताई। BHIM द्वारा भविष्य में भी विभिन्न वर्गों के पेशेवरों और हितधारकों के लिए ऐसे क्षमता-विकास और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के लिए दोपहर के भोजन के साथ हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
BHIM ने दिल्ली में कौन सा कार्यक्रम कराया?
BHIM ने नई दिल्ली में शिक्षकों, प्रोफेसरों, शिक्षाविदों और प्रैक्टिस कर रहे वकीलों के लिए मानवाधिकार ट्रेनिंग कार्यक्रम कराया।
यह मानवाधिकार ट्रेनिंग कब और कहां हुई?
यह कार्यक्रम 26 सितंबर 2026 को 93, साउथ एवेन्यू, प्रेसिडेंट्स एस्टेट, नई दिल्ली में हुआ।
इस ट्रेनिंग का मुख्य मकसद क्या था?
इसका मकसद लोगों को मानवाधिकारों की बेहतर समझ देना और शिकायतों व याचिकाओं को सही संस्थाओं के सामने व्यावहारिक तरीके से रखना सिखाना था।
कार्यक्रम में किन विषयों पर ट्रेनिंग दी गई?
ट्रेनिंग में मानवाधिकार कानून, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, ऑनलाइन फाइलिंग, शिकायत के अलग-अलग चरण और शिकायत निवारण जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में कौन-कौन विशेषज्ञ शामिल हुए?
इसमें NHRC के पूर्व सहायक रजिस्ट्रार श्री देबिन्द्र कुंद्रा, NHRC के सिस्टम एनालिस्ट श्री अमित कुमार शर्मा और DCPCR अध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने सत्र लिए।
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